लाइव टीवी

10 दिन बाद भी नहीं हो पाया आनंदपाल के शव का अंतिम संस्कार, कई सवाल मगर जवाब नहीं

Bhawani Singh | News18Hindi
Updated: July 3, 2017, 11:59 PM IST
10 दिन बाद भी नहीं हो पाया आनंदपाल के शव का अंतिम संस्कार, कई सवाल मगर जवाब नहीं
Anand Pal Singh: फाइल फोटो

  • Share this:
गैंगस्टर आनंदपाल के एनकाउंटर को दस दिन गुजर चुके हैं. लेकिन अब तक उसका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है. उसके शव को उसके पैतृक गांव सांवराद में उसके घर पर रखा गया है. राजस्थान मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करके पूछा कि अंतिम संस्कार क्यों नहीं हो रहा.

आनंदपाल के शव के अंतिम संस्कार की सरकार की सभी कोशिशें नाकाम हो चुकी हैं. पुलिस ने गांव की बिजली काट दी है जिससे शव को फ्रीजर में न रख सके. परिजनों ने भी जनरेटर का इंतजाम कर लिया. फिर फ्रीजर सीज कर दिया. परिजन और समर्थक बर्फ की सिला ले आए. पुलिस ने गांव के चारों ओर खाई खोद दी जिससे गांववाले बर्फ न ला सकें.

पुलिस इस उम्मीद में थी कि शव सड़ने लगेगा तो अंतिम संस्कार के लिए दबाब बढ़ेगा. सरकार ने पूरे नागौर जिले में इंटरनेट बंद कर दिया जिससे गैंगस्टर के परिवार को मिल रहा समर्थन रुक जाए.

रविवार रात को पुलिस ने इंतजाम कर लिया था कि किसी भी कीमत पर सोमवार सुबह अंतिम संस्कार हो जाए. पुलिस को उम्मीद भी थी. एसटीएफ बुला ली गई और गांव को घेर लिया गया. लेकिन सोमवार को फिर गणित गड़बड़ा गया.

सांवराद में राजस्थान के कई जिलों से सैंकड़ों गाड़ियों का काफिला परिवार के समर्थन में पहुंच गया. अब परिजन मांग कर रहे हैं कि आनंदपाल के शव को शहीदों के शव की तरह ग्लास के डीप फ्रीजर बॉक्स में रखने का इंतजाम सरकार करे. सवाल ये कि क्या उसने कोई शहादत दी थी?

परिवार की तीन मुख्य मांगे हैं. पहली एनकांउटर की सरकार सीबीआई जांच करवाए. दूसरी आनंदपाल के गिरफ्तार दोनों भाई विक्की और गट्टू को अंतिम संस्कार के लिए रिहा करे. तीसरी शव का पोस्टमार्टम एम्स के मेडिकल बोर्ड से करवाए. सरकार तीनों ही मांग मानने के लिए तैयार नहीं है.

लेकिन ये लड़ाई सरकार औऱ गैंगस्टर के परिवार तक नहीं रही, अब सियासी मुद्दा बन चुकी है. कई सामाजिक संगठन परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए मैदान में कूद चुके हैं. खुद कांग्रेस पार्टी सरकार से सीबीआई जांच की मांग कर रही है. सवाल कई हैं. पहला तो सरकार से ही कि अगर मुठभेड़ को लेकर कोई शक नहीं है तो जांच से परहेज क्यों? दूसरा कल तक आनंदपाल के पकड़े न जाने पर सरकार पर निशाना साधने वालों के सुर अब क्यों बदल रहे हैं?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 3, 2017, 11:59 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर