Lockdown: खाना, जूते-मोजे और किताब फ्री पाने वाले सरकारी स्कूल के बच्चे अब घर-घर इसलिए तलाश रहे स्मार्ट फोन

Lockdown: खाना, जूते-मोजे और किताब फ्री पाने वाले सरकारी स्कूल के बच्चे अब घर-घर इसलिए तलाश रहे स्मार्ट फोन
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बच्चों के पास मोबाइल (Mobile) न होने से टीचर (Techar) भी परेशान हैं कि ऑनलाइन पढ़ाने का सरकारी आदेश हैं, लेकिन बिना फोन के किसे पढ़ाएं.

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नई दिल्ली. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान बेसिक शिक्षा परिषद (Besic Education) के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे शहर और गांवों में आजकल स्मार्ट फोन (Smart Phone) तलाश रहे हैं. बच्चों के साथ उनके मां-बाप भी फोन वालों से एक-दो घंटे फोन देने की गुहार लगा रहे हैं. कई राज्यों में इन बच्चों के लिए सरकारी फरमान आया है कि घर पर बैठकर ऑनलाइन पढ़ाई (Online Education) करनी है. यह वो बच्चे हैं जो स्कूल से मिड-डे मील (Mid Day Meal), जूते-मोजे, ड्रेस, बैग और किताब तक फ्री पाकर सालभर की पढ़ाई पूरी करते हैं. बच्चों के पास मोबाइल न होने से टीचर (Techar) भी परेशान हैं कि ऑनलाइन पढ़ाने का सरकारी आदेश हैं, लेकिन बिना फोन के किसे पढ़ाएं.

20 मई को सचिव ने जारी किया है यह लैटर

सचिव, बेसिक शिक्षा परिक्षद ने 20 मई को सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) के नाम एक पत्र जारी किया है. पत्र में कहा गया है कि सभी बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के इंतज़ाम किए जाएं. ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जिस मेटेरियल की जरूरत होगी वो सभी ज़िलों में भेज दिया जाएगा. 30 जून तक ऑनलाइन पढ़ाई कराने के आदेश दिए गए हैं. सचिव के आदेश आते ही बीएसए ने सभी शिक्षकों को ऑनलाइन क्लास शुरु करने के आदेश जारी कर दिए.



ऑनलाइन पढ़ाई पर यह बोले बेसिक शिक्षा मंत्री



बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने न्यूज18 हिंदी से बात करते हुए कहा, “कोरोना, लॉकडाउन की खबरें सुनकर बच्चे तनाव में आ रहे थे. अप्रैल से शुरु होने वाला सत्र पिछड़ रहा था. इसलिए ऑनलाइन क्लास शुरु करने के आदेश जारी किए गए, जिससे बच्चों का तनाव कम हो सके. यह कोई स्थाई व्यवस्था नहीं है. हमे यह भी मालूम है कि बहुत सारे बच्चों के घर में मोबाइल फोन और इंटरनेट नहीं है. इसके लिए हमने आकाशवाणी और दूरदर्शन पर भी बच्चों के लिए पढ़ाई के इंतज़ाम किए हैं.”

ऑनलाइन पढ़ाई के बारे में यह बोले शिक्षक

यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी राजीव वर्मा का कहना है, “यह तो एक बड़ा सच है ही कि बच्चों के घर में स्मार्ट फोन तो दूर की बात एंड्रायड मोबाइल तक नहीं है. वहीं बहुत सारे ऐसे भी स्कूल हैं जहां बिजली का कनेक्शन और कंप्यूटर तक नहीं हैं. ऐसे में विभाग की ओर से जो लर्निंग मेटेरियल दिया जाएगा उससे कैसे पढ़ाएंगे टीचर.”

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी ब्रजेश दीक्षित का कहना है, हम यह नहीं कहते कि स्कूल आने वाले सभी बच्चों के घर में एक मोबाइल भी नहीं हैं. जिन घरों में मोबाइल है भी तो वहां लॉकडाउन के चलते उसे रीचार्ज कराने की परेशानी है. घर वालों क काम धंधे बंद पड़े हुए हैं, ऐसे में घर वाले खाने का इंतज़ाम करें या बच्चों की पढ़ाई के लिए मोबाइल रीचाज कराएं.”

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First published: June 4, 2020, 10:24 AM IST
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