इंस्टाग्राम पर भगवान शिव की गलत छवि दिखाने का आरोप, BJP नेता ने दर्ज कराई शिकायत

सरकार ने बीती 25 फरवरी को ही सोशल मीडिया के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

सरकार ने बीती 25 फरवरी को ही सोशल मीडिया के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Shutterstock)

Lord Shiva GIF on Instagram: बीजेपी नेता ने पुलिस को अपनी शिकायत में कहा कि आरोपी ने इंस्टाग्राम पर शेयर एक जिफ में भगवान शिव को एक हाथ में वाइन और एक हाथ में मोबाइल फोन लिए दिखाया है, जो हिन्दुओं के सर्वोच्च देव का अपमान है.

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नई दिल्ली. भगवान शिव की एक ग्राफिक्स इंटरचेंज फॉर्मेट (GIF) फाइल को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेता मनीष सिंह ने इंस्टाग्राम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने कहा है कि इसमें भगवान शिव की गलत छवि दिखाई गई है. साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि इसे हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए जानबूझकर तैयार किया गया है.

मनीष सिंह ने नई दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है. उन्होंने अपनी शिकायत में बताया, 'ऊपर बताए गए आरोपी ने भगवान शिव की छवि को गलत तरह से पेश किया है. यहां यह बताना सही होगा कि सर्वोच्च देव के रूप में भगवान शिव को लाखों-करोड़ों हिंदू पूजते हैं.' उन्होंने शिकायत की, 'आरोपी ने अपने एक जिफ में सर्वोच्च देव भगवान शिव को एक हाथ में वाइन और एक हाथ में मोबाइल फोन लिए दिखाया है.'

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उन्होंने दावा किया है कि GIF को हिंदू अनुयायियों को उकसाने और इस प्रक्रिया में नफरत और दुश्मनी को बढ़ाने के इरादे से बनाया गया है. उन्होंने कहा है कि इसके परिणाम में हिंदू समुदाय के अनुयायी को उकसाया जा सकता है और इससे शांति भंग हो सकती है. सिंह ने इंस्टाग्राम के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर और अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की बात कही है. साथ ही उन्होंने कहा है कि यह साजिश भारतीय दंड संहिता और इन्फर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत अपराध के दायरे में आती है.


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सिंह ने बताया कि वे इंस्टाग्राम स्टोरी अपलोड कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने शिव को लेकर सर्च किया, तो यह स्टिकर नजर आया. बीजेपी नेता ने कहा है कि यह स्टीकर किसी यूजर की तरफ से तैयार नहीं किया गया है, बल्कि इसे कंपनी ने ही बनाया है. हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब इस तरह की शिकायत सामने आई है. सरकार ने बीती 25 फरवरी को ही सोशल मीडिया के लिए दिशा निर्देश जारी किए थे.

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