अब पुणे की फार्मां कंपनी Gennova शुरू करेगी अपनी वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल

ये भारत की पहली एमआरएनए आधारित वैक्सीन है. (सांकेतिक तस्वीर)

ये भारत की पहली एमआरएनए आधारित वैक्सीन है. (सांकेतिक तस्वीर)

देश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने घोषणा की है कि उसने भारत के अपनी तरह के पहले कोविड-19 टीके–एचजीसीओ19 के क्लीनिकल अध्ययन के लिए अतिरिक्त राशि मंजूर की है. इस टीके को Gennova Biopharmaceuticals बना रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 13, 2021, 8:49 PM IST
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नई दिल्ली. पुणे की फार्मा कंपनी Gennova Biopharmaceuticals ने अपनी वैक्सीन के पहले और दूसरे फेज ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल के लिए एनरोलमेंट शुरू कर दिए हैं. देश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट ने घोषणा की है कि उसने भारत के अपनी तरह के पहले कोविड-19 टीके –एचजीसीओ19 के क्लीनिकल अध्ययन के लिए अतिरिक्त राशि मंजूर की है. इस टीके को Gennova बना रही है.

कंपनी को यह अतिरिक्त राशि मिशन कोविड सुरक्षा के तहत मंजूर की गई है. मिशन कोविड सुरक्षा के तहत कोविड 19 टीके के विकास के लिए पसंद की अभिव्यक्ति के आग्रह (आरईओआई) के तहत प्राप्त आवेदनों के कई दौर के मूल्यांकन के बाद इस कंपनी को यह राशि मंजूर की गई है.

एमआरएनए टीका सुरक्षित माना जाता है

एचजीसीओ19 पहले चरण में ही चूहा गिलहरी आदि में सुरक्षा, प्रतिरोधक क्षमता के विकास, एंटीबॉडी की सक्रियता को बेअसर करने जैसे परिणाम दर्शा चुका है. एमआरएनए टीका सुरक्षित माना जाता है क्योंकि एमआरएनए गैर-संक्रामक और सेलुलर तंत्र द्वारा डीग्रेड नहीं होता.
बीते दिसंबर महीने में DGCA ने दी थी मंजूरी

गौरतलब है कि इस वक्त भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण कई विदेशी वैक्सीन का रास्ता भी खोला जा रहा है. Gennova के वैक्सीन कैंडिडेट को बीते दिसंबर महीने में ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने मंजूरी दी थी. ये पहली एमआरएनए तकनीक से बनी वैक्सीन है. जेनोवा कंपनी ने अमेरिका की एचडीटी बायोटेक कंपनी के साथ मिलकर बनाया है. वर्तमान समय में देश में सीरम इंस्टिट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के जरिए वैक्सीनेशन किया जा रहा है. इसके अलावा DCGI ने कुछ शर्तों के साथ रूस के कोविड-19 टीके ‘स्पूतनिक-V’ (Sputnik V) को सीमित आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही देश में तीसरे कोरोना टीके की उपलब्धता का रास्ता साफ हो गया.
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