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राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने कहा- कश्मीर में गुटबाजी के लिए फोन का इस्‍तेमाल कर रहे आतंकी

News18Hindi
Updated: October 14, 2019, 6:11 PM IST
राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने कहा- कश्मीर में गुटबाजी के लिए फोन का इस्‍तेमाल कर रहे आतंकी
जम्‍मू-कश्‍मीर के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक ने कहा, अब घाटी में आम जनजीवन पटरी पर लौट आया है. पिछले दो महीने में हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई है.

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के राज्यपाल सत्यपाल मलिक (Satyapal Malik) ने बताया, 'जल्‍द ही कश्‍मीर घाटी (Valley) में मोबाइल इंटरनेट सेवा (Mobile Internet Services) भी शुरू कर दी जाएगी.'

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  • Last Updated: October 14, 2019, 6:11 PM IST
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श्रीनगर. जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) के राज्‍यपाल सत्‍यपाल मलिक (Satyapal Malik) ने घाटी में मोबाइल नेटवर्क सेवाओं पर पाबंदी को लेकर कहा कि आम कश्‍मीरियों के जीवन की सुरक्षा मोबाइल सुविधा से ज्‍यादा जरूरी थी. आतंकवादी (Terrorist) इस सुविधा का इस्‍तेमाल कश्‍मीर घाटी में गुटबाजी, आतं‍की गतिविधियों को अंजाम देने और लोगों को गुमराह करने के लिए कर रहे हैं.

बता दें कि करीब 70 दिन बाद कश्‍मीर घाटी (Kashmir Valley) और उसके आस-पास के इलाकों में आज दोपहर 12 बजे से पोस्‍टपेड मोबाइल सुविधा फिर शुरू कर दी गई है. इससे करीब 40 लाख उपभोक्‍ता मोबाइल कनेक्‍शन फिर काम करने लगे हैं. हालांकि, मोबाइल इंटरनेट सेवा (Internet Services) के लिए उन्‍हें थोड़ा इंतजार करना होगा. वहीं, प्रीपेड सेवा पर बाद में फैसला होगा.

'कश्‍मीर घाटी में जल्‍द शुरू की जाएगी मोबाइल इंटरनेट सेवा'
मलिक ने एक कार्यक्रम में कहा कि मोबाइल इंटरनेट सेवा (Mobile Internet Services) भी जल्‍द शुरू कर दी जाएगी. उन्‍होंने कहा कि पहले भी कश्मीरी बिना टेलीफोन के रह रहे थे. आपको समझना चाहिए कि आतंकी टेलीफोन का इस्तेमाल गुटबाजी के लिए कर रहे हैं. युवा लड़के-लड़कियों (Young Boys-Girls) को अभी तक दिक्‍कत हो रही थी. अब वे एकदूसरे से बातचीत कर सकते हैं. अब कश्‍मीर में आम जनजीवन (Normal Life) पटरी पर लौट आया है. पिछले दो महीने में हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई है. इस दौरान घाटी में एक भी गोली नहीं चलाई गई है. साथ ही सुरक्षाबलों की निगरानी के चलते एक भी विरोध प्रदर्शन (Protest) नहीं हुआ है.

आम कश्‍मीरियों को दिया कानून-व्‍यवस्‍था बने रहने का श्रेय
सूबे के राज्‍यपाल ने जम्‍मू-कश्‍मीर में कानून-व्‍यवस्‍था (Law and Order) दुरुस्‍त रहने का श्रेय आम कश्‍मीरियों और राज्‍य पुलिस (State Police) को देते हुए सभी को धन्‍यवाद दिया. उन्‍होंने जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस को देश का सबसे बेहतरीन पुलिस बल बताया. इस दौरान उन्‍होंने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने मुझे सूबे में आम जनजीवन सामान्‍य रहने पर बधाई दी. इस पर मैंने उनसे कहा कि मेरी बजाय आम कश्‍मीरियों और राज्‍य पुलिस की तारीफ होनी चाहिए. मलिक ने कहा कि नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारूक अबदुल्ला (Farooq Abdullah) के उपचुनाव के दौरान एक ही दिन में नौ लोगों की मौत हो गई थी, लेकिन पंचायत चुनाव में 4000 सरपंच बिना किसी जान-माल के नुकसान के चुने गए.

हालात सुधरने के साथ धीरे-धीरे हटाई जा रही हैं पाबंदियां
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 (Article-370) हटाने के बाद से ही कश्मीर घाटी में एहतियात के तौर पर 5 अगस्‍त से ही मोबाइल फोन और इंटरनेट सुविधाओं को बंद कर दिया गया था. इसके बाद जम्मू में अगस्त में ही मोबाइल इंटरनेट सेवाएं शुरू कर दी गई थी. हालांकि, इंटरनेट के दुरुपयोग की जानकारी मिलने के बाद 18 अगस्त से दोबारा इस सेवा पर रोक लगा दी गई थी. वहीं, 17 अगस्त और 4 सितंबर को घाटी में करीब 50,000 लैंडलाइन सेवाएं शुरू की गईं. बता दें कि आने वाले 31 अक्टूबर से औपचारिक रूप से जम्मू-कश्मीर दो केंद्रशासित प्रदेशों में बंट जाएगा. बता दें कि सूबे में 7 अक्टूबर को पर्यटकों को भी छूट दे दी गई थी. पर्यटक अब बिना किसी रोक-टोक के घाटी में जा सकते हैं.

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First published: October 14, 2019, 5:49 PM IST
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