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13 दिन गैंगरेप हुआ, 2 गोली मारी गईं, अब समाज मुझे ही गलत कहता है: नोएडा रेप सर्वाइवर

News18Hindi
Updated: December 2, 2019, 8:31 PM IST
13 दिन गैंगरेप हुआ, 2 गोली मारी गईं, अब समाज मुझे ही गलत कहता है: नोएडा रेप सर्वाइवर
ग्रेटर नोएडा गैंगरेप पीडि़ता ने सुनाई आपबीती

हैदराबाद में डॉक्‍टर के साथ गैंगरेप और हत्‍या मामले (Hyderabad Doctor Gangrape Murder Case) ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. चार साल पहले ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) से ऐसा ही एक मामला सामने आया था जिसमें आज भी न्‍याय का इंतजार है.

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  • Last Updated: December 2, 2019, 8:31 PM IST
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नई दिल्‍ली. हैदराबाद में महिला डॉक्‍टर से गैंगरेप हत्‍या (Hyderabad Doctor Gangrape Murder Case) और रांची में स्‍टूडेंट के साथ गैंगरेप (Ranchi Student Gangrape) जैसी एक के बाद एक कई घटनाओं ने महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं. सड़क से लेकर संसद तक मुद्दा गरम है. आरोपियों को फांसी पर चढ़ाने की मांग उठने लगी है. इस बीच सीएनएन न्‍यूज18 से चार साल पहले गैंगरेप की शिकार हुई एक नाबालिग पीड़िता ने अपनी दर्दनाक और हैवानियत भरी दास्‍तां सुनाई.

पीड़िता ने न्‍यूज18 से बातचीत में बताया कि उसके साथ 13 दिन ही हैवानियत की गई. विरोध करने पर उसे गोली मारकर कुंए में फेंक दिया गया. उसे दो गोली मारी गई थी. किसी तरह से उसकी जान बची. मामला कोर्ट में चला और लोअर एवं हाईकोर्ट से आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई. मामला अभी भी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है, एक आरोपी फरार भी चल रहा है. लेकिन, आज समाज उसे ही गलत कहता है. पीड़िता ने बताया कि उसे केवल तीन लोगों का ही सहारा मिला था.

नाबालिग ने खुद ही निकाली थी बुलेट
यह घटना दिल्‍ली के उत्‍तम नगर की है. घटना 22 नवंबर 2015 की है. नाबालिग लड़की को उत्‍तम नगर से अगवा करके ग्रेटर नोएडा के सलेमपुर गांव में रखा गया था. पीड़िता ने बताया कि वह सुबह करीब 6:00 बजे दूध लेने जा रही थी. उस दौरान उसे अगवा किया गया. उसे 13 दिन तक एक कमरे में रखा गया और उसके साथ लगातार हैवानियत की गई. जब उसने विरोध किया तो खेत में ले जाकर उसे 2 गोली मारी.


पीड़िता ने बताया कि जब उसे होश आया तो सुबह का समय था. उसके शरीर से खून निकल रहा था. एक गोली शरीर में ज्‍यादा अंदर नहीं घुस पाई थी. उसने अपने हाथ से ही उसे निकाला और अपनी जेब में रख लिया. उसके आस-पास केवल दीवार थी. गोल आकार में. जब उसने आसमान की तरफ देखा तो उसे महसूस हुआ कि वे कुंए में है.

एक लड़के ने मुझे भूत समझापीड़िता ने बताया, 'मैं अपनी जान बचाने के लिए चिल्‍लाती रही. सबसे पहले गांव के एक लड़के ने मेरी आवाज सुनी तो वह कुंए में देखे बिना डरकर भाग गया. शायद उसने गांव वालों से कहा कि कुंए में भूत है. गांव वालों ने जब कुंए में झांका तो हैरान रह गए. गांव के लोगों ने रस्‍सी डाली और मुझे कुंए से निकाला.'

नाबालिग ने बताया, ' मैं 12 घंटे से ज्‍यादा समय तक कुंए में पड़ी रही. 22 नवंबर को ही मेरे घर वालों ने गुमशुदगी की रिपोर्ट उत्‍तम नगर थाने में दर्ज कराई थी. मुझे पड़ोस के ही तीन लड़कों ने कार में अगवा किया था और इस वारदात को अंजाम दिया था. लोअर कोर्ट और हाईकोर्ट से आरोपियों को फांसी की सजा हो चुकी है, लेकिन अब मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया है. एक आरोपी फरार भी हो चुका है.'

पीड़िता ने दर्द बयां करते हुए कहा, 'मुझे दुख इस बात का है कि चार साल के बाद भी आरोपियों को सजा नहीं दी गई है. मैं पीड़िता हूं और समाज मुझे ही दोषी समझता है. मुझे ही गलत कहा जाता है. मेरे जीवन में केवल तीन लोग ऐसे हैं जिन्‍होंने मेरा साथ दिया.'

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First published: December 2, 2019, 8:17 PM IST
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