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Noida News: नोएडा का सिग्नेचर ब्रिज बनाने के लिए काट दिए मंजूरी से ज्यादा पेड़, होगी जांच

Noida News: नोएडा का सिग्नेचर ब्रिज बनाने के लिए काट दिए मंजूरी से ज्यादा पेड़, होगी जांच

पर्थला फ्लाई ओवर का निर्माण नोएडा में किया जा रहा है. स्ट्रक्चर के चलते इसे नोएडा का सिग्नेचर ब्रिज भी कहा जा रहा है.

पर्थला फ्लाई ओवर का निर्माण नोएडा में किया जा रहा है. स्ट्रक्चर के चलते इसे नोएडा का सिग्नेचर ब्रिज भी कहा जा रहा है.

नोएडा के एक दर्जन से ज़्यादा सेक्टर और ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) को इस फ्लाई ओवर का बड़ा फायदा मिलेगा. वहीं दिल्ली (Delhi) से गाज़ियाबाद, हापुड़ जाने वाले भी एक लम्बे ट्रैफिक जाम से बचेंगे.

  • News18Hindi
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    नोएडा. पर्थला फ्लाई ओवर (Parthala flyover) का निर्माण नोएडा में किया जा रहा है. स्ट्रक्चर के चलते इसे नोएडा का सिग्नेचर ब्रिज भी कहा जा रहा है. फ्लाई ओवर के निर्माण के दौरान बीच में आने वाले पेड़ों को काटने के लिए वन विभाग (Forest department) से मंजूरी भी ली गई थी. लेकिन अब वन विभाग ने फ्लाई ओवर का निर्माण करने वाली कंपनी पर जुर्माना लगाया है. विभागीय स्तर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है. डीएफओ, गौतम बुद्ध नगर (Gautam Budh Nagar) का आरोप है कि कंपनी ने मंजूरी से ज्यादा पेड़ काटे हैं. डीएफओ ने इसकी जांच के भी आदेश दे दिए हैं. गौरतलब रहे नोएडा के एक दर्जन से ज़्यादा सेक्टर और ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) को इस फ्लाई ओवर का बड़ा फायदा मिलेगा. वहीं दिल्ली (Delhi) से गाज़ियाबाद, हापुड़ जाने वाले भी एक लम्बे ट्रैफिक जाम से बचेंगे.

    217 काटने थे और 1816 पेड़े शिफ्ट करने थे कंपनी को

    पर्थला फ्लाई ओवर का निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद में डीएफओ प्रमोद कुमार ने न्यूज18 हिंदी को बताया, “फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए वन विभाग की ओर से कुल 217 पेड़ काटने की अनुमति दी गई थी. इसमे 200 नीम के पेड़ थे तो 17 अन्य पेड़ शामिल थे. वहीं 1816 ऐसे भी पेड़ थे जो निर्माण कार्य के दौरान दूसरी जगह शिफ्ट किए जाने थे.

    लेकिन एक शिकायत के बाद जानकारी में आया कि निर्माता कंपनी ने मंजूरी से ज्यादा पेड़ काट दिए हैं. कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है. साथ ही इस मामले की अलग से जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं.”

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    एक पेड़ के लिए जमा करनी होती है एक हजार जमानत राशि

    जानकारों की मानें तो एक हरा पेड़ काटने के लिए वन विभाग की मंजूरी लेनी होती है. मंजूरी मिलने के बाद प्रति पेड़ 100 रुपये जमा करने होते हैं. साथ ही यह शपथ पत्र भी देना होता है कि इस एक पेड़ को काटने के बदले दूसरी जगह पर 10 नए पेड़ लगाए जाएंगे.

    इतना ही नहीं शपथ पत्र के साथ प्रति पेड़ के हिसाब से एक हजार रुपये की जमानत राशि भी जमा करनी होती है. यह जमानत राशि बाद में वापस हो जाती है. लेकिन उसके लिए पहले 10 पेड़ लगाए जाने की फोटो दिखाने के साथ फिर से शपथ पत्र देना होगा.

    Tags: Delhi-NCR News, Forest department, Noida Authority

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