ग्राउंड रिपोर्टः भारतीय सैनिकों का कड़ा रुख, सर्दियों में भी लद्दाख सीमा पर बनी रहेगी गर्मी

ग्राउंड रिपोर्टः भारतीय सैनिकों का कड़ा रुख, सर्दियों में भी लद्दाख सीमा पर बनी रहेगी गर्मी
एलएसी पर भारत-चीन में विवाद जारी है.

चीन की सेना ने तो चुशुल में चल रही ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत के दौरान ही दक्षिण पैंगग इलाके की तीन चोटियों पर एक बार फिर से घुसपैठ की कोशिश भी की लेकिन भारतीय सेना ने चीनी सेना के जवानों को अपनी भाषा में ऐसा समझाया की चीन की सेना के सैनिक उल्टै पैर हो चली.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 4, 2020, 11:24 AM IST
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नई दिल्ली. भारत और चीन (India-China) के बीच पूर्वी लद्दाख (Ladakh) में जारी तनाव ने 29/30 अगस्त को एक नया मोड़ तब ले लिया, जब चीन की भारतीय इलाके में क़ब्ज़े की कोशिश को भारतीय सेना (Indian Army) ने नाकाम कर दिया है. उसके बाद से ही एलएसी (LAC) पर तनाव और बढ़ गया. न्यूज़ 18 इंडिया की टीम जब उस हालात को जानने के लिए लेह पहुंची तो कुछ बदला-बदला सा लगा. कोरोना के चलते कुछ बंदिशें यहा भी है मसलन लेह एयरपोर्ट पर उतरते ही पहले तो हमारी टीम का रैपिड कोरोना टेस्ट हुआ और सात दिन तक क्वारंटाइन रहने को कहा गया.

अब पहले बात करते है लेह की. पिछले साल तक सितंबर का महीना जहा सड़कें और होटल टूरिस्टों से भरे रहते है इस बार सब सन्नाटा पसरा पड़ा है. सर्दियों में लेह को घोस्ट टाउन यानी भूतहा शहर की संज्ञा से जाना जाता है लेकिन सर्दियों से पहले ही यहा वैसा ही मंज़र देखने को मिला. पहले कोरोना की वजह से और अब भारत-चीन के बीच चल रहे तनाव के चलते. वैसे तो लेह से गलवान, पैंगॉग लेक की दूरी 150 से 300 किलोमीटर दूर है, लेकिन एलएसी पर चल रहे तनाव का असर लेह शहर की ख़ामोशी मे साफ दिखाई पड़ रहा है. 5-6 मई को शुरू हुए विवाद ने 15 जुलाई को एक हिंसक रूप ले लिया भारतीय सेना के एक कर्नल समेत कुल बीस सैनिक शहीद हो गए तो चीन को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है. हालांकि चीन में उसकी सैनिकों की मौत को न तो माना है न ही शायद कभी मानेगा लेकिन अब सोशल मीडिया पर जारी हो रही उन चीनी सैनिकों की कब्र की तस्वीरें चीन के झूठ से पर्दा उठा रही है.

बहरहाल अभी बात करते है मौजूदा तनाव की. जो काम चीन ने 5-6 मई को किया था यानी की गलवान, गोगरा और पैंगाग लेक के उत्तरी छोर पर एलएसी को पार कर भारतीय इलाकों में घुसपैठ की थी. वही चीन की सोना ने 29 /30 अगस्त की रात को फिर दोहराने की कोशिश की. इस बार पैंगाग लेक के दक्षिणी छोर को चीन ने चुना. चूंकी भारतीय सेना को चीन की सेना की हरकतों के बारे में पहले से ही आभास हो गया था और उस पर नजर रखने के लिए कई तरह के रडार और सर्वेलांस सिस्टम को पहले ही पूरे एलएसी में तैनात कर दिया था. इस तैनाती का असर ये हुआ की चीन की मूवमेंट का भारतीय सेना को 24 घंटे पहले ही पता चल गया और चीन को एलएसी के स्टेटस को बदलने से पहले ही अपनी चोटियों पर क़ब्ज़ा जमा लिया.



31 अगस्त को पूरे दिन इंटरनेट बाधित
200 से 300 की तादाद में चीनी सैनिकों को भारतीय सेना ने खदेड़ दिया. ये सब लेह से काफी दूर हो रहा था लेकिन इसका असर लेह में भी देखा जाने लगा. कुछ स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बताया की 31 अगस्त की रात को पूरे लेह में इंटरनेट को सुरक्षा के लेहाज से कुछ समय के लिए बाधित किया गया था. शायद सेना के मूवमेंट को देखते हुए. एलएसी की तरफ जाने लड़कों पर सिर्फ फ़ौजी वाहनों को ही चलने की अनुमति है. सिविल गाड़ियों को भी लेह से बाहर एलएसी की तरफ जाने पर तो मई के बाद से पांबदी लगी हुई है, लेकिन लेह एयर बेस पर ज़्यादा हलचल नहीं देखी गई. सिविल एयरक्राफ़्ट लैंड कर रहे थे.

तनाव कम करने के लिए शीर्ष अधिकारियों की बातचीत जारी है,
तनाव कम करने के लिए शीर्ष अधिकारियों की बातचीत जारी है,


मिलेट्री एयरक्राफ़्ट, फाइटर और हेलिकॉप्टर भी रोज़ की तरह ही अपनी अपनी उड़ान को जारी रखे हुए थे. वायुसेना की तरफ से किसी भी तरह का कोई पैनिक नजर नहीं आ रहा है सब सामान्य ही है. लेकिन एलएसी से कुछ जानकारी ऐसी आ रही है की तनाव पैंगाग के पश्चिम छोर और दक्षिणी छोर पर चरम पर है. दक्षिणी छोर पर भारतीय सेना ने अपनी पकड़ को मज़बूत किया है.

एक तरफ वार्ता, दूसरी तरफ घुसपैठ
हालांकि चीन की सेना ने तो चुशुल में चल रही ब्रिगेड कमांडर स्तर की बातचीत के दौरान ही दक्षिण पैंगग इलाके की तीन चोटियों पर एक बार फिर से घुसपैठ की कोशिश भी की लेकिन भारतीय सेना ने चीनी सेना के जवानों को अपनी भाषा में ऐसा समझाया की चीन की सेना के सैनिक उल्टै पैर हो चली. भारत ने 30 अगस्त को चीन की दक्षिणी पैंगाग इलाके में की कार्रवाई को देखते हुई उत्तरी पैंगाग में अपनी स्थिति को मज़बूत कर लिया. कई नई पोस्ट फ़िंगर एरिया की चोटियों पर बनाई और सैनिकों की तैनाती को भी बदला.

दोनों देशों के बीच कमांडर स्तर पर बातचीत
फिलहाल हालात को संभालने और तनाव किसी बडे हिंसक रूप न ले ले दोनों देशों के बीच लगातार तीन दिन से ब्रेगेड कमांडर स्तर की बातचीत चल रही है, लेकिन कोई हल फिलहाल निकलता नहीं दिख रहा है. आगे भी बातचीत जारी रहने की संभावना है. कह सकते हैं कि दिन में सीधी कड़ी धूप और रात को कोसी कोसी ढंठ आने वाले जाड़े की दस्तक दे रहा है लेकिन इस साल की ठंड में भी एलएसी पर गर्मी बढ़ी रहेगी.
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