Assembly Banner 2021

गुलाम नबी आजाद को लेकर जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में पड़ी दरार, समर्थक-विरोधियों ने लगाए आरोप

गुलाम नबी आजाद. (PTI Photo)

गुलाम नबी आजाद. (PTI Photo)

कुछ पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) का पुतला जलाते हुए आरोप लगाया कि वो पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं. विरोधियों का कहना है कि आजाद ये सबकुछ बीजेपी के इशारे पर कर रहे हैं. इसके बाद आजाद के समर्थन में भी नेताओं-कार्यकर्ताओं का एक समूह आ गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 2, 2021, 11:26 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) को लेकर जम्मू-कश्मीर पार्टी यूनिट के नेताओं में आपस में रार पैदा हो गई है. मंगलवार को कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आजाद का पुतला जलाते हुए आरोप लगाया कि वो पार्टी के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं. विरोधियों का कहना है कि आजाद ये सबकुछ बीजेपी के इशारे पर कर रहे हैं. इसके बाद आजाद के समर्थन में भी नेताओं-कार्यकर्ताओं का एक समूह आ गया.

गौरतलब है कि कुछ ही समय पहले गुलाम नबी आजाद का राज्यसभा सांसद का कार्यकाल समाप्त हुआ है. उन्हें लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने सदन में भावनात्मक भाषण दिया था. अब जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के महासचिव शाहनवाज चौधरी ने विरोध में आजाद का पुतला जलाया है. हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक शाहनवाज ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी के इशारे पर आजाद कांग्रेस को कमजोर कर रहे हैं.

लेकिन इसके कुछ ही घंटे बाद जम्मू कांग्रेस के पदाधिकारी अनिल कोहली और जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक्जिक्यूटिव मेंबर गौरव चोपड़ा ने शाहनवाज चौधरी के विरोध में धरना दिया. इन लोगों ने गुलाम नबी आजाद का समर्थन किया है.



असंतुष्ट कांग्रेसी नेता जम्मू में हुए थे इकट्ठे
याद दिला दें कि 27 फरवरी को कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन और संगठनात्मक फेरबदल की मांग करने वाले वरिष्ठ नेताओं गुलाम नबी आजाद , आनंद शर्मा और कपिल सिब्बल समेत ‘जी-23’ के नेता जम्मू में मंच पर एकत्र हुए थे. उन्होंने कहा था कि पार्टी कमजोर हो रही है और वे इसे मजबूत करने के लिए एक साथ आये हैं. कांग्रेस के इन असंतुष्ट नेताओं को ‘जी-23’ भी कहा जाता है.

कांग्रेस नेताओं ने गुलाम नबी आजाद के योगदान के लिए उनकी प्रशंसा की
इस कार्यक्रम में समूह (जिसे अब ‘जी-23’ कहा जाता है) के भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मनीष तिवारी, विवेक तन्खा और राज बब्बर जैसे कई अन्य कांग्रेसी नेता भी शामिल हुए. इन नेताओं ने पिछले साल कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी को पत्र लिखा था और पार्टी में संगठनात्मक बदलाव करने के साथ ही पूर्णकालिक पार्टी अध्यक्ष की मांग की थी. कांग्रेस नेताओं ने गुलाम नबी आजाद के योगदान के लिए उनकी प्रशंसा की.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज