कोविड-19 टेस्ट के लिए कुल्ले का पानी भी किया जा सकता है इस्तेमाल: स्टडी

कोविड-19 टेस्ट के लिए कुल्ले का पानी भी किया जा सकता है इस्तेमाल: स्टडी
शोधकर्ताओं का कहना है कि स्वैब कलेक्शन की प्रक्रिया मे्ं बदलाव की जरूरत है.. (सांकेतिक फोटो)

Indian Council Of Medical Research के जर्नल में प्रकाशित एक शोध में कहा गया है कि स्वैब कलेक्शन (Swab Collection) की जगह कुल्ले के पानी (Gargled Water) को वैकल्पिक तौर पर कोविड टेस्ट के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 21, 2020, 5:59 AM IST
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नई दिल्ली. कोविड-19 टेस्ट (Covid-19 Test) के लिए मुंह और नाक के स्वैब का विकल्प कुल्ला किया गया पानी (Gargled Water) बन सकता है. ऐसा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (Indian Council Of Medical Research) के जर्नल में प्रकाशित एक शोध में दावा किया गया है. शोध में कहा गया है कि टेस्ट के लिए कुल्ले के पानी का प्रयोग करना ज्यादा आसान है और इसके सैंपल कलेक्शन के लिए किसी मेडिकल प्रशिक्षित व्यक्ति की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी.

खर्च में हो सकती है कटौती
शोध में यह भी कहा गया है कि कुल्ले के पानी के इस्तेमाल से टेस्टिंग किट और तरह के बचाव उपकरणों का प्रयोग न होने से खर्च में भी कमी आएगी. गौरतलब है कि वर्तमान कोविड टेस्टिंग नियमों के अनुसार टेस्ट किए जाते वक्त मेडिकलकर्मी को पीपीई किट पहनना होता है.

इन डॉक्टरों ने किया शोध
Gargle lavage as a viable alternative to swab for detection of SARS-CoV-2 नामक इस शोध के शोधकर्ता एम्स के मडिसिन डिपार्टमेंट के डॉ. नवनीत विज, डॉ. मनीष सोनेजा, डॉ. नीरज निश्चल और अंकित मित्तल हैं. साथ में एम्स के एनेस्थीसिया और क्रिटिकल केयर डिपार्टमेंट के डॉ. अंजन त्रिखा और डॉ. कपिल देव भी हैं.



स्वैब कलेक्शन में हैं कई खामियां
स्वैब कलेक्शन की प्रक्रिया में कई सारी खामियां हैं. साथ ही इसके लिए ट्रेनिंग की भी जरूरत है. हेल्थ केयर वर्कर्स के संक्रमित हो जाने का भी खतरा ज्यादा बना रहता है. एक वैकल्पिक सैंपल व्यवस्था की इस वक्त बड़ी जरूरत है.

मई और जून महीने के दौरान हुए सैंंपल टेस्ट
शोध में कहा गया है कि वैकल्पिक तौर कुल्ले के पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है. इस स्टडी के लिए मई और जून महीने के दौरान एम्स में सैंपल कलेक्शन किए गए थे. 50 कोरोना संक्रमित लोगों पर किए टेस्ट के दौरान सभी के कुल्ले के पानी में कोविड-19 वायरस के मिले.

स्वैब कलेक्शन के दौरान लोगों को महसूस होती है असहजता
गौरतलब है कि कोविड-19 टेस्ट के लिए स्वैब कलेक्शन कई लोगों के लिए बेहद मुुश्किल भरी प्रक्रिया भी होती है. शोध में कहा गया है कि स्वैब कलेक्शन के दौरान करीब 72 प्रतिशत लोगों को असहजता महसूस होती है. वहीं कुल्ले के पानी का सैंपल देने के दौरान सिर्फ 24 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्हें थोड़ी दिक्कत महसूस हुई.
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