सरकार ने पोंजी स्‍कीमों को बैन करने वाले विधेयक को दी मंजूरी, पुलिस को मिली ये बड़ी ताकत

वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि विधेयक में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि इन योजनाओं को लेकर किसी भी व्यक्ति को ऐसा प्रचार या विज्ञापन नहीं करना चाहिए जो सत्य पर आधारित नहीं हो.

भाषा
Updated: July 29, 2019, 6:55 PM IST
सरकार ने पोंजी स्‍कीमों को बैन करने वाले विधेयक को दी मंजूरी, पुलिस को मिली ये बड़ी ताकत
पोंजी स्कीम संबंधी कंपनियों के बारे में राष्ट्रीय डाटा बेस बनाया जाएगा. (फाइल फोटो)
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Updated: July 29, 2019, 6:55 PM IST
संसद ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसमें ऊंचे लाभ का झूठा वादा करने वाली अविनियमित जमाओं (Unregulated deposits) एवं पोंजी स्कीमों पर प्रतिबंध लगाने और ऐसे मामलों का अदालतों में 180 दिनों में निपटारा किया जाएगा.

राज्यसभा ने अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी विधेयक, 2019 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया. जबकि उच्च सदन ने इससे संबंधित अध्यादेश को निरस्त करने संबंधी विपक्ष के प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया. यह विधेयक लोकसभा में पिछले सप्ताह ही पारित किया जा चुका है.

विधेयक लेगा अध्‍यादेश का स्‍थान
यह विधेयक कानून बनने के बाद इस संबंध में इस साल 21 फरवरी को लाए गए अध्यादेश का स्थान लेगा. उच्च सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि गरीबों से जुड़े इस विधेयक पर सभी दलों का समर्थन यह दर्शाता है कि गरीबों की गाढ़ी कमाई का पैसा लूटने का प्रयास करने वालों के खिलाफ संसद एकजुट है. उन्होंने कहा, 'गरीबों का पैसा लूटकर कोई बच नहीं सकता है और इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किए गए हैं.'

खत्‍म होगी पोंजी योजनाओं की बुराई
अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से पोंजी योजनाओं की बुराई को समाप्त करने के लिए विधायी प्रावधानों को मजबूत बनाया गया है और खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया है.
साथ ही उन्‍होंने कहा कि इस संबंध में नियम राज्य सरकारों के माध्यम से बनेंगे. इससे राज्य एवं केंद्र दोनों सरकारों को ताकत मिलेगी. वहीं, इस विधेयक में प्रावधान किया गया है कि संबंधित अदालत में ऐसे मामले जाने के बाद उसे 180 दिनों में निपटारा किया जाएगा.
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बनेगा राष्‍ट्रीय डाटा बेस
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह भी स्पष्ट किया कि पोंजी स्कीम संबंधी कंपनियों के बारे में जो राष्ट्रीय डाटा बेस बनाया जाएगा, उसमें किसी जमाकर्ता के बारे में कोई जानकारी नहीं डाली जाएगी. इसमें अविनियमित कंपनियों और उन्हें चलाने वाले लोगों के बारे में जानकारी दी जाएगी,ताकि लोग उनके बारे में समुचित जानकारी प्राप्त कर ऐसी योजनाओं के झांसे में न फंस सकें. हालांकि चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों ने पश्चिम बंगाल में ऐसी बहुत सारी योजनाओं के चलाये जाने का जिक्र किया था. इसका उल्लेख करते हुए ठाकुर ने कहा कि वह किसी राज्य की चर्चा नहीं करना चाहते, क्योंकि देश में कहीं भी और किसी भी राज्य में यदि गरीब को लूटा जाता है तो यह सरकार और पूरे देश के लिए चिंता की बात है.

विज्ञापन करने पर लगेगी रोक
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि विधेयक में यह स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि इन योजनाओं को लेकर किसी भी व्यक्ति को ऐसा प्रचार या विज्ञापन नहीं करना चाहिए जो सत्य पर आधारित नहीं हो. वहीं, इसमें सभी लोग आ जाते हैं चाहे वो कोई राजनीतिक व्यक्ति हो, फिल्म अभिनेता हो या कोई खिलाड़ी हो.

जबकि विधेयक में प्रावधान किया गया है कि पुलिस अविनियमित पोंजी कंपनी चलाने वाले परिसरों या व्यक्तियों के घरों पर बिना वारंट के छापा मार सकती है या संपत्ति कुर्क कर सकती है.

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First published: July 29, 2019, 4:46 PM IST
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