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पणजी से निर्दलीय उम्मीदवार बने पूर्व CM मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल, भाजपा से हैं नाराज

पणजी से निर्दलीय उम्मीदवार बने पूर्व CM मनोहर पर्रिकर के बेटे उत्पल, भाजपा से हैं नाराज

उत्पल पर्रिकर नामांकन दाखिल करने से पहले पणजी के महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन करने गए थे. (फोटो- एएनआई)

उत्पल पर्रिकर नामांकन दाखिल करने से पहले पणजी के महालक्ष्मी मंदिर में दर्शन करने गए थे. (फोटो- एएनआई)

Goa Assembly Election, Utpal Parrikar's nomination :  उत्पल पर्रिकर (Utpal Parrikar) ने गुरुवार को सुबह सबसे पहले पणजी के महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की है. देवी-मां का आशीर्वाद लेने के बाद नामांकन दाखिल करने की उनकी तैयारी है. इस दौरान मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में उत्पल ने कहा, ‘मैं यहां मां का आशीर्वाद लेने आया हूं. मुझे उम्मीद है कि पणजी की जनता भी मुझे अपना आशीष देगी.’

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पणजी. भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिवंगत दिग्गज नेता गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के पुत्र उत्पल पणजी (Panaji) से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं. उत्पल पर्रिकर (Utpal Parrikar) आज, गुरुवार को ही पणजी विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार (Independent Candidate) के रूप में पर्चा दाखिल कर रहे हैं.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक उत्पल पर्रिकर (Utpal Parrikar) ने गुरुवार को सुबह सबसे पहले पणजी के महालक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की है. देवी-मां का आशीर्वाद लेने के बाद नामांकन दाखिल करने की उनकी तैयारी है. इस दौरान मीडिया के प्रतिनिधियों से बातचीत में उत्पल ने कहा, ‘मैं यहां मां का आशीर्वाद लेने आया हूं. मुझे उम्मीद है कि पणजी की जनता भी मुझे अपना आशीष देगी.’ गौरतलब है कि उत्पल (Utpal Parrikar) इस बार पणजी से भाजपा (BJP) का टिकट मांग रहे थे. लेकिन सिर्फ इस आधार पर कि वे मनोहर पर्रिकर (Manohar Parrikar) के पुत्र हैं, पार्टी ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया. इसके बाद उन्होंने बीते हफ्ते शुक्रवार को भाजपा छोड़ दी थी.

मॉन्सरेट को टिकट दिए जाने से नाखुश हैं

भाजपा (BJP) ने इस बार मौजूदा विधायक अतनासियो मॉन्सरेट को ही पणजी से मैदान में उतारा है. जबकि इस सीट का प्रतिनिधित्व 4 बार मनोहर पर्रिकर कर चुके हैं. इसके बाद उत्पल पर्रिकर (Utpal Parrikar) ने भाजपा छोड़ने का ऐलान करते हुए कहा था, ‘मैं इस बात से नाखुश हूं कि मुझे यह फैसला करना पड़ा. लेकिन कभी-कभी मुश्किल फैसले करने पड़ते हैं. यदि पार्टी पणजी से किसी अच्छे उम्मीदवार को खड़ा करती है तो मैं फैसला वापस लेने के लिए तैयार हूं.’ ‘पीटीआई-भाषा’ से उन्होंने कहा था, ‘भाजपा हमेशा मेरे दिल में है. पार्टी छोड़ने का फैसला मेरे लिए आसान नहीं था.’

पहले जता चुके थे खुला विरोध  

मॉन्सरेट के प्रति विरोध और अपनी दावेदारी जताते हुए उत्पल पर्रिकर (Utpal Parrikar) ने पहले भी कहा था, ‘क्या जीत की संभावना ही टिकट हासिल करने का इकलौता मापदंड है? पार्टी के प्रति समर्पण, ईमानदारी कोई मायने नहीं रखती? चरित्र कोई मायने नहीं रखता? आप एक ऐसे व्यक्ति को टिकट दे रहे हैं, जो आपराधिक पृष्ठभूमि वाला है. यह नहीं हो सकता. मैं ये नहीं होने दे सकता.’

फडणवीस ने बताया था- पणजी से क्यों नहीं मिला टिकट 

वहीं, भाजपा के गोवा (Goa BJP) प्रभारी देवेंद्र फडणवीस ने पिछले दिनों कहा था, ‘उत्पल पर्रिकर (Utpal Parrikar) को पणजी के अलावा किसी और दो सीट से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था. लेकिन वे मानने के लिए तैयार नहीं हुए.’ यहीं गौरतलब है कि मॉन्सरेट ने 2017 में पणजी सीट कांग्रेस के टिकट पर जीती थी. लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए. उन्होंने 2019 में कांग्रेस के 10 अन्य विधायकों को भाजपा में शामिल कराया. इससे भाजपा में उनकी दावेदारी मजबूत हो गई.

Tags: BJP, Goa, Goa Assembly Elections, Goa Elections

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