सरकार ने दी टीकाकरण से पहले यात्रा नहीं करने की सलाह, जानें क्या कहते हैं राज्यों के नियम

सरकार ने कहा है कि गैर-जरूरी यात्राओं को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए. (सांकेतिक तस्वीर: Shutterstock)

Travel Advisory in States: जुलाई के पहले सप्ताह से ही कई राज्यों में पाबंदियों में ढील दी जा रही है. ऐसे में उत्तराखंड (Uttarakhand) और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखा गया है. इसके अलावा बाजार में भी खरीदी के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी है.

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    नई दिल्ली. सरकार के चौथे सीरोसर्वे में सामने आया है कि करीब 67.6 फीसदी नागरिकों में SARS-COV-2 के खिलाफ संक्रमण या टीकाकरण के जरिए एंटीबॉडीज (Antibodies) तैयार कर ली हैं. इस लिहाज से यह कहा जा सकता है कि देश की आधी आबादी इम्यूनिटी प्राप्त कर चुकी है. हालांकि, सरकार ने यात्रा को लेकर चेतावनी जारी की है. मंत्रालय ने कहा है कि पूरा टीकाकरण नहीं होने तक किसी को भी इस समय यात्रा नहीं करनी चाहिए.

    जुलाई के पहले सप्ताह से ही कई राज्यों में पाबंदियों में ढील दी जा रही है. ऐसे में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में पर्यटकों की संख्या में इजाफा देखा गया है. इसके अलावा बाजार में भी खरीदी के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी है. सरकार ने 7 पॉइंट एडवाइजरी में मंगलवार को कहा है कि गैर-जरूरी यात्राओं को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए. साथ ही कई राज्यों ने भी यात्रा के नियमों में बदलाव किए हैं.



    दिल्ली
    दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने घरेलू हवाई यात्रियों के लिए कलर कोड प्लान तैयार किया है. इसके तहत यात्रियों को पीला, एम्बर, नारंगी और लाल रंगों में रखा जाएगा. हर वर्ग के यात्रियों को अलग-अलग नियमों का पालन करना होगा. 5 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले राज्यों के यात्रियों के लिए लाल रंग होगा.

    वायरस के नए म्यूटेंट का सामना कर रहे केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों से आने वालों को दोनों डोज प्राप्त वैक्सिनेशन सर्टिफिकेट या नेगेटिव RT-PCR टेस्ट दिखाना होगा. यह जांच 72 घंटों से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए. जानकारी नहीं देने वालों को 14 दिनों के लिए क्वारंटीन होना होगा.

    महाराष्ट्र
    भाषा के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार ने ऐसे लोगों को राज्य में प्रवेश के लिए RT-PCR की नेगेटिव रिपोर्ट लाने से छूट दे दी है, जिन्होंने कोविड-19 टीके की दोनों खुराकें ले ली हैं, हालांकि दूसरी खुराक और यात्रा की तारीख के बीच कम से कम 15 दिन का अंतर होना चाहिए. आदेश में कहा गया, 'राज्य में प्रवेश करने वाले व्यक्ति को कोविड-19 टीके की दोनों खुराकें लगी हों और दूसरी खुराक लगने को 15 दिन हो चुके हों.

    ऐसे व्यक्ति के पास कोविन पोर्टल के माध्यम से जारी अंतिम टीकाकरण प्रमाण-पत्र होना चाहिए. इसमें कहा गया, 'ऐसे व्यक्तियों को राज्य में उनके प्रवेश पर नेगेटिव आरटी-पीसीआर रिपोर्ट दिखाने की आवश्यकता से छूट होगी.' आदेश में कहा गया कि यह छूट घरेलु तथा अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी लागू होगी.

    हिमाचल प्रदेश
    हाल ही में राज्य सरकार ने नेगेटिव RT-PCR सर्टिफिकेट की अनिवार्यता खत्म कर दी है. कहा जा रहा है कि इसके चलते ही नई दिल्ली और हिमाचल प्रदेश को जोड़ने वाली सड़कों पर 14 जून को ट्रैफिक जाम लग गया था.

    आंध्र प्रदेश
    हवाई यात्रियों को RT-PCR जांच कराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी यात्रियों को यात्रा से पहले थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा. साथ ही उन्हें सरकार के पोर्टल (www.spandana.ap.gov.in) पर खुद को रजिस्टर कराना होगा. बगैर लक्षणों वाले सभी यात्रियों को 14 दिन क्वारंटीन रहना होगा.

    असम
    RT-PCR जांच की जरूरत नहीं होगी, लेकिन यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग से गुजरना होगा. इसके अलावा आने पर रैपिड एंटीजन टेस्ट कराना होगा. इसके अलावा यात्रियों को खुद 7 दिनों के लिए क्वारंटीन होना होगा.

    कर्नाटक
    महाराष्ट्र से राज्य में एंट्री रहे यात्रियों को नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट दिखानी होगी. यह रिपोर्ट 72 घंटों से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए. नई गाइडलाइंस के अनुसार, एयरलाइन्स केवल नेगेटिव RT-PCR सर्टिफिकेट या वैक्सीन का कम से कम एक डोज प्राप्त यात्रियों को बोर्डिंग पास जारी करेंगी. ऐसे यात्रियों को वैक्सीन सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी होगा.

    गोवा
    नई गाइडलाइंस के अनुसार, गोवा पहुंचने वाले हवाई यात्रियों को नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट साथ रखनी होगी. रिपोर्ट 72 घंटों से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए. गोवा सरकार की एक्सपर्ट कमेटी की बैठक में सिफारिश की गई है कि वास्तविक टीकाकरण प्रमाण पत्र वाले अन्य राज्य के यात्री बगैर नेगेटिव RT-PCR सर्टिफिकेट के गोवा में प्रवेश कर सकते हैं.

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    पश्चिम बंगाल
    बंगाल सरकार ने 30 जुलाई तक कोरोना वायरस से जुड़ी पाबंदियां बढ़ा दी हैं. राज्य में आने वाले हवाई यात्रियों को नेगेटिव RT-PCR रिपोर्ट दिखानी होगी. यह रिपोर्ट 72 घंटों से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए.

    बिहार
    यात्रियों को एंट्री पर कोविड-19 जांच से बचने के लिए पूर्ण टीकाकरण का प्रमाणपत्र दिखाना होगा. साथ ही आरोग्य सेतु भी डाउनलोड रखना अनिवार्य है.

    तमिलनाडु
    तमिलनाडु में 31 जुलाई तक कोविड-19 लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को एयरपोर्ट पर थर्मल स्क्रीनिंग करानी होगी. अगर यात्री में लक्षण नजर आते हैं, तो उन्हें खुद के खर्च पर कोविड जांच करानी होगी. राज्य में प्रवेश के लिए वेबसाइट से ई-पास प्राप्त करना अनिवार्य है.



    केरल
    केरल सरकार ने घोषणा की है कि पूरी तरह टीकाकरण करा चुके लोगों को अंतरराज्यीय यात्रा और अन्य गतिविधियों के लिए नेगेटिव RT-PCR सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. हालांकि, अगर यात्रा के दौरान व्यक्ति में लक्षण नजर आते हैं तो उन्हें तत्काल RT-PCR जांच करानी होगी.

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