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Covid-19: सरकारी अधिकारियों से लेकर पत्रकार पर अफवाह फैलाने का केस दर्ज

Covid-19: सरकारी अधिकारियों से लेकर पत्रकार पर अफवाह फैलाने का केस दर्ज

(सांकेतिक फोटो)

(सांकेतिक फोटो)

पुलिस ने ऐसे कई अधिकारियों, पुलिसकर्मी के बेटे और पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज किया है, जो सोशल मीडिया पर कोविड-19 (Covid-19) से जुड़ी आपत्तिजनक बातें फैला रहे थे.

    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) को रोकने के लिए सरकार, लॉकडाउन (Lockdown) के साथ कई कदम उठा रही है. इनमें लोगों को जागरूक करना शामिल है. लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इस महामारी के बारे में गलत जानकारियां दे रहे हैं या अफवाह फैला रहे हैं. अंडमान एंड निकोबार (Andaman and Nicobar) में ऐसे कई अधिकारियों, पुलिसकर्मी के बेटे और पत्रकार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जो सोशल मीडिया पर कोविड-19 (Covid-19) से जुड़ी आपत्तिजनक बातें फैला रहे थे.

    कोरोना वायरस के बारे में अफवाह फैलाने के मामले पिछले सप्ताह वॉट्सएप के माध्यम से शुरू हुए. कुछ दिन पहले एक अंजान शख्स ने पोर्ट ब्लेयर के एक पुलिस थाने में इसकी शिकायत की. जांच करने पर पता चला कि यह मैसेज फायर डिपार्टमेंट के एक अधिकारी की पत्नी ने सर्कुलेट किया था. अधिकारी की पत्नी के रिश्तेदारों और दोस्तों ने ये मैसेज शेयर किए थे.

    इन सभी को आईपीसी के सेक्शन 153A/188/505 और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत गिरफ्तार किर लिया गया. कोर्ट ने सभी को जमानत पर रिहा कर दिया. इन सभी के मोबाइल जब्त कर जांच के लिए सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CSFL) भेज दिए गए हैं. जांच में यह भी पता चला कि डिप्यूटी कमिश्नर आफिस में तैनात सीनियर अधिकारी ने सांप्रदायिक और संवेदनशील ट्वीट किए थे, जो माहौल खराब करने वाले थे. पुलिस ने इस मामले में भी केस दर्ज लिया है. आरोपी जमानत पर है.

    ऐसी ही जांच में एक पुलिसकर्मी के बेटा और एक पत्रकार द्वारा सांप्रदायिक और संवेदनशील मैसेज सोशल मीडिया पर शेयर करने की बात सामने आई. दोनों गिरफ्तार किए गए. दोनों को ही कोर्ट से जमानत मिल गई है.

    आरोपी पत्रकार ने कोरोना से संबंधित कई ऐसी बातें ट्वीट की थीं, जो गलत, भ्रामक डर पैदा करने वाली थीं. उसने ऐसे ही एक ट्वीट में पूछा था कि आखिर कोई बता सकता है कि कोविड-19 से संक्रमित शख्स से बातचीत करने पर उसके परिवार वालों को क्यों क्वारंटाइन किया गया है. उसने दूसरे ट्वीट में कोविड-1 से संक्रमित व्यक्तियों से अपील की थी कि वे अपने जानने वालों को फोन ना करें. जिनके पास ऐसे फोन आ रहे हैं, उन्हें ढूंढ़कर क्वारंटाइन किया जा रहा है. जाहिर है कि पत्रकार के ट्वीट में कोई सच्चाई नहीं थी और उसे अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.

    अंडमान के डीजी दीपेंद्र पाठक ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग ऐसे भ्रामक संदेश फैलाकर कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई को और मुश्किल बना रहे हैं. यह और भी बुरी बात है कि कई सरकारी अधिकारी भी ऐसा बर्ताव कर रहे हैं. ऐसे संदेशों के कारण कई लोग कोरोना से लड़ाई में सहयोग नहीं कर रहे हैं और इसके जिम्मेदार वे भी हैं, जो अफवाह फैला रहे हैं.

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    Tags: Andaman and Nicobar, Andaman Police, Coronavirus, COVID 19, Lockdown

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