सरकारी मंत्रालय, सार्वजनिक उपक्रम अब नहीं छपवाएंगे कैलैंडर, डायरी

सरकारी मंत्रालय, सार्वजनिक उपक्रम अब नहीं छपवाएंगे कैलैंडर, डायरी
इस प्रकार की सभी चीजें डिजिटल और ऑनलाइन होंगी (सांकेतिक फोटो)

वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के अंतर्गत आने वाले व्यय विभाग ने कहा है, ‘‘कोई भी मंत्रालय/ विभाग/ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम / सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public sector banks) और सरकार की अन्य सभी इकाइयां आने वाले वर्ष में उपयोग के लिए दीवार कैलेंडर (Wall Calendar), डेस्कटॉप कैलेंडर, डायरी और ऐसी अन्य सामग्री की छपाई नहीं करवाएंगी.

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नई दिल्ली. सरकार ने बुधवार को कहा कि उसके मंत्रालय (Ministry), विभाग (Department) और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public sector banks) कैलैंडर, डायरी और ग्रीटिंग कार्ड की भौतिक रूप में छपायी नहीं करायेंगे. इस प्रकार की सभी चीजें डिजिटल और ऑनलाइन (Digital and Online) होंगी. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने छपाई से जुड़ी गतिविधियों से संबंधित आर्थिक निर्देश को लेकर कार्यालय ज्ञापन में ‘कॉफी टेबल बुक (Coffee Table Book) की छपाई पर भी पाबंदी लगायी है. इसमें ई-बुक (e-book) को प्रोत्साहित करने की बात कही गयी है. योजना, समय-निर्धारण और पूर्वानुमान के लिए तकनीकी नवप्रवर्तन (Technological innovation) का उपयोग करना किफायती, कुशल और प्रभावी है, इसको देखते हुए यह निर्णय किया गया है.

वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) के अंतर्गत आने वाले व्यय विभाग ने कहा है, ‘‘कोई भी मंत्रालय/ विभाग/ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम / सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (Public sector banks) और सरकार की अन्य सभी इकाइयां आने वाले वर्ष में उपयोग के लिए दीवार कैलेंडर (Wall Calendar), डेस्कटॉप कैलेंडर, डायरी और ऐसी अन्य सामग्री की छपाई नहीं करवाएंगी. ऐसी सभी चीजें डिजिटल और ऑनलाइन (digital and online) होंगी.’’ इसमें कहा गया है कि सभी सरकारी विभाग और कार्यालय डिजिटल या ऑनलाइन तरीकों (Digital or online methods) का उपयोग करने के लिए नवप्रवर्तनशील साधनों (Innovative tools) का उपयोग करेंगे.

जीडीपी में 2020-21 में 10 प्रतिशत की आएगी गिरावट: विशेषज्ञ
पहली तिमाही की गिरावट के बाद गैर-जरूरी खर्च को बचाने वाला यह कदम सामने आया है. हालांकि पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़ों को अनुमान के अनुकूल बताते हुए विशेषज्ञोंने अुनमान लगाया है कोविड-19 महामारी के प्रभाव की वजह से चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है. विशेषज्ञों का यह भी कहना है उपभाग और मांग में तेजी के लिए महामारी पर काबू पाना महत्वपूर्ण है.
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सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप और उसकी रोकथाम के लिये लगाए गए ‘लॉकडाउन’ से देश की पहले से नरमी पड़ रही अर्थव्यवस्था पर और बुरा असर पड़ा है. सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़े के अनुसार चालू वित्त वर्ष 2020-21 में अप्रैल-जून के दौरान अथर्व्यवस्था में 23.9 प्रतिशत की अब तक की सबसे बड़ी तिमाही गिरावट आयी है.
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