COVID-19 in Delhi: दिल्ली में बढ़ने की जगह घट गई जांच और टीकाकरण, केंद्र ने जताई चिंता

यूपी में पिछले एक दिन में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कुछ कमी आई है. (प्रतीकात्मक)

यूपी में पिछले एक दिन में कोरोना संक्रमितों की संख्या में कुछ कमी आई है. (प्रतीकात्मक)

Delhi Coronavirus: 26 अप्रैल को केवल 43 हजार 437 लोगों को वैक्सीन लग सकी है. जबकि, टेस्टिंग (Covid Testing) के मामले में यह आंकड़ा 57 हजार 690 पर था. अगर 11 अप्रैल के आंकड़े देखें, तो 1.14 लाख जांच हुई थीं और करीब 1.05 लाख लोगों को टीका लगा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 27, 2021, 6:46 PM IST
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नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली (Delhi) में नया संकट दस्तक दे रहा है. इस बार हालात वैक्सीन और टेस्टिंग से जुड़े हैं. ताजा आंकड़े बताते हैं कि राजधानी में बीते 15 दिनों में टीकाकरण (Vaccination) और कोरोना वायरस टेस्टिंग 50 प्रतिशत तक कम हो गई है. इसके अलावा जानकारों के मुताबिक, दिल्ली में बढ़ता पॉजिटिविटी रेट (Positivity Rate) इस समय चिंता का सबसे बड़ा विषय है. बीते सोमवार को यह आंकड़ा 35 प्रतिशत पर था. फिलहाल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने दिल्ली में लॉकडाउन की घोषणा की है.

क्या कहते हैं आंकड़े

बीते सोमवार यानी 26 अप्रैल को केवल 43 हजार 437 लोगों को वैक्सीन लग सकी है. जबकि, टेस्टिंग के मामले में यह आंकड़ा 57 हजार 690 पर था. अगर 11 अप्रैल के आंकड़े देखें, तो 1.14 लाख जांच हुई थीं और करीब 1.05 लाख लोगों को टीका लगा था. दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज18 के साथ बातचीत में बताया 'बढ़ती जांचें और ज्यादा टीकाकरण कोरोना वायरस का सामना करने के लिए दो जादुई गोलियां हैं. क्योंकि ये मरीजों की जल्दी पहचान और मृत्यदर कम करने में मदद करती है.' उन्होंने कहा 'दुर्भाग्य से दिल्ली में चीजों उल्टी दिशा में जा रही हैं.'

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ये हो सकते हैं गिरावट के कारण

दिल्ली सरकार के एक सूत्र ने न्यूज18 को बताया कि राज्य लगातार टीकाकरण बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. लेकिन शायद पाबंदियां और संक्रमण के बढ़ते मामले मुश्किल पैदा कर रहे हैं. वे कहते हैं कि लोग टीकाकरण छोड़ घर में रहना पसंद कर रहे हैं. दिल्ली सरकार के अधिकारी ने कहा 'हम लगातार लोगों को यह बता रहे हैं कि वे लॉकडाउन के दौरान टीकाकरण के लिए जा सकते हैं.' अधिकारी बताते हैं कि लोगों को समझाइश देना भी काम नहीं आ रहा है.

एक अधिकारी ने बताया 'केंद्र लगातार लोगों से राज्यों से कहता रहा है कि RT-PCR जांचों का अनुपात कम से कम 70 से 80 फीसदी तक बढ़ना चाहिए, लेकिन दिल्ली में 15 दिनों से RT-PCR टेस्ट आधे हो गए हैं.' वहीं, दिल्ली में रोज मिलने वाले पॉजिटिव मामले भी 11 अप्रैल को 10 हजार से 26 अप्रैल को 20 हजार पहुंचकर दोगुने हो गए हैं. वहीं, इस दौरान मौत का आंकड़ा भी 8 गुना तक बढ़ गया है.



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अब आगे क्या

आगामी 1 मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू हो रहा है. ऐसे में वैक्सीन के गिरते आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं. केंद्र के अधिकारी कहते हैं 'दिल्ली में सभी आयु वर्गों में टीकाकरण बढ़ाने की जरूरत है और दिल्ली सरकार को 1 मई से मिशन मोड में काम करना चाहिए. जब केजरीवाल खुद दिल्ली में यूनिवर्सल वैक्सिनेशन के लिए पूछ रहे थे.'



इधर, केंद्र सरकार और केजरीवाल सरकार लगातार एक-दूसरे पर किल्लत को लेकर आरोप लगा रहे हैं. केंद्र सरकार में अधिकारी बताते हैं 'जब तक दिल्ली टेस्टिंग और वैक्सिनेशन नहीं बढ़ाएगी, यह दूसरी लहर से आगे नहीं निकल सकेगी.' उन्होंने दावा किया है कि केंद्र दिल्ली की हर संभव मदद कर रहा है.
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