Coronavirus: अगले साल जुलाई तक वैक्सीन आने की उम्मीद, 30 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगी प्राथमिकता

 वैक्सीन लगाने वालों को ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
वैक्सीन लगाने वालों को ऑनलाइन ट्रेनिंग के लिए मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

आधिकारिक सूत्रों से इस बात का पता चला है कि सरकार खास कोविड 19 इम्युनाइजेशन प्रोग्राम के तरह वैक्सीन वितरित करेगी. केंद्र सरकार ने अगले साल जुलाई तक 25 करोड़ लोगों के लिए 40-50 करोड़ डोज मिलने और उपयोग होने का अनुमान लगाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 5:42 PM IST
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नई दिल्ली. पूरा देश कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) का इंतजार कर रहा है. वहीं, सरकार ने वैक्सीन तैयार होने के बाद उसे लगाए जाने की प्रक्रिया तय कर ली है. आधिकारिक सूत्रों से पता चला है कि विकसित होने के बाद वैक्सीन को खास कोविड 19 इम्युनाइजेशन प्रोग्राम (Special COVID-19 immunisation programme) के तरह वितरित किया जाएगा. इसके लिए सरकार ने प्राथमिकता वाले 30 करोड़ लोगों की पहचान करने का काम शुरू कर दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्ष वर्धन (Union Health Minister Harsh Vardhan) का कहना है कि केंद्र के अनुमान के मुताबिक, अगले साल जुलाई तक करीब 25 करोड़ लोगों के लिए 40-50 करोड़ डोज प्राप्त हो जाएंगी.

सूत्रों का कहना है कि प्राथमिकता वाले लोगों को मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र वैक्सीन की सीधी खरीद करेगा. राज्य सरकारों से भी इसके लिए अलग से प्लान नहीं बनाने को कहा गया है. यह प्रोग्राम यूनिवर्सिल इम्युनाइजेशन के साथ काम करेगा. केंद्र ने राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के साथ मिलकर लोगों की पहचान करनी शुरू कर दी है. इन लोगों को टीकाकरण के शुरुआती दौर में प्राथमिकता दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकारों से नवंबर मध्य तक सूची बनाने के लिए कहा गया है. इस इम्युनाइजेशन सूची में शामिल हर व्यक्ति का आधार कार्ड लिंक होगा, ताकि उन्हें आसानी से ट्रैक किया जा सके.

सरकार ने बनाई हैं चार कैटेगरी
शुरुआती दौर में वैक्सीन लगाए जाने के लिए सरकार ने चार कैटेगरी चिन्हित की हैं. इनमें डॉक्टर्स, एमबीबीएस छात्रों, नर्सों और आशा कार्यकर्ताओं समेत करीब एक करोड़ लोग शामिल हैं. दूसरे वर्ग में करीब दो करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स का नाम है. जिनमें म्यूनिसिपल कर्मचारी, पुलिस और आर्मी के जवान हैं. इसके अलावा 50 साल की उम्र से ज्यादा के 26 करोड़ लोग और 50 से कम उम्र वाले कुछ समूह के लोगों को शामिल किया गया है. यह लोग या तो किसी बीमारी से जूझ रहे हैं या इन्हें खास देखभाल की जरूरत है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम (Universal Immunisation Programme(UIP)) के लिए चल रहे डिजिटल प्लेटफॉर्म को कोविड 19 वैक्सीन की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए बेहतर किया जाएगा. इसके अलावा वैक्सीन लगाने वालों के लिए ऑनलाइन ट्रैनिंग मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं. बेहतर किए जा रहे डिजिटल प्लेटफॉर्म का नाम इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलीजेंस नेटवर्क (Electronic Vaccine Intelligence Network(eVIN)) है. इसके जरिए यूआईपी के तहत देश भर में वैक्सीन के स्टॉक और स्टोरेज तापमान की जानकारी मिल सकेगी.



कोल्ड चेन यूनिट पर किया जा रहा है काम
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी पहले ही यह बता चुके हैं कि कोविड 19 वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन के लिए काम कर रही नेशनल एक्सपर्ट कमेटी ने पहले से मौजूद कोल्ड चेन का नक्शा तैयार कर लिया है. इसके अलावा उन्होंने अतिरिक्त जरूरतों का अनुमान भी लगा लिया है. हर्षवर्धन का कहना है 'हमारे पास पहले से ही यूनिवर्सल इम्युनाइजेशन प्रोग्राम के अंतर्गत सप्लाई, स्टोरेज और डिलिवरी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर है. जहां से हम हर साल बच्चों को 60 करोड़ खुराक दे रहे हैं.' स्वास्थ्य मंत्री ने सरकार के वादे की पुष्टि की है कि रिसर्च और निर्माण सबसे पहली प्राथमिकता है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर व्यक्ति तक वैक्सीन पहुंचेगी.
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