कॉलेज जूनियर ने अरुण जेटली को ऐसे किया याद

भाषा
Updated: August 24, 2019, 11:18 PM IST
कॉलेज जूनियर ने अरुण जेटली को ऐसे किया याद
कॉलेज जूनियर ने अरुण जेटली को किया याद.

फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (Fashion Design Council of India) के अध्यक्ष सुनील सेठी ने अरुण जेटली (Arun Jaitley) को ऐसे सीनियर के रूप में याद किया जिन्होंने उन्हें कॉलेज में रैगिंग से बचाया था.

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राजधानी के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (Shri Ram College of Commerce) के प्रिंसिपल और उनके जूनियर ने प्रख्यात नेता और इस कॉलेज के पूर्व छात्र अरुण जेटली (Arun Jaitley) को याद करते हुए उन्हें प्रखर वक्ता और जन्मजात नेता बताया जो 'दिल से एसआरसीसी से जुड़े' हुए थे. वह एसआरसीसी (SRCC) के अध्यक्ष थे और बाद में 1970 के दशक में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे. एसआरसीसी कॉलेज की प्रिंसिपल स्मृति कौर ने कहा कि संचालन मंडल के सदस्य के तौर पर वह सभी बैठकों में शामिल रहे और एक भी बैठक में अनुपस्थिति नहीं रहे.

उन्होंने कहा, "उनकी रूचि एसआरसीसी में थी और वह दिल से उससे जुड़े थे. हमने इस साल अपना वार्षिक दिवस मनाया और वह उसमें आए थे. वह करीब दो घंटे तक हमारे साथ रहे. उनका परिवार भी एसआरसीसी के लिए उनके प्यार के बारे में बात करता था. उन्होंने हमेशा हमें सहयोग दिया और उनके निधन से एक खालीपन पैदा हो गया है जिसे कभी भरा नहीं जा सकता."

कौर ने कहा कि वह कॉलेज की विभिन्न पहल को लेकर नियमित आधार पर जेटली से बात करती थीं. उन्होंने कहा, "एक बार हम विचार-विमर्श कर रहे थे कि छात्रों के करियर और मनोविज्ञान के लिए कैसे उन तक काउंसिलिंग सेवाएं पहुंचाई जाए. एक मिनट के भीतर उन्होंने कहा कि ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफ लाइन काउंसिलिंग करवाई जाए. उनकी वजह से हमारे पास हर समय चलने वाली काउंसिलिंग सेवाएं हैं."



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रैगिंग से बचाया था
फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के अध्यक्ष सुनील सेठी ने जेटली को ऐसे सीनियर के रूप में याद किया जिन्होंने उन्हें कॉलेज में रैगिंग से बचाया था. सेठी ने बताया, "वह सेंट जेवियर स्कूल में मेरे सीनियर थे और कॉलेज में भी. वह मेरे से दो साल सीनियर थे. जब वह तृतीय वर्ष में थे तो मैं प्रथम वर्ष में था. हम एक ही वाद-विवाद टीम में थे और उनके वाक कौशल की वजह से हमारी टीम हमेशा जीतती थी. वह बहुत अच्छे वक्ता थे."
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याद रहती थीं क्रिकेट की जानकारियां
उन्होंने कहा कि जेटली किसी भी विषय पर बिना तैयारी के बोल सकते थे जबकि दूसरे लोगों को नोट्स बनाने पड़ते थे. सेठी ने याद किया, "जब वह डीडीसीए में नहीं थे तब भी उनकी क्रिकेट में रुचि थी. कई बार हम मैच देखने फिरोजशाह कोटला मैदान गए थे. उन्हें हमेशा याद रहता था कि कौन-सा टेस्ट मैच किस टीम ने जीता और अन्य जानकारियां भी याद रहती थीं."

बीमारी के बाद भी निकालते थे वक्त
उन्होंने बताया कि वह कुछ महीने पहले एक पार्टी में जेटली से मिले थे. सेठी ने कहा, "जेटली को हर किसी से एक उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई थी क्योंकि वह किसी संक्रमण का शिकार नहीं होना चाहते थे. उनका शरीर कमजोर था. इस दौर से गुजरने के बावजूद उन्होंने वहां आने का वक्त निकाल लिया था."

जेटली का निधन शनिवार दोपहर 12 बजकर सात मिनट पर एम्स में हो गया. उनका कुछ सप्ताह से अस्पताल में इलाज चल रहा था. वह नौ अगस्त को एम्स में भर्ती हुए थे.

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First published: August 24, 2019, 8:05 PM IST
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