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    प्रियंका गांधी का बीजेपी पर निशाना, बोलीं-कृषि कानूनों पर किसानों का दर्द नहीं सुन रही है सरकार

    प्रियंका गांधी का फाइल फोटो
    प्रियंका गांधी का फाइल फोटो

    प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा सरकार किसानों का हक मारने वाले विधेयकों पर सरकारी खाट सम्मेलन तो कर रही है लेकिन किसानों का दर्द नहीं सुन रही. उप्र में लगभग सभी जगहों पर किसान अपना धान 1868 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी से 800 रुपये कम 1000-1100 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचने को मजबूर हैं.’’

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 21, 2020, 7:57 PM IST
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    नई दिल्ली. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने केंद्रीय कृषि कानूनों (Farm Law 2020) को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार किसानों (Farmer) का दर्द नहीं सुन रही. प्रियंका ने कहा, उत्तर प्रदेश में किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से बहुत कम कीमत पर धान बेचने को मजबूर हैं. उन्होंने सवाल किया कि जब एमसएपी की गारंटी खत्म हो जाएगी तो क्या स्थिति होगी?

    कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका ने ट्वीट किया, ‘‘भाजपा सरकार किसानों का हक मारने वाले विधेयकों पर सरकारी खाट सम्मेलन तो कर रही है लेकिन किसानों का दर्द नहीं सुन रही. उप्र में लगभग सभी जगहों पर किसान अपना धान 1868 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी से 800 रुपये कम 1000-1100 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचने को मजबूर हैं.’’ उन्होंने सवाल किया, ‘‘ऐसा तब है, जब एमएसपी की गारंटी है. सोचिए जब एमएसपी की गारंटी खत्म हो जाएगी तब क्या होगा?’’


    किसानों को बना देंगे गुलाम
    इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने किसान संगठनों द्वारा आहूत ‘भारत बंद' (Bharat Bandh) का समर्थन करते हुए दावा किया था कि संसद से पारित कृषि संबंधी विधेयक (Agriculture Bills) देश के किसानों को गुलाम बना देंगे. पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) ने भी किसानों के प्रदर्शन का समर्थन किया और आरोप लगाया कि ये कृषि विधेयक ‘ईस्ट इंडिया कंपनी राज' की याद दिलाते हैं.





    प्रियंका गांधी ने दावा किया, ‘‘ किसानों से एमएसपी छीन ली जाएगी. उन्हें ठेके पर खेती के जरिए खरबपतियों का गुलाम बनने पर मजबूर किया जाएगा. न दाम मिलेगा, न सम्मान. किसान अपने ही खेत पर मजदूर बन जाएगा.'' उन्होंने कहा, ‘‘ भाजपा के कृषि विधेयक ईस्ट इंडिया कंपनी राज की याद दिलाते हैं. हम ये अन्याय नहीं होने देंगे.''  (इनपुटः भाषा)
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