अपना शहर चुनें

States

फिर से सांसद और मंत्री बनने की इच्छा पर क्या बोले गुलाम नबी आजाद

गुलाम नबी आजाद. (PTI Photo/Arun Sharma)
गुलाम नबी आजाद. (PTI Photo/Arun Sharma)

Ghulam Nabi Azad in Rajya Sabha: आजाद के साथ ही शमशेर सिंह मन्हास और मीर मोहम्मद फयाज सहित चार सांसद इस महीने उच्च सदन से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 11, 2021, 3:51 PM IST
  • Share this:

राज्यसभा में बतौर कांग्रेस सांसद गुलाम नबी आजाद का कार्यकाल अगले सप्ताह समाप्त हो रहा है. भविष्य को लेकर अपनी योजनाओं के बारे में उन्होंने बुधवार को कहा कि सदन की जिम्मेदारियों से आजाद होने के बाद लोग उन्हें कई जगहों पर देख पाएंगे. इसके साथ ही आजाद ने उन कयासों पर भी विराम लगा दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि वे फिर से सांसद या मंत्री बनने की ख्वाहिश रखते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी ऐसी कोई भी इच्छा नहीं है. आजाद ने कहा, 'एक राजनेता के रूप में अपने काम से वे संतुष्ट हैं और हमेशा जनता की सेवा करते रहेंगे.'


एएनआई से बातचीत में गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'मैं 1975 में जम्मू-कश्मीर यूथ कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष था. मैंने पार्टी में कई अहम पदों पर काम किया. मैंने कई प्रधानमंत्रियों के साथ काम किया है. मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि देश के लिए मुझे काम करने का मौका मिला. मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि मैंने ईमानदारी से अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निभाया. इस दौरान मुझे देश और दुनिया को जानने-समझने का भी मौका मिला.'


गुलाम नबी आजाद ने बुधवार को राज्यसभा में 1980 से संसद के साथ अपना जुड़ाव और जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री के रूप में अपना अनुभव याद किया. उन्होंने डोडा जिले के भलेसा ब्लॉक से शुरू हुए अपने राजनीतिक सफर को भी याद किया. इस दौरान आजाद ने कहा, 'मैं कभी पाकिस्तान नहीं गया, लेकिन मुझे उस देश की समस्याओं और परिस्थितियों का पता है और मुझे उम्मीद है कि उन समस्याओं को भारत के मुसलमानों को सामना नहीं करना पड़ेगा और कई देशों में मुसलमानों की स्थिति को देखने के बाद मुझे एक हिंदुस्तानी मुस्लिम होने पर गर्व महसूस होता है.'




उन्होंने कहा, 'मैं 41 साल से संसद और राज्य विधानसभा में हूं और पार्टी अध्यक्ष के रूप में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ काम करने का मौका मिला है.' उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें ज्योति बसु सहित कई बड़े नेताओं के साथ संवाद करने का मौका दिया.


आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके भावपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद दिया और यह भी कहा कि वह संजय गांधी, फिर इंदिरा गांधी और बाद में राजीव गांधी की असमय मृत्यु के बाद रोये थे और ओडिशा में चक्रवात के बाद भी उनके आंसू निकल गए थे. प्रधानमंत्री मोदी भी आजाद की विदाई करते हुए भावुक हो गए और राज्यसभा में उन्हें सलामी दी. आजाद के साथ ही शमशेर सिंह मन्हास और मीर मोहम्मद फयाज सहित चार सांसद इस महीने उच्च सदन से सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज