‘सी-प्लेन’ सेवाओं के लिए 14 और वॉटर बेस बनाने की तैयारी कर रही है सरकार

सीप्लेन एक घंटे में 290 किमी दूरी तय कर सकता है.
सीप्लेन एक घंटे में 290 किमी दूरी तय कर सकता है.

सीप्लेन (Sea Plane) एक तरह का हवाई जहाज होता है, जिसे उड़ान भरने के लिए रनवे की जरूरत नहीं होती. यह जहाज पानी से भी टेक ऑफ और लैंडिंग कर सकता है. सरकार फिलहाल 14 ऐसे वॉटर बेस (Water Base) बनाने की योजना पर काम कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2020, 4:16 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. सरकार देश भर में सीप्लेन सेवाओं के लिए 14 और वॉटर बेस बनाने की योजना तैयार कर रही है. हाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गुजरात के केवड़िया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ और अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट के बीच इस तरह की सेवा का उद्घाटन किया.

शिपिंग मंत्रालय (Ministry of Shipping) के एक अधिकारी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘सरकार का क्षेत्रीय हवाई संपर्क की उड़ान योजना के तहत देशभर में 14 ऐसे वॉटर बेस बनाने की है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नागर विमानन मंत्रालय ने भारतीय आंतरिक जलमार्ग प्राधिकरण से हाइड्रोग्राफिक सर्वे करने के लिए कहा है. साथ ही बाद में यात्रियों के आवागमन की सुविधाएं और विमानों के लिए जेटी विकसित करने में मदद के लिए भी कहा है.’

पोत परिवहन मंत्री मनसुख मांडविया (Mansukh Mandaviya) ने पिछले हफ्ते पीटीआई-भाषा से कहा था कि सी-प्लेन सेवा की शुरुआत गुजरात में करने के बाद गुवाहाटी, उत्तराखंड और अंडमान एवं निकोबार में इसकी नियमित सेवाएं शुरू की जाएंगी.



क्या होता है सी-प्लेन
सरकार की योजना से लक्षद्वीप, अंडमान और निकोबार, असम, महाराष्ट्र और उत्तराखंड में इस सेवा का लाभ मिलने की संभावना है. अब जानते हैं कि सी-प्लेन क्या होता है? दरअसल यह एक तरह का हवाई जहाज होता है, जिसे उड़ान भरने के लिए रनवे की जरूरत नहीं होती. यह जहाज पानी से भी टेक ऑफ और लैंडिंग कर सकता है.

प्रधानमंत्री ने हाल ही में किया था सेवा का उद्घाटन
सरदार वल्लभ भाई पटेल (Sardar Vallabh Bhai Patel) की 145वीं जन्म तिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केवड़िया साबरमति एयरोड्रोम्स (Sabarmati Aerodromes) और सीप्लेन सेवा की शुरुआत की थी. यह सीप्लेन सेवाएं गुजरात के दो बड़े प्रोजेक्ट्स से जुड़ेंगी. इस सेवा के जरिए अहमदाबाद और केवड़िया में साबरमति रोवर फ्रंट की 200 किमी की दूरी को कम समय में पूरी किया जा सकेगा. पहले सड़क मार्ग के जरिए इस दूरी को तय करने में 4 घंटे का वक्त लगता था, लेकिन हवाई जहाज के जरिए इसे 45 मिनट में पूरा कर लिया जाएगा. (इनपुट: भाषा)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज