गोवा के पार्षद की कोरोना से मौत, सरकार उठाने जा रही है अब ये कदम

गोवा में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है.
गोवा में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है.

गोवा (Goa) के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि कोविड-19 (COVID-19) मरीजों के इलाज के लिए राज्य में प्लाज्मा बैंक (Plasma Bank) की स्थापना की जाएगी. बहुत जल्द इसकी जानकारी ICMR को दे दी जाएगी.

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पणजी. देश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मामलों ने एक बार फिर गोवा (Goa) पर असर ​डालना शुरू कर दिया है. पिछले 24 घंटे में गोवा के अंदर 202 नए मामले सामने आए हैं. गोवा में कोरोना से रविवार तड़के मोरमुगांव निगम​ परिषद के 72 वर्षीय पार्षद (Councilor) की मौत हो गई. राज्य में तेजी से बढ़ते कोरोना केस को देखते हुए सरकार ने प्लाज्मा बैंक (Plasma Bank) बनाने की तैयारी की है. गोवा के स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए राज्य में प्लाज्मा बैंक की स्थापना की जाएगी.

जानकारी के मुताबिक निर्दलीय पार्षद पास्कल डिसूजा में पिछले महीने संक्रमण की पुष्टि हुई थी जिसके बाद उन्हें मारगाओ के ईएसआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था. कुछ दिन तक चले इलाके के बाद भी उनकी तबीयत ठीक नहीं हुई और रविवार को उनकी मौत हो गई. डिसूजा मंगोर हिल इलाके से प्रतिनिधि थे. इस इलाके को निषिद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है क्योंकि यहां के 200 से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. पार्षद की मौत के साथ राज्य में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या सात हो गई है. शनिवार तक राज्य में संक्रमण के 1,684 मामले सामने आ चुके हैं.

वहीं दूसरी तरफ राज्य में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए राज्य में प्लाज्मा बैंक की स्थापना की जाएगी. उन्होंने कहा कि गोवा चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएस) में पहले ही ऐसे बैंक का संचालन करने की सुविधा है और कोविड-19 बीमारी से ठीक हो चुके मरीजों से आगे आकर प्लाज्मा दान करने को कहा जाएगा.



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ICMR को दी जाएगी प्लाज्मा बैंक की जानकारी
राणे ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) को प्लाज्मा बैंक स्थापित करने के फैसले की जानकारी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि जीएमसीएच के ट्रांसफ्यूजन विभाग को और मानव संसाधन मुहैया कराए जाएंगे. उल्लेखनीय है कि प्लाज्मा पद्धति को पैसिव एंटीबॉडी पद्धति भी कहते हैं जिसमें संक्रमण के बाद ठीक हो गए लोगों के रक्त से प्लाज्मा निकालकर पर उपचाराधीन मरीज को चढ़ाया जाता है.
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