पाक से आई 'गीता' को कब मिलेंगे मां-बाप? पाक में याचिका दायर

अपने माता-पिता की खोज में पाकिस्‍तान से भारत आई मूक और बधिर गीता के मां-बाप अभी तक नहीं मिल पाये हैं। क्‍या गीता अब भूलीबिसरी बात हो गई है? कब मिलेगा आखिर गीता का परिवार?

अपने माता-पिता की खोज में पाकिस्‍तान से भारत आई मूक और बधिर गीता के मां-बाप अभी तक नहीं मिल पाये हैं। क्‍या गीता अब भूलीबिसरी बात हो गई है? कब मिलेगा आखिर गीता का परिवार?

अपने माता-पिता की खोज में पाकिस्‍तान से भारत आई मूक और बधिर गीता के मां-बाप अभी तक नहीं मिल पाये हैं। क्‍या गीता अब भूलीबिसरी बात हो गई है? कब मिलेगा आखिर गीता का परिवार?

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नई दिल्‍ली। 26 अक्‍टूबर 2015 को पूरे उत्‍साह के साथ माता-पिता और परिवार से मिलने की आस में पाकिस्‍तान से हिंदुस्‍तान आई मूक बधिर 'गीता' एक बार फिर से चर्चा का केंद्र बन गई है। ताजा विवाद गीता को लेकर कराची हाईकोर्ट में उठा है। पाकिस्‍तान के मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने भारत और पाकिस्‍तान सरकारों पर मूक-बधिर गीता को लेकर सियासत करने के खिलाफ याचिका दायर की है।



कराची हाईकोर्ट में दाखिल अपनी याचिका में सामाजिक कार्यकर्ता अंसार बर्नी ने पाकिस्‍तान सरकार से पूछा है कि आखिर इतनी आसानी से कैसे गीता को भारत सरकार को सौंप दिया गया? जबकि भारत सरकार गीता के परिजनों को ढूंढने के प्रयास ठीक से नहीं कर रही है?



पाकिस्‍तान में कराची स्‍थित अंसार बर्नी ट्रस्‍ट ने आईबीएन खबर को बताया कि गीता को लेकर पाकिस्‍तान सरकार के खिलाफ कराची हाईकोर्ट में मामला दर्ज किया गया है। अंसार बर्नी ट्रस्‍ट की डायरेक्‍टर और अंसार बर्नी की बहन शगुस्‍ता बर्नी ने बताया कि हमने पाक सरकार से याचिका के जरिये पूछा है कि आखिर इतनी आसानी से गीता को भारत को क्‍यों सौंपा गया? जबकि भारत की ओर से अभी तक उसके माता-पिता को ढूंढा नहीं जा सका है?





7 माह हो चुके, लेकिन नहीं मिले माता-पिता : दरअसल, 7 माह पहले पाकिस्‍तान से अपने माता-पिता और परिवार से मिलने भारत आई गीता के माता-पिता का अब तक पता नहीं लग पाया है। 26 अक्‍टबर 2015 को विदेश मंत्री सुषमा स्‍वराज की पहल पर धूमधाम के साथ भारत आई गीता को मध्‍य प्रदेश के इंदौर में मूक बधिर संगठन ले जाया गया। इसके बाद शुरुआत में उसक माता-पिता को खोजने की तैयारियां तेजी से चलती रहीं, लेकिन बाद में यह एक तरह से ठप्‍प होती दिखाई दे रही हैं।
आईबीएन खबर ने जब पाकिस्‍तान से लौटी गीता के माता-पिता को ढूंढने के मामले में विदेश मंत्रालय से बात की तो कोई जवाब नहीं मिल पाया। इस मामले के बाबत् विदेश मंत्रालय को मेल भी भेजा गया, लेकिन इस बारे में कोई भी उत्‍तर अब तक नहीं आ पाया है।



क्‍या कहता है इंदौर स्‍थित एनजीओ?  :  इंदौर स्‍थिति मूक और बधिर संगठन की संचालिका मोनिका पंजाबी कहती हैं कि गीता के मां-बाप और परिवार को ढूंढने के प्रयास लगातार जारी हैं। मोनिका के मुताबिक बीते 7 माह में गीता के लिए तकरीबन 13 दंपत्‍ती आएं हैं, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी है। वे कहती हैं कि गीता को दंपत्‍ती के फोटो दिखाए जाते हैं, उसके बाद यदि वह हां कहती है, तो डीएनए टेस्‍ट की प्रक्रिया विदेश मंत्रालय देखता है।



बीत चुका है लंबा समय कब मिलेंगे मां-बाप? : आपको बता दें कि कई मुश्‍किलों के बाद पाकिस्‍तान से लौटी गीता को लेकर बिहार समेत तीन और प्रदेशों के परिवार वालों की ओर से दावा किया गया था। इसमें उत्तर प्रदेश और झारखंड के भी परिवार थे, जिन्होंने गीता को अपनी बेटी बताया था।



गौरतलब है कि कुछ साल पहले पाकिस्तानी मीडिया में सुर्खियों में रही गीता साल 2003-04 में पाकिस्तानी बॉर्डर गॉर्ड्स को लाहौर के पास मिली थी। बाद में 11 साल की गीता को पाकिस्तान की बॉर्डर अथॉरिटी ने ईधी फ़ाउंडेशन को सौंपा था। फिलहाल गीता मध्‍य प्रदेश स्‍थित मूक और बधिर एनजीओ में है, जहां वह अपने मां-बाप के मिलने का इंतजार कर रहीहै।
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