...जब गर्भगृह से बाल गोपाल को गोद में लेकर निकले गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ

...जब गर्भगृह से बाल गोपाल को गोद में लेकर निकले गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ
गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दौरान बाल गोपाल को गोद में लिए हुए.

गोरक्षपीठाधीश्वर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) उत्सव के मौके पर बाल गोपाल का जन्म कराया. इस दौरन योगी आदित्यनाथ ने बाल गोपाल को झूला भी झुलाया.

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गोरखपुर. नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की, जय श्रीकृष्ण के जयकारों के बीच रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) का जन्म हुआ. गोरखपुर (Gorakhpur) के गोरक्षनाथ मंदिर (Gorakshnath Temple) में पीठाधीश्वर और यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की मौजूदगी में जन्माष्टमी (Janmashtami) का पर्व भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया. गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरक्षनाथ के मंदिर के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोचार के बीच रात ठीक 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्म कराया. मंगल ध्वनि के बीच गर्भ गृह का दरवाजा जब खोला गया तो गोरक्षपीठाधीश्वर अपनी गोद में नन्हे श्रीकृष्ण को लेकर बाहर आए.

भजन-कीर्तन, सोहर के बीच बाल गोपाल को झुलाया

इसके बाद उन्होंने झूले में लिटाकर श्रद्धाभाव से बाल गोपाल को झुलाया और मंत्रमुग्ध होकर देखते रहे. श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की पूजा गोरक्षनाथ मंदिर में रात 11.30 बजे से शुरू हो गई. मठ से निकलकर योगी आदित्यनाथ सीधे श्रीनाथ जी के मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे और वहां पर भगवान के जन्म तक रहे. इसके पहले रात 8 बजे से ही मंदिर में भजन कीर्तन शुरू हो गया था. सोहर गाये जा रहे थे, बधाइयां दी जा रही थीं.



कोविड-19 के कारण आम जनता को प्रवेश नहीं
इस बार कोविड के संक्रमण के चलते इस बार गोरक्षनाथ मंदिर में लोगों का प्रवेश वर्जित रहा. मंदिर प्रबंधन से जुड़े लोगों के अलावा कुछ ही लोगों को मंदिर में प्रवेश की अनुमति थी. हर साल आयोजित होने वाले कार्यक्रम इस बार रद्द कर दिए गए. हर साल छोटे-छोटे बच्चे राधा-कृष्ण के वेश में मंदिर में मौजूद रहते थे, वो भी इस बार नहीं थे.

जन्मोत्सव पर पूरा गोरखपुर घंटियों, शंख, थालियों से गूंज उठा

गोरक्षनाथ मंदिर के साथ ही शहर भर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया. लोगों ने अपने घरों में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया. पुलिस लाइन में झांकी सजाई गई. भगवान का जन्म भी हुआ, पर कोविड-19 के कारण आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध था. मोहद्दीपुर के गोपाल मंदिर में भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया. जैसे ही भगवान का जन्म हुआ घंटियों, शंख और थालियों की आवाज शहर भर में गूंज उठी.
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