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गाजियाबाद केस में ट्विटर के MD की बढ़ सकती है मुश्किल, सुप्रीम कोर्ट जाएगी लोनी पुलिस

Twitter मामले में सुप्रीम कोर्ट  जा सकती है लोनी पुलिस (फाइल फोटो)

Twitter मामले में सुप्रीम कोर्ट जा सकती है लोनी पुलिस (फाइल फोटो)

गाजियाबाद के वीडियो मामले में ट्विटर के एमडी मनीष माहेश्वरी को कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत तो मिल गई लेकिन पुलिस अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाली है.

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नई दिल्ली/गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश स्थित गाजियाबाद (Ghaziabad) के वीडियो मामले में वादी ट्विटर (Twitter) के एमडी मनीष माहेश्वरी को कर्नाटक हाईकोर्ट से राहत तो मिल गई लेकिन पुलिस अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाली है. मिली जानकारी के अनुसार गाजियाबाद की लोनी थाना पुलिस जल्द ही एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर करने वाली है. पुलिस Twitter के मसले पर कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल करेगी. दरअसल पुलिस ट्विटर इंडिया के एमडी से पूछताछ करना चाहती है लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत दे दी है.

उधर गाजियाबाद पुलिस ने समाजवादी पार्टी के नेता उम्मेद पहलवान के खिलाफ रिपोर्ट तैयार कर ली है. दावा किया जा रहा है कि दो पक्षों के बीच विद्वेष और दुश्मनी बढ़ाने में आरोप में उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी एनएसए के तहत मामला दर्ज जाएगा. हालांकि इस मामले में डीएम गाजियाबाद आखिरी फैसला करेंगे. इस बाबत डीएम कल रिपोर्ट भेज सकते हैं.



क्या है मामला?
गाजियाबाद पुलिस ने 15 जून को ट्विटर इंक, ट्विटर कम्युनिकेशंस इंडिया, समाचार वेबसाइट द वायर, पत्रकार मोहम्मद जुबैर और राणा अय्यूब के अलावा कांग्रेस नेताओं सलमान निजामी, मस्कूर उस्मानी, शमा मोहम्मद और लेखिका सबा नकवी के खिलाफ मामला दर्ज किया था.

उन लोगों के खिलाफ एक वीडियो प्रसारित होने को लेकर मामला दर्ज किया गया था, जिसमें बुजुर्ग अब्दुल शमद सैफी ने दावा किया है कि कुछ युवकों ने उनकी कथित रूप से पिटाई की और पांच जून को उन्हें 'जय श्री राम' का नारा लगाने के लिए भी कहा. पुलिस ने दावा किया है कि वीडियो सांप्रदायिक अशांति पैदा करने के लिए साझा किया गया था.

कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसले में क्या कहा था?
बता दें कर्नाटक हाईकोर्ट के जज जस्टिस जी नरेंद्र की एकल पीठ ने अपने अंतरिम आदेश में कहा कि पुलिस डिजिटल तरीके से माहेश्वरी से पूछताछ कर सकती है. पीठ ने कहा, 'अगर पुलिस याचिकाकर्ता (मनीष माहेश्वरी) से पूछताछ करना चाहती है, तो वे डिजिटल तरीके से ऐसा कर सकते हैं.'

अदालत ने कहा, 'अगर इस मामले में विचार करने की आवश्यकता है, तो हम इसे 29 जून के लिए सूचीबद्ध करते हैं. इस बीच प्रतिवादियों पर याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई भी कठोर कार्रवाई शुरू करने से रोक है.'

पीठ ने कहा, 'याचिकाकर्ता का यह कहना है कि उन्होंने डिजिटल तरीके से शामिल होने के लिए सीआरपीसी की धारा 160 के तहत नोटिस का जवाब दिया है. प्रतिवादी (गाजियाबाद पुलिस) ने अनुरोध पर आपत्ति जताते हुए इसे अस्वीकार कर दिया और धारा 41 (ए) के तहत नोटिस जारी कर आरोपी की श्रेणी में डाल दिया.'

ट्विटर इंडिया के प्रबंध निदेशक बेंगलुरु में रहते हैं और गाजियाबाद पुलिस ने उन्हें 21 जून को नोटिस जारी किया था तथा मामले में अपना बयान दर्ज करने के लिए लोनी बॉर्डर थाने में रिपोर्ट करने के लिए कहा था. (भाषा इनपुट के साथ)

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