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गोवा के मंत्री माइकल लोबो का दावा- आवारा मवेशी घास की जगह खा रहे हैं मांस-मछली, छुड़ाएंगे आदत

News18Hindi
Updated: October 21, 2019, 7:46 AM IST
गोवा के मंत्री माइकल लोबो का दावा- आवारा मवेशी घास की जगह खा रहे हैं मांस-मछली, छुड़ाएंगे आदत
गोवा के बीजेपी विधायक ने दावा किया है कई मवेशी मांसाहारी बन गए हैं (सांकेतिक फोटो)

कालान्गुते विधानसभा सीट (Calangute assembly constituency) से बीजेपी विधायक (BJP MLA) ने कहा है कि 76 आवारा जानवर कालान्गुते गांव से पकड़े गए हैं, जिन्हें एक गौशाला (Stray Cattle) ले जाया गया है. उन्होंने दावा किया कि ये पशु शाकाहारी खाना खाने से मना कर रहे थे और उनकी मीट खाने की आदत छुड़ाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर लगाए गए हैं.

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  • Last Updated: October 21, 2019, 7:46 AM IST
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पणजी. गोवा (Goa) के कचरा प्रबंधन मंत्री माइकल लोबो (Michael Lobo) ने दावा किया है कि राज्य के अधिक टूरिज्म वाले तटीय इलाके में आवारा पशु मांसाहारी होते जा रहे हैं और केवल बचा हुआ चिकन (Chicken) और तली हुई मछलियां खाते हैं. बता दें कि इसी इलाके में गोवा के कालान्गुते और कैंडोलिम जैसे प्रसिद्ध तटीय गांव आते हैं.

कालान्गुते विधानसभा सीट (Calangute Assembly Constituency) से बीजेपी के विधायक ने कहा कि 76 आवारा पशुओं को कालान्गुते गांव (Calangute Village) से पकड़ा गया है. उन्होंने बताया कि इन जानवरों को पकड़कर एक गौशाला ले जाया गया है. लोबो ने दावा किया कि ये जानवर शाकाहारी खाना खाने से इनकार कर रहे थे और इनके ऊपर एक जानवरों के विशेषज्ञ डॉक्टर को लगाया गया है ताकि इनकी मीट खाने की आदत को छुड़ाया जा सके.

'अब कालान्गुते के पशु खाते हैं केवल मांसाहारी खाना'
शनिवार को माइकल लोबो (Michael Lobo) ने उत्तरी गोवा के अरपोरा गांव के एक कार्यक्रम में कहा, "हमने कालान्गुते से 76 जानवरों को उठाया है और उन्हें मायेम गांव के गोमांतक गौसेवक महासंघ में ले जाया गया है, जहां पर उनकी देख-रेख की जा रही है. हम हमेशा कहते हैं कि मवेशी शाकाहारी होते हैं. लेकिन कालान्गुते के मवेशी मांसाहारी हो चुके हैं और वे घास, चने और उन्हें खिलाया जाने वाला मवेशियों का विशेष खाना नहीं खाते."

उन्होंने कहा, कालान्गुते और कैंडोलिम के मवेशी बचे चिकन और रेस्टोरेंट की बची बासी तली मछलियों जैसा मांसाहारी खाना खाया करते थे. ऐसा मांसाहारी खाना खाने के चलते, उनका सिस्टम (पाचन तंत्र) इंसानों जैसा हो गया. पहले वे शाकाहारी थे, शुद्ध शाकाहारी (Pure Vegetarian). वे मांसाहारी खाना सूंघते थे और आगे बढ़ जाते थे लेकिन अब कालान्गुते के पशु केवल मांसाहारी खाना खाते हैं.

'फिर से शाकाहारी बनाने में लगेगा चार से पांच दिनों का समय'
लोबो जो कि पूर्व में गोवा विधानसभा के स्पीकर भी रह चुके हैं, उन्होंने कहा, पशुओं के विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialist Veterinarians) को गौशाला की ओर से इन मवेशियों का दवाओं के जरिए इलाज करने के लिए लगाया गया है. उन्हें फिर से शाकाहारी बनाने में उन्हें चार से पांच दिनों का समय लगेगा.
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उत्तरी गोवा (North Goa) के तटीय गांवों कालान्गुते और कैंडोलिम में हर साल बहुत बड़ी मात्रा में टूरिस्ट आते हैं. इनमें घरेलू और विदेशी दोनों ही तरह के टूरिस्ट शामिल होते हैं. ऐसे में इस इलाके में बड़ी संख्या में रेस्टोरेंट्स और खाने-पीने की दुकाने हैं. दोनों ही गांवों में बड़ी संख्या में मवेशी भी हैं जो हर साल बड़ी संख्या में सड़क हादसों का शिकार भी होते हैं.

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First published: October 20, 2019, 6:18 PM IST
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