मई-जून तक कोवैक्सीन का उत्पादन दोगुना करेगी सरकार, हाफकिन के साथ दो और कंपनियों को जिम्मेदारी

अभी तक इस वैक्सीन का निर्माण सिर्फ हैदराबाद स्थित  भारत बायोटेक कर रही थी. (news19 creative)

अभी तक इस वैक्सीन का निर्माण सिर्फ हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक कर रही थी. (news19 creative)

Covaxin production: प्लान के मुताबिक कोवैक्सीन की अप्रैल 2021 में 1 करोड़ उत्पादन क्षमता को जुलाई-अगस्त तक बढ़ाकर 6-7 करोड़ किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 6:45 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने शुक्रवार को कहा कि आत्मनिर्भर भारत 3.0 मिशन कोविड सुरक्षा प्रोग्राम के तहत स्वदेशी वैक्सीन के उत्पादन और विकास को तेजी से बढ़ाया जाएगा. सरकार ने इसके लिए सार्वजनिक क्षेत्र की तीन कंपनियों को जिम्मेदारी दी है, साथ ही भारत बायोटेक की वैक्सीन उत्पादन क्षमता (Vaccine Production Companies) को भी बढ़ाया गया है. सार्वजनिक क्षेत्र की तीन कंपनियों की बात करें तो मुंबई स्थित हाफकिन बायोफॉर्मास्यूटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड, इंडियन इम्युनोलॉजिकल्स लिमिटेड (आईआईएल) और भारत इम्युनोलॉजिकल्स और बायोलॉजिकल्स लिमिटेड (BIBCOL) को वैक्सीन के उत्पादन को बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है.

सरकार की ओर जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि योजना के मुताबिक हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक लिमिटेड के साथ अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों की वैक्सीन उत्पादन क्षमता को भी अपग्रेड किया जा रहा है. साथ ही आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी भी उपलब्ध कराई जा रही है. भारत बायोटेक के बेंगलुरु स्थित नए केंद्र के लिए सरकार ने 65 करोड़ रुपये की राशि जारी की है. बेंगलुरु स्थित भारत बायोटेक के नए केंद्र को शुरू करने का मकसद वैक्सीन उत्पादन की क्षमता को बढ़ाना है.

बयान के मुताबिक स्वदेशी वैक्सीन भारत बायोटेक की मौजूदा उत्पादन क्षमता को मई-जून 2021 तक दो गुना करने की है, जबकि जुलाई तक इसे 6 से 7 गुना तक बढ़ाया जाएगा. मतलब साफ है कि अप्रैल 2021 में वैक्सीन की 1 करोड़ उत्पादन क्षमता को जुलाई-अगस्त तक बढ़ाकर 6-7 करोड़ किया जाएगा. माना जा रहा है कि इस तरह सितंबर 2021 तक प्रति महीने भारत बायोटेक वैक्सीन की उत्पादन क्षमता को 10 करोड़ तक पहुंचाया जा सकता है.

बता दें कि कुछ दिनों पहले ही केंद्र सरकार के अंतर मंत्रालयी समूह की टीमों ने देश की दो प्रमुख वैक्सीन निर्माता कंपनियों के प्लांट का दौरा कर वैक्सीन उत्पादन बढ़ाने के बारे में विचार विमर्श किया था. इसके साथ ही वैक्सीन उत्पादन को लेकर केंद्र सरकार ने गहन समीक्षा बैठकें की और वैक्सीन निर्माताओं के साथ अपनी योजनाओं पर भी चर्चा की.
तीन सरकारी कंपनियां

मुंबई स्थित हाफकिन बायोफॉर्मास्यूटिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड, महाराष्ट्र सरकार के अधीन सरकारी कंपनी है. कंपनी को केंद्र सरकार की ओर से वैक्सीन उत्पादन क्षमता विकसित करने के लिए 65 करोड़ रुपये की अनुदान राशि भी दी जाएगी. हाफकिन ने इस काम के लिए सरकार से 12 महीने का वक्त मांगा है. हालांकि केंद्र सरकार ने कंपनी से कहा कि इस काम को 6 महीने के भीतर पूरा किया जाएगा. एक बार संचालन शुरू हो जाने के बाद हाफकिन प्रति महीने वैक्सीन की दो करोड़ खुराक का निर्माण करेगी.





हैदराबाद स्थित इंडियन इम्युनोलॉजिकल्स लिमिटेड, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के अधीन काम करती है, जबकि बुलंदशहर स्थित भारत इम्युनोलॉजिकल्स और बायोलॉजिकल्स लिमिटेड, बायोटेक्नोलॉजी विभाग के तहत सीपीएसई प्रतिष्ठान है. इन दोनों कंपनियों में वैक्सीन निर्माण की क्षमता को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार आर्थिक मदद देगी. केंद्र की कोशिश है कि अगस्त-सितंबर 2021 तक इन दोनों कंपनियों से प्रति महीने 1 से 1.5 करोड़ वैक्सीन की खुराक का उत्पादन प्राप्त किया जाए.
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