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धार्मिक स्थलों को खोलना व्यावहारिक नहीं है: महाराष्ट्र सरकार

द्धव ठाकरे ने कहा है कि मुंबई की हिंदी फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड को बदनाम करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं करेंगे.

द्धव ठाकरे ने कहा है कि मुंबई की हिंदी फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड को बदनाम करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं करेंगे.

महाधिवक्ता (Advocate General) आशुतोष कुभंकोणि ने मंगलवार को कहा, ‘‘राज्य सरकार (State Government) ने विचार किया लेकिन उसने तय किया कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामले के चलते उपासना स्थलों को खोलना अभी व्यावहारिक नहीं है.’’

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    मुम्बई. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने बंबई उच्च न्यायालय (Bombay High Court) से कहा है कि दिशानिर्देशों (Guidelines) के साथ भी धार्मिक स्थलों (Religious places) को खोलना ‘व्यावहारिक’ समाधान नहीं है और उसने कोविड-19 (COVID-19) की स्थिति सुधरने तक ऐसा नहीं करने का निर्णय लिया है. राज्य सरकार उच्च न्यायालय में एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन (NGO) की जनहित याचिका (PIL) का जवाब दे रही थी. एनजीओ ने अदालत से अनुरोध किया था कि वह राज्य में मंदिरों (Temples) को श्रद्धालुओं के लिए खोलने का निर्देश दे. याचिकाकर्ता के वकील दीपेश सिरोया ने अदालत (Court) से एक निश्चित समय में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने जैसे प्रतिबंधों के साथ मंदिरों को खोलने का निर्देश देने का अनुरोध किया है.

    महाधिवक्ता (Advocate General) आशुतोष कुभंकोणि ने मंगलवार को न्यायमूर्ति अमजद सैयद की अगुवाई वाली पीठ से कहा, ‘‘राज्य सरकार (State Government) ने विचार किया लेकिन उसने तय किया कि कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामले के चलते उपासना स्थलों को खोलना अभी व्यावहारिक नहीं है.’’ राज्य सरकार ने अपने निर्णय की सूचना देते हुए सोमवार को उच्च न्यायालय (High Court) ने हलफनामा (Affidavit) दिया था.

    ‘सब्जी मंडी’-‘गणेश उत्सव’ के दौरान भीड़ प्रबंधन सुरक्षा दिशानिर्देशों का खुल्लम खुल्ला उल्लंघन
    आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव किशोर निम्बालकर के माध्यम से दाखिल किये गये हलफनामे में राज्य सरकार ने कहा कि अतीत खासकर ‘सब्जी मंडी’ में या ‘गणेश उत्सव’ के दौरान भीड़ प्रबंधन के संदर्भ में अनुभव से सुरक्षा दिशानिर्देशों के खुल्लम खुल्ला उल्लंघन सामने आया है.

    यह भी पढ़ें: भारत सरकार रूस की वैक्सीन को लेकर आशावान, प्रस्ताव पर चल रहा काम- नीति आयोग

    महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का धर्म के पालन का संवैधानिक अधिकार पर जनव्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य की शर्त होती है तथा जन स्वास्थ्य बनाए रखना सर्वोपरि है. बता दें कि महाराष्ट्र, भारत में कोरोना से सर्वाधिक प्रभावित राज्यों में से एक है.

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