कश्मीर में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती को सरकार ने बताया 'चुनाव-पूर्व रूटीन एक्सरसाइज़'

केंद्र सरकार द्वारा अर्द्धसैनिक बलों की सौ कंपनियां जम्मू-कश्मीर भेजने के बाद से तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं.

News18.com
Updated: February 24, 2019, 9:04 AM IST
कश्मीर में अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती को सरकार ने बताया 'चुनाव-पूर्व रूटीन एक्सरसाइज़'
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Updated: February 24, 2019, 9:04 AM IST
जम्मू कश्मीर में अर्द्धसैनिक बलों के दस हज़ार अतिरिक्त जवानों की तैनाती को गृह मंत्रालय के सूत्रों ने चुनाव के पहले की जाने वाली रूटीन एक्सरसाइज़ बताई है. केंद्र सरकार द्वारा अर्द्धसैनिक बलों की सौ कंपनियों को भेजने के बाद तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे थे. इन अर्द्धसैनिक बलों में से 45 टुकड़ी सीआरपीएफ की, 35 टुकड़ी बीएसएफ की और 10-10 कंपनियां एसएसबी और आईटीबीपी की हैं. पुलिस ने भी इसे रूटीन एक्सरसाइज़ बताया है. इस बीच सुरक्षाबलों पर पत्थर फेंकने वालों और कई नेताओं को गिरफ्तार किया गया है.

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इस बीच खबर है कि सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को अनुच्छेद 35ए पर सुनवाई हो सकती है. आर्टिकल 35-ए पर सुनवाई से पहले सुरक्षाबलों ने करीब 150 लोगों को नजरबंद कर लिया है. इसमें जमात-ए-इस्लामी जम्मू कश्मीर के मुखिया सहित इसके कई अन्य सदस्य भी शामिल हैं. सुरक्षा के मद्देनज़र सरकार ने घाटी में शांति बनाए रखने व किसी अवांछित घटना से निपटने के लिए इन अर्द्धसैनिक बलों को वहां भेजा है.

अनुच्छेद 35-ए जम्मू-कश्मीर के लोगों को कुछ विशेष अधिकार देता है. श्रीनगर में सरकारी मेडिकल कॉलेज ने अपने यहां के स्टाफ की ठंड की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उनसे सोमवार को मौजूद रहने को कहा है.

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