होम /न्यूज /राष्ट्र /देर से ऑफिस आने वालों पर होगा कड़ा एक्शन, गोवा सरकार ने बना लिया है मूड

देर से ऑफिस आने वालों पर होगा कड़ा एक्शन, गोवा सरकार ने बना लिया है मूड

गोवा में उन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो ऑफिस देर से आते हैं. (फोटो नेटवर्क 18)

गोवा में उन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो ऑफिस देर से आते हैं. (फोटो नेटवर्क 18)

Govt Employees: गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा उन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

राज्य सरकार उन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो काम पर देर से आते हैं.
सरकार ने कर्तव्यों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है.
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा कि यह आदेश सभी सरकारी कार्यालयों पर लागू होगा.

पणजी. सरकारी ऑफिस में कर्मचारियों की लेट लतीफी से लोग परेशान रहते हैं. लेकिन गोवा सरकार ने मूड बना लिया है कि अब वो राज्य में ऐसा नहीं होने देगी. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा उन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी जो काम पर देर से आते हैं और आदेशों को नहीं मानते हैं. मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए प्रमोद सावंत ने यह भी कहा कि ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले सरकारी कर्मचारी संघ को विश्वास में लिया जाएगा.

PTI के अनुसार राज्य सामान्य प्रशासन (जीएडी) विभाग ने 20 सितंबर को एक मेमोरेंडम जारी किया था. इसमें कहा गया था कि उन्हें सचिवालय में विभिन्न विभागों से कार्यालय कर्तव्यों के प्रति सुस्त रवैये, आदेशों की अवहेलना, बार-बार देर से आने और सीखने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं होने के कारण कुछ कर्मचारियों को बदलने का अनुरोध प्राप्त हुआ था.

मेमोरेंडम में कहा गया कि इस तरह के अनुरोधों के बाद, जीएडी ने ऐसे कर्मचारियों को हल्के काम के बोझ वाले विभागों में स्थानांतरित कर दिया. लेकिन वहां भी उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया. अब जीएडी सचिव द्वारा इसका संज्ञान लिया गया है. नियुक्ति प्राधिकारी ने खराब या कोई प्रदर्शन नहीं करने वाले और कर्तव्यों की अवहेलना करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया है.

इधर कर्मचारी संघ ने रविवार को मुख्यमंत्री से अपील की थी कि वह बिना विश्वास में लिए सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करें. कर्मचारी संघ ने मांग की है कि सरकार को ऐसी घटनाओं की गहन जांच करनी चाहिए और इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किसी के साथ अन्याय न हो. संघ ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों को कम से कम तीन मौके दिए जाने चाहिए. वहीं मुख्यमंत्री सावंत ने बाद में स्पष्ट किया कि यह मेमोरेंडम केवल सचिवालय के कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है. बल्कि सभी सरकारी कार्यालयों पर लागू होता है.

Tags: Goa, Government Employee, Pramod Sawant

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें