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हत्या के मामलों में UP-बिहार नंबर 1, झगड़ा बना सबसे बड़ी वजह- NCRB रिपोर्ट

News18Hindi
Updated: October 22, 2019, 7:25 PM IST
हत्या के मामलों में UP-बिहार नंबर 1, झगड़ा बना सबसे बड़ी वजह- NCRB रिपोर्ट
साल 2016 से 2017 के बीच यूपी-बिहार में हत्या, लूट और रेप के मामले ज्यादा दर्ज हुए.

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े के मुताबिक 2017 में देशभर में संज्ञेय अपराध के 50 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए. इस तरह 2016 में 48 लाख दर्ज प्राथमिकी की तुलना में 2017 में 3.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई.

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  • Last Updated: October 22, 2019, 7:25 PM IST
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नई दिल्ली. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने लंबे इंतजार के बाद सोमवार को NCRB के 2017 के आंकड़े जारी कर दिए. रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2016 के मुकाबले 2017 में हत्या के मामलों में 5.9 फीसदी की कमी आई है. हालांकि, इस दौरान उत्तर प्रदेश और बिहार में अपराध के मामले बढ़े हैं. साल 2016 से 2017 के बीच यूपी-बिहार में हत्या, लूट और रेप के मामले ज्यादा दर्ज हुए. आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 2017 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,59,849 मामले दर्ज किए गए.

NCRB की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2017 में देशभर में हत्या के कुल 28,653 मामले दर्ज हुए, जबकि 2016 में दर्ज हुए हत्या के कुल मामलों की संख्या 30,450 थी. सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस यूनिट से प्राप्त डेटा के आधार पर बनी इस रिपोर्ट में 'विवाद' को हत्या का मुख्य कारण बताया गया है. हत्या के 7898 मामले में विवाद एक बड़ा कारण रहा. इसके बाद ‘निजी रंजिश’ या ‘दुश्मनी’ (4660) और ‘फायदे’ (2103) के लिए भी हत्याएं हुईं.



यूपी-बिहार में हत्या के सबसे ज्यादा मामले

साल 2016 से 2017 के दौरान उत्तर प्रदेश और बिहार में सबसे ज्यादा हत्याएं हुईं. यूपी में इस दौरान कुल 4,324 मर्डर केस दर्ज हुए. हालांकि, 2016 की तुलना में इनकी संख्या कम है. साल 2016 में यूपी में हत्या के कुल 4889 मामले दर्ज हुए थे. हत्याओं के मामले में यूपी के बाद दूसरा नबंर बिहार का आता है. यहां 2017 में 2803 मर्डर केस दर्ज किए गए, जो कि 2016 की तुलना में ज्यादा है. बिहार में 2016 में हत्या के कुल 2581 मामले सामने आए थे.

NCRB report 2017
2017 में देशभर में हत्या के कुल 28,653 मामले दर्ज हुए.


हत्याओं के मामले में यूपी- बिहार के बाद महाराष्ट्र तीसरे नंबर पर है. हालांकि, यहां 2016 के मुकाबले 2017 में हत्या के मामलों में कमी आई है. साल 2017 में महाराष्ट्र में हत्या के 2103 मामले सामने आए, जबकि 2016 में 2299 मर्डर केस दर्ज हुए थे. यूपी-बिहार के बाद तमिलनाडु और महाराष्ट्र में ज्यादा हत्याएं हुई हैं. तमिलनाडु में 2017 में विवाद के कारण 824 हत्याएं हुईं. आंकड़े के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 30,992, मध्य प्रदेश में 29,778, राजस्थान में 25,993 और असम में 23,082 मामले दर्ज किए गए.

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दिल्ली में कितना क्राइम
अगर बात दिल्ली की करें, तो साल 2017 में राजधानी में आपसी विवाद के कारण कुल 144 हत्याएं हुईं, जो 2016 की तुलना में काफी कम है. केंद्र शासित प्रदेशों में हुई हत्या के मामलों में भी दिल्ली नंबर वन है. यहां कुल 487 मर्डर केस दर्ज हुए. 2016 में इनकी संख्या 528 थी. दिल्ली के बाद हत्या के मामलों में चंडीगढ़ और पुडुचेरी का नंबर आता है.

महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार तीसरे साल बढ़ा
नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में 2017 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,59,849 मामले दर्ज किए गए. महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगातार तीसरे साल बढ़ोतरी हुई है. 2015 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 3,29,243 मामले दर्ज किए गए थे. 2016 में 3,38,954 मामले दर्ज हुए.

महिलाओं के खिलाफ अपराध के दर्ज मामलों में हत्या, रेप, दहेज हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाना, एसिड हमले, महिलाओं के खिलाफ क्रूरता और अपहरण के मामले शामिल हैं.


2017 में दर्ज हुए अपहरण के 9 फीसदी केस
साल 2017 में अपहरण के मामलों में 9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. उससे पिछले साल 88008 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2017 में अपहरण के 95893 मामले दर्ज हुए. (PTI इनपुट के साथ)

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First published: October 22, 2019, 9:04 AM IST
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