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LG VS CM: केजरीवाल की मदद के लिए बीच चुनाव बंगाल से दिल्ली पहुंचे तृणमूल सांसद

राज्यसभा में जीएनसीटीडी विधेयक को रोकने के लिए तृणमूल सांसद दिल्ली गए. TMC Derek O’Brien की फाइल फोटो

राज्यसभा में जीएनसीटीडी विधेयक को रोकने के लिए तृणमूल सांसद दिल्ली गए. TMC Derek O’Brien की फाइल फोटो

GNCTD Bill Row: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक-2021 को सोमवार को लोकसभा ने मंजूरी दी जिसमें साफ तौर पर यह प्रावधान है कि दिल्ली में 'सरकार' का मतलब 'उपराज्यपाल' है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 1:50 PM IST
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नई दिल्ली. तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद डेरेक ओ ब्रायन (Derek O’Brien) ने बुधवार को कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल को अधिक अधिकार देने संबंधी विधेयक (GNCTD Bill) को राज्यसभा में पारित होने से रोकने के लिए उनकी पार्टी के सदस्य राष्ट्रीय राजधानी रवाना हो गए हैं. ब्रायन ने ट्वीट किया, 'दो दिन में पांच राज्यों में चुनाव होने वाले हैं. इसके बावजूद तृणमूल कांग्रेस के सदस्य जीएनसीटी विधेयक को रोकने के लिए दिल्ली गए हैं. इस विधेयक में दिल्ली की चुनी हुई सरकार से ताकत छीनने का प्रावधान है. यह विधेयक लोकतंत्र, संविधान और संसद के सीने पर एक और वार है. अब तक का सबसे खराब विधेयक.....'

ओ ब्रायन ने मंगलवार को राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल चुनाव के मद्देनजर उच्च सदन में तृणमूल सदस्यों की अनुपस्थिति के मद्देनजर विधेयक पर चर्चा और पारित करने की प्रक्रिया स्थगित करने का अनुरोध किया था.





राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक-2021 को सोमवार को लोकसभा ने मंजूरी दी जिसमें साफ तौर पर यह प्रावधान है कि दिल्ली में 'सरकार' का मतलब 'उपराज्यपाल' है. विधेयक में दिल्ली सरकार के लिए कोई भी कदम उठाने से पहले उप राज्यपाल की मंजूरी लेने को अनिवार्य बनाया गया है.
ब्रायन ने किया था चर्चा टालने का अनुरोध
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस के सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के कारण उच्च सदन में उनकी पार्टी के सदस्यों की गैरहाजिरी के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक पर चर्चा एवं उसे पारित करने में देरी करने का अनुरोध किया था

उन्होंने पत्र में कहा था, ‘मैं राज्यसभा में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल के नेता के तौर पर तत्काल महत्व के विषय पर आपको (यह पत्र) लिख रहा हूं.’ उन्होंने कहा था, ‘जैसा कि आप सभी को मालूम है कि चुनाव आयोग ने 26 फरवरी 2021 को पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा की थी. पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 27 मार्च 2021 को होगा, जो आज से चार दिन बाद है. राज्यसभा में हमारे संसद सदस्य फिलहाल राज्य में चुनाव प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए कटिबद्ध हैं . वर्तमान परिस्थितियों में उनके लिए संसद के सत्र में भाग लेना संभव नहीं है.’

ओ ब्रायन ने कहा था, ‘यह बेहद अहम कानून है, जिसका पूरे भारत पर अहम प्रभाव है. जब भी सदन में इस विधेयक पर चर्चा हो तो संसद के हर सदस्य को अपना विचार व्यक्त करने देने का मौका दिया जाना चाहिए. सदस्यों को उस मौके से वंचित करना विचारशील एवं जवाबदेह शासन, जिसका संसद प्रतीक है, उसकी भावना के विरूद्ध है.’ (भाषा इनपुट के साथ)
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