सरकार ने दी कोरोना पर अच्छी खबर, अब Black Fungus से रहना है सावधान

नीति आयोग ने कहा कि देश में हालात स्थिर हो रहे हैं.

नीति आयोग ने कहा कि देश में हालात स्थिर हो रहे हैं.

कोरोना वायरस का संक्रमण देश में लगातार बढ़ने से पूरा देश एक तरह से सदमे में है. इसी बीच शनिवार को हुई मेडिकल टीम की प्रेस कांफ्रेंस में नीति आयोग ने कहा है कि देश में हालात अब स्थिर होते हुए दिखाई दे रहे हैं. हालांकि एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने ब्लैक फंगस को लेकर चेतावनी जरूर दी है.

  • Share this:

नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण की स्थिति पर नीति आयोग की ओर से एक राहत सुनने को मिली है. नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने शनिवार को कहा है कि देश में संक्रमण की स्थिति कुल मिलाकर स्थिर हो रही है. सरकार इसे और स्थिर करने की दिशा में काम करेगी. शीर्ष स्वास्थ्य अधिकारियों ने संवाददाता सम्मेलन के दौरान ये बात कही और बताया कि देश में कोविड-19 के कुल मामलों में से 85 प्रतिशत मामले 10 राज्यों से हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि 11 राज्यों में संक्रमण के एक-एक लाख से मरीजों का इलाज चल रहा है, 8 राज्यों में 50 हजार से एक लाख के बीच और 17 राज्यों में 50-50 हजार से कम मरीज हैं.

संक्रमण की दर में आ रही है कमी

प्रेस कांफ्रेंस में ये भी बताया गया कि महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात और छत्तीसगढ़ में संक्रमण के रिकॉर्ड संख्या में मामले सामने आ रहे हैं और इन राज्यों में अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या में भी कमी आ रही है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 24 राज्यों में संक्रमण दर 15 प्रतिशत से अधिक है और दिल्ली, छत्तीसगढ़, दमन और दीव, हरियाणा के साथ मध्य प्रदेश में भी संक्रमण दर में काफी कमी आई है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में महामारी के 3 लाख 26,098 नए मामले सामने आए हैं जिससे कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2 करोड़ 43 लाख 72,907 हो गई है. इसके साथ ही देश में महामारी से 3,890 और लोगों की मौत हुई है, जिसके बाद मृतकों की कुल संख्या 2 लाख 66,207 हो गई है. मंत्रालय ने कहा कि देश में कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या कम होकर अब 36 लाख 73,802 रह गई है, जो कुल मामलों का 15.07 प्रतिशत है. देश का रिकवरी रेट भी बढ़कर 83.83 प्रतिशत हो गया है.

महामारी की दूसरी लहर में आया ठहराव
नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल ने कहा कि ये आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि हम महामारी की दूसरी लहर में कुछ हद तक ठहराव देख सकते हैं. कुछ राज्यों में साफ तस्वीर दिखी है, कुछ राज्यों में चिंताएं हैं और कुछ राज्यों में वृद्धि हो रही है. कुल मिलाकर ये एक मिली-जुली तस्वीर है लेकिन स्थिरता दिख रही है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस दिशा में काम किया जाएगा कि देश में कोरोना मामलों में तेजी से कमी हो और महामारी स्थिर हो जाए.

वैक्सीनेशन पर क्या बोला मंत्रालय?

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि देश में अब तक एंटी कोविड टीके की कुल 18.04 करोड़ खुराक दी जा चुकी हैं. इसमें 45 साल से अधिक आयु के 12.74 करोड़ लोग, 1.62 करोड़ स्वास्थ्यकर्मी, 2.25 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स और 18 से 44 आयु वर्ग के 42.59 लाख लोग शामिल हैं. उन्होंने ये भी बताया कि पॉजिटिविटी रेट कम हुआ है. जो संक्रमण दर पिछले सप्ताह 21.9 प्रतिशत थी, अब कम होकर 19.8 प्रतिशत रह गई है.



ई-संजीवनी ओपीडी देगी मुफ्त परामर्श

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से ‘ई संजीवनी ओपीडी’के बारे में भी जानकारी दी गई, जिससे लोगों को नि:शुल्क ऑनलाइन मेडिकल असिस्टेंस मिल सकती है. ये भी जानकारी दी गई कि‘स्टे होम ओपीडी’ 28 राज्यों में काम कर रही है और इसके जरिए अब तक 17,000 से अधिक डॉक्टर 30,000 से ज्यादा मेडिकल असिस्टेंस दे चुके हैं.

ब्लैक फंगस से रहे सावधान

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने लोगों को‘म्यूकोरमाइकोसिस’(black fungus) को लेकर आगाह किया और कहा कि जब कोविड-19 के मामले बढ़ रहे हैं तो अस्पतालों में संक्रमण नियंत्रित करने के उपायों को अपनाना अत्यंत महत्वूपर्ण हो जाता है. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि ऐसा देखा गया है कि ज्यादातर मौतें फंगस और बैक्टीरिया से हो रही हैं. देश में खास तौर पर डायबिटिक कोरोना पेशेंट्स में ब्लैक फंगस इंफेक्शन के तमाम मामले सामने आए हैं, जिसकी वजह कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता है.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज