कोरोना के चलते राष्ट्रीय रोजगार नीति से जुड़े चार सर्वेक्षणों को सरकार ने किया स्थगित

प्रतीकात्मक तस्वीर

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सरकार ने प्रवासियों, घरेलू कामगारों और परिवहन क्षेत्र और पेशेवरों के लिए बनाये गये चार महत्वपूर्ण सर्वेक्षणों स्थगित कर दिया है. ऐसे में महामारी की दूसरी लहर के कारण इन सर्वेक्षणों के आधार पर राष्ट्रीय रोजगार नीति में देरी हो सकती है.

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नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने प्रवासियों, घरेलू कामगारों और परिवहन क्षेत्र और पेशेवरों के लिए बनाये गये चार महत्वपूर्ण सर्वेक्षणों स्थगित कर दिया है. ऐसे में महामारी की दूसरी लहर के कारण इन सर्वेक्षणों के आधार पर राष्ट्रीय रोजगार नीति में देरी हो सकती है. देश भर में लॉकडाउन और कर्फ्यू लगाए जाने के चलते फील्ड पर सर्वे करने वालों को परिवारों के पास, कार्यालयों और वर्क साइट्स पर जाने में मुश्किल होगी.

अंग्रेजी अखबार द हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार दो सरकारी अधिकारियों ने कहा कि महामारी का प्रबंधन सर्वोच्च प्राथमिकता है. स्थिति सुधरने के बाद सर्वेक्षण फिर से शुरू होगा. कोरोना संक्रमण में आये उछाल के चलते विशेषज्ञ समिति के परामर्श से श्रम ब्यूरो के राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षणों को भी स्थगित किया जा सकता है. हालांकि सर्वे में देरी से राष्ट्रीय रोजगार नीति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है.

क्या है इन सर्वेक्षणों का उद्देश्य?

श्रम ब्यूरो के महानिदेशक डीपीएस नेगी ने कहा, ' हमने चार सर्वेक्षणों को स्थगित कर दिया है क्योंकि कोरोना की मौजूदा स्थिति ने घर-घर जाकर सर्वेक्षण करने को लगभग असंभव बना दिया है.' नेगी ने कहा 'हम अपनी विशेषज्ञ समिति से बात कर रहे हैं कि इन सर्वेक्षणों के दौरान आई स्थितियों का सामना कैसे किया जाए. यह एक कठिन स्थिति है, और हमारे फील्ड वर्कर्स को लोगों के घरों और कार्यालयों में भेजने से उनके स्वास्थ्य पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा. इसके साथ ही संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान कोई भी सर्वेयर को घरों में नहीं आने देगा.'


केंद्रीय श्रम मंत्रालय के अनुसार, प्रवासियों का सर्वेक्षण 'प्रवासी श्रमिकों की सामाजिक आर्थिक और कामकाजी परिस्थितियों' का पहला अध्ययन होगा और 'प्रवासी श्रमिकों पर कोविड -19 के प्रभाव का भी आकलन करेगा. घरेलू श्रमिकों का सर्वेक्षण सामाजिक-आर्थिक स्थिति, नौकरी की वरीयता और उनकी आर्थिक स्थिति पर महामारी के प्रभाव के संबंध में आंकलन करेगा. वहीं परिवहन क्षेत्र के सर्वेक्षण का उद्देश्य टैक्सी एग्रीगेटर्स समेत इस उद्योग द्वारा बनाई गई नौकरियों पर जानकारी हासिल करना है. सर्वेक्षण नवंबर तक जारी होने वाले थे. 31 मार्च को, श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा था कि सर्वेक्षण 'श्रम और रोजगार के क्षेत्र में प्रभावी नीति निर्धारण के लिए उपयोगी डेटा देगा.'

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