Home /News /nation /

महाराष्ट्र की सियासत में पवार की क्या है पावर?

महाराष्ट्र की सियासत में पवार की क्या है पावर?

शरद पवार

शरद पवार

आखिर क्या है एनसीपी के मुखिया शरद पवार का गेम प्लान. न्यूज़ 18 के संवाददाता ने शरद पवार के साथ खास बातचीत की.

    (विनय देशपांडे)

    महाराष्ट्र के सबसे बड़े राजनीतिक योद्धा शरद पवार इस बार लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ रहे हैं. लेकिन वो चुनावी जंग में इस बार भी पूरी तरह सक्रिय हैं. आखिर क्या है एनसीपी के मुखिया शरद पवार का गेम प्लान. न्यूज़ 18 के संवाददाता ने शरद पवार के साथ खास बातचीत की. इस संवाददाता ने पवार के साथ महाराष्ट्र के कई इलाकों का भी दौरा किया. पेश है इस बातचीत के कुछ अंश...

    पवार की गाड़ियों का काफिला दक्षिण मुंबई के ट्रैफिक से गुज़रते हुए आगे बढ़ता है. रास्ते में पवार हर मुद्दे पर खुलकर बातें करते हैं.... चाहे वो 1993 का मुंबई ब्लास्ट हो या फिर किसानों का मुद्दा.  सारी चीज़ों पर उन्होंने अपनी बेबाक राय रखी.

    जब नेहरू से मिले पवार
    राजनीति में एंट्री और शुरुआती दिनों को याद करते हुए पवार कहते हैं. ''उन दिनों मैं काफी युवा था. एक सीनियर नेता हम सबको पंडित नेहरू से मिलाने के लिए दिल्ली लेकर गए थे. उन दिनों केरल में गैर कांग्रेसी सरकार थी. वहां के सीएम के कुछ फैसलों से कांग्रेस खुश नहीं थी. पंडित नेहरू ने भी इसकी आलोचना की थी. वहां मौजूद एक नेता ने कहा कि सीएम के फैसले के खिलाफ आपने क्यों नहीं आवाज़ उठाई. इस पर नेहरू ने कहा सीएम का कार्यालय एक संस्था है. हमें लोकतंत्र में बने संस्थानों पर हमला नहीं करना चाहिए.

    पार्थ पवार को क्यों दिया टिकट?
    अजित पवार के बेटे पार्थ पवार मावल सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं. आखिर क्यों उन्होंने अपने पोते को टिकट दिया है? इस पर पवार ने कहा, ''मावल थोड़ी जोखिम भरी सीट है. हमारे पार्टी के कैडर ने पार्थ को यहां से उतारने का आग्रह किया. हर कोई राजनीति में  कभी न कभी पहली बार आता है. 70 के दशक में हमने सुशील कुमार शिंदे को टिकट दिया था. शुरुआत में वह थोड़ा नवर्स थे, लेकिन बाद में देश के गृहमंत्री भी बने.

    क्यों नहीं लड़ रहे हैं चुनाव?
    शरद पवार इस बार चुनावी मैदान में नहीं हैं. पहले उन्होंने कहा था कि वह चुनाव लड़ेंगे, लेकिन बाद में उन्होंने फैसला बदल लिया. पवार के इस कदम पर बीजेपी ने कहा था कि हार के डर से पवार पीछे हट गए हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए पवार ने कहा, ' पहले मैं बता दूं कि चुनाव में मेरी कभी हार नहीं हुई है. पहले बीजेपी बताए कि उन्होंने मुरली मनोहर जोशी और आडवाणी को टिकट क्यों नहीं दिया. मैं 79 साल का हूं. इसलिए मैं चुनाव नहीं लड़ रहा. चुनाव में कोई भी हार सकता है. आडवाणी हारे, इंदिरा गांधी की हार हुई.''

    पवार से जब ये पूछा गया कि क्या कभी उन्हें मेंटोर मानने वाले पीएम मोदी उन पर निशाना साधते हैं तो क्या उन्हें दुख होता है. इस पवार ने कहा, ''मुझे क्यों ठेस पहुंचेगी? ये अच्छी बात है कि वो मुझ पर निशाना साध रहे हैं. इसका मतलब ये है कि उन्हें हमारी ताकत का अंदाजा है. इससे मुझे मुफ्त की पब्लिसिटी मिलती है.''

    बीजेपी की नहीं बनगी सरकार
    क्या मोदी एक बार फिर पीएम बनेंगे इस सवाल के जवाब में पवार ने कहा, ''इस बार बीजेपी को बहुमत नहीं मिलने वाला है. हो सकता है कि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आए. लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई दूसरी पार्टी उन्हें मोदी के नाम पर समर्थन देगी.''

    रात के साढ़े दस बज चुके थे. उल्हासनगर में पवार की रैली खत्म हो गई थी. पार्टी का एक कार्यकर्ता उनके लिए बड़ा-पाव लेकर आया. पवार ने कहा कि वह सुबह से भूखे थे, लेकिन रात का खाना वह घर जाकर ही खाएंगे. वहां मौजूद पार्टी के एक नेता ने बताया की सात घंटे में दो रैली करने के बाद भी पवार थके नहीं हैं. वह हमेशा एनर्जी से भरे होते हैं.

    कैंसर से लड़ाई
    चुनावी बातचीत के बाद पवार ने अपनी गंभीर बीमारी पर बात की. उन्हें ओरल कैंसर था. अपने मुश्किल दिनों को याद करते हुए पवार ने कहा, ''डॉक्टरों ने कहा था कि मैं काफी कम दिन ज़िंदा रहूंगा. उस वक्त मैंने फैसला किया कि मैं मौत से लड़ूंगा और मैंने ऐसा ही किया.''

    ये भी पढ़ें:

    दिग्विजय के समर्थन में उतरे कंप्यूटर बाबा अचानक हुए गायब!

    पूर्व नेवी अफसर का दावा- ऑफिशियल ट्रिप पर थे राजीव गांधी

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स

    Tags: Lok Sabha Election 2019, Maharashtra, NCP, PM Modi, Sharad pawar

    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर