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नौकरीपेशा लोगों के लिए अच्छी खबर, अब सरकार चुकाएगी आपके हिस्से का EPF

(प्रतीकात्मक तस्वीर)
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

Aatmanirbhar Bharat: इस योजना का लाभ उन कर्मचारियों को भी मिलेगा, जिनकी नौकरी कोरोना महामारी के दौरान 1 मार्च 2020 से 30 सितंबर 20 20 के बीच छूट गई है और उन्हें फिर 1 अक्टूबर 2020 से 30 अक्टूबर 30 जून 2021 के बीच नौकरी मिलती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 8, 2021, 7:10 PM IST
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(शरद पांडेय)


नई दिल्ली. अगर आपने कोरोना काल में यानी 1 अक्टूबर के बाद पहली नौकरी शुरू की है तो आपके वेतन में 12 फ़ीसदी का अधिक फायदा होगा, यानी आप घर अधिक सैलरी ले जा सकेंगे. केंद्र सरकार (Central Government) ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (Atmanirbhar Bharat Rozgar Yojana) के तहत 15 हज़ार रुपये से कम मासिक वेतन पाने वालों के लिए फैसला लिया है, जो 1 जनवरी से लागू हो गया है. नए फैसले के तहत कर्मचारी का ईपीएफ (EPF) का 12 फीसदी अंशदान सरकार देगी. इतना ही नहीं जिनकी नौकरी कोरोना काल में छूट गयी थी इसके बाद दोबारा जॉइन करने वालों को भी अधिक सैलरी मिलेगी.

इस तरह होगा कर्मचारियों को लाभ
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labor and Employment) द्वारा शुरू की गई इस योजना का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्हें 1 अक्टूबर 2020 से 30 जून 2021 तक नौकरी पर रखा जाता है, उनका कुल ईपीएफ का अंशदान 24 फीसदी (12 फीसदी एंपलॉयर तथा 12 फ़ीसदी कर्मचारी का) सरकार देगी. यह अंशदान नौकरी पर आने के 2 साल तक दिया जाएगा.



एंप्लायर और एम्पलाई दोनों का अंशदान उन्हीं कंपनियों को मिलेगा, जहां हजार से कम कर्मचारी तैनात हैं. जिन संस्थानों में एक हज़ार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं उन संस्थानों में नए कर्मचारियों के हिस्से का 12 फीसदी ईपीएफ अंशदान केंद्र सरकार द्वारा दिया जाएगा, इस तरह कर्मचारी के हिस्से से ईपीएफ नहीं कटेगा, वो अधिक सैलरी घर ले जा सकेगा.

नौकरी छूटने के बाद नई नौकरी शुरू करने वालों को भी सैलरी में लाभ
इस योजना का लाभ उन कर्मचारियों को भी मिलेगा, जिनकी नौकरी कोरोना महामारी के दौरान 1 मार्च 2020 से 30 सितंबर 20 20 के बीच छूट गई है और उन्हें फिर 1 अक्टूबर 2020 से 30 अक्टूबर 30 जून 2021 के बीच नौकरी मिलती है. ऐसे कर्मचारियों का भी ईपीएफ का अंशदान सरकार देगी.

नए जॉब्स सृजित करने पर सरकार देगी प्रोत्साहन
इस योजना का लाभ उन संस्थानों को भी दिया जाएगा, जिनके यहां 50 कर्मचारी हैं, ऐसे संस्थानों को कम से कम 2 नए कर्मचारियों को नौकरी देनी होगी. इसके अलावा जिन संस्थानों में 50 से अधिक श्रमिक हैं, उन संस्थानों को इस योजना का लाभ लेने के लिए कम से कम 5 नए कर्मचारियों को नौकरी देनी होगी. इसके बाद सरकार ईपीएफ का एंप्लॉयर और एंप्लाई दोनों का अंशदान स्वयं जमा करेगी.



पूर्व में ऐसी योजना से 40 लाख कर्मचारियों को प्रतिवर्ष मिला था लाभ
सरकार ने इसी तरह पूर्व में नए जॉब्स क्रिएट करने वाले संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए अगस्त 2016 मार्च 2019 के बीच प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना चलाई थी, जिसके तहत ईपीएफ में इम्प्लॉई के हिस्से का 12 फ़ीसदी केंद्र सरकार द्वारा जमा गया था, इससे 3 सालों में करीब 1.21 करोड़ कर्मचारियों को फायदा मिला था.

मौजूदा समय शुरू हुई आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है, क्योंकि एम्प्लाई और इम्पलॉयर दोनों का कुल 24 फीसदी अंशदान केंद्र सरकार द्वारा दिया जाएगा. सरकार ने यह कदम असंगठित क्षेत्र को संगठित क्षेत्र से जोड़ने के लिए किया है. इसी तरह के प्रयासों से 2014 से लेकर अब तक चार करोड़ कर्मचरियों को संगठित क्षेत्रों से जोड़ा गया है.
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