ताउते तूफान से प्रभावित लोकेशनों पर सरकार का ऑल आउट सर्च ऑपरेशन जारी

जिन पांच जगहों पर असर पड़ा उसका ब्यौरा भी ओएनजीसी ने दिया. (File pic)

जिन पांच जगहों पर असर पड़ा उसका ब्यौरा भी ओएनजीसी ने दिया. (File pic)

ओएनजीसी के सूत्र बताते हैं कि वहां काम कर रहे कुल 7675 लोगों में से कुल 6961 कर्मचारियों ने अपने लोकेशन पर ही रहना पसंद किया और वे सुरक्षित रहे हैं. लेकिन बचे हुए पांच जहाजों में जिसमें 714 कर्मचारी सवार थे, उस काफी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. जिन पांच जगहों पर असर पड़ा उसका ब्यौरा भी ओएनजीसी ने दिया.

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तूफान ताउते ने मुंबई से लेकर गुजरात तक के तटों पर भारतीय सरकार के नवरत्न उपक्रम ओएनजी के ऑयल ड्रीलिंग के इंस्टॉलेशनों को बुरी तरह से क्षतिग्रस्त किया है. ओएनजीसी के सूत्र बताते हैं कि कुल 342 जगहों पर ओएनजीसी के इंस्टालेशन हैं जिसमें 243 एक जगह पर फिक्स्ड है और 99 तैरते रहते हैं. इनमें कुल 7675 लोगों काम करते हैं. इन तैरते 99 जहाजों में 94 सुरक्षित हैं और समुद्र तट के पास अपने लोकेशन पर हैं. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद ओएनजीसी ने अपनी सभी आपातकालीन सेवाओं को सक्रिय कर दिया था.

उन्होंने अपने सभी इंस्टॉलेशन को निर्देश दे दिया कि आपातकाल में पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल के मुताबिक कार्रवाई करने को कहा. इसके बाद सुरक्षित अपने इंस्टॉलेशन पर रहना या फिर सुरक्षित स्थानों को लौटने का फैसला लेने का अधिकार उन पर ही छोड़ दिया था.

इस घटना के बाद से ही पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान सक्रिय हो गए. ओएनजीसी के अपने अधिकारियों के साथ लगातार बचाव कार्य का ब्योरा लेते रहे. बुधवार शाम को धर्मेन्द्र प्रधान के पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक तीन सदस्यीय समिति का ऐलान कर दिया. ये समिति इस बात की जांच करेगी की आखिर चेतावनी के बावजूद ये दुर्घटना आखिर कैसे घटी. समिति को अपनी रिपोर्ट एक महीने के भीतर देनी है.

ओएनजीसी के सूत्र बताते हैं कि वहां काम कर रहे कुल 7675 लोगों में से कुल 6961 कर्मचारियों ने अपने लोकेशन पर ही रहना पसंद किया और वे सुरक्षित रहे हैं. लेकिन बचे हुए पांच जहाजों में जिसमें 714 कर्मचारी सवार थे, उस काफी विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ा. जिन पांच जगहों पर असर पड़ा उसका ब्यौरा भी ओएनजीसी ने दिया.
1. स्पोर्ट स्टेशन 3 के कंस्ट्रक्शन बार्ज पर 202 लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाते एक जहाज में तकनीकी खराबी आ गयी और इसे किनारे पर लगाने वाले तारों की लाइन टूट गई, जिसके बाद ये जहाज झुकने लगा. लेकिन सभी लोगों को बचा लिया गया.

2. सागर भूषण ड्रीलः ओएनजीसी का जहाज जिस पर 101 लोग सवार थे और तूफान मानकों के मुताबिक उन्हें इंस्टॉलेशन पर ही रहना था. लेकिन इसके लंगर में खराबी आ गई और इसके स्टीरिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया. लेकिन सबको सुरक्षित तट पर लाया गया.

3. गाल इंस्ट्रक्टर कंस्ट्रक्शन ब्राजः ये 137 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहा था, लेकिन ये अलग दिशा में बहना शुरू हो गया. फिर भी इस पर मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया.



4. पी-305 कंस्ट्रक्शन बार्जः 261 लोगों को ले जा रहा था. लेकिन इन्होंने प्लेटफार्म के पास ही रुकने का फैसला लिया लेकिन इसके लंगर ने काम करना बंद कर दिया और बहने लगा. फिर एक मानवरहित प्लेटफार्म से टकराने के बाद ये डूबने भी लगा. इन 261 लोगों में 186 लोग बचाए गए और 49 शव मिले हैं. 26 लोगों की खोज जारी है.

5. वरापदाः एंकर जो गाल कंस्ट्रक्टर की बोट को हैंडल कर रहे थे उस पर 13 लोग सवार थे. इसमें सिर्फ 2 लोग बचाए जा सके. 11 की खोज जारी है.

ओएनजीसी सूत्र बताते हैं कि कुल 5 स्थानों से निकले जहाजों या बोट पर मौजूद 714 कर्मचारी इन दुर्घटनाओं के शिकार हुए हैं. इनमें से 628 लोगों को बचा लिया गया है या फिर उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया है. इस सर्च ऑपरेशन में भारतीय नौसेना के 6 जहाज शामिल है. इसमें आईएनएस कोच्ची, आईएनएस कोलकाता, आईएनएस तलवार, आईएनएस  व्यास, बेतवा और तेग शामिल हैं. कोस्ट गार्ड के 5 जहाज भी बचाव कार्य में लगे हुए हैं. खुद ओएनजीसी के 20 जहाज और एपकॉन्स का एक जहाज बचाव के काम में लगा है. इसके साथ-साथ बचे लोगों की खोड और बचाव के लिए कुल 15 हेलीकॉप्टरों को लगाया गया है. इसमें ओएमजीसी के 7, नेवी के 4 और कोस्ट गार्ड के 4 हेलीकॉप्टर शामिल हैं.

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