ग्राउंड रिपोर्ट: जानिए कैसे नाथुला पास पहुंचने का सफर होगा आसान

सिक्किम के सीमावर्ती जिले रंगपो से शुरू होता है और नाथुला पास तक खत्म होता है. (सांकेतिक तस्वीर)
सिक्किम के सीमावर्ती जिले रंगपो से शुरू होता है और नाथुला पास तक खत्म होता है. (सांकेतिक तस्वीर)

एसडीएम रंगपो हिम्मत राय का कहना है कि हमारे पास खराब रास्ते की अक्सर शिकायत आया करती थी और हम इसे दूर करने की कोशिश भी करते थे लेकिन अब सेना की मदद से हमारा यह मुश्किल दूर करने का कार्य और ज्यादा आसान हो जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 28, 2020, 6:58 PM IST
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गंगटोक. सिक्किम (Sikkim)में भारत-चीन सीमा (India-China Border) पर नाथुला पास (Nathula Pass) के वैकल्पिक रास्ते को भी दुरुस्त करने का काम शुरू हो चुका है. भारतीय सेना (Indian Army) की जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स (General Reserve Engineering Force), स्थानीय प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर 110 किलोमीटर इस रास्ते का निर्माण कर रहे हैं. ये रास्ता सिक्किम के सीमावर्ती जिले रंगपो से शुरू होता है और नाथुला पास तक खत्म होता है.

पूर्वी सिक्किम के रंगपो इलाके में पिछले 4 महीनों से जोरों से काम चल रहा है और कुछ दिनों पहले भारतीय सेना की जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स की यूनिट भी इस रास्ते को ठीक करने के काम में जोर-शोर से जुटी हुई है. 110 किलोमीटर लंबे इस रास्ते की सॉयल टेस्टिंग हो चुकी है, स्थानीय प्रशासन और स्थानीय लोगों ने सेना को यहां की मिट्टी यहां के पत्थर और दुर्गम रास्तों के बारे में जानकारी दे दी है. अब सेना के लोग समझने की कोशिश कर रहे हैं कि बेहतर और मजबूत रास्ता कैसे बनाया जाए क्योंकि हर साल बारिश में इसी तरीके से रास्ता धंस जाता है और बार-बार इसी साल दर साल इसे बनाया जाता है.

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सेना की मदद से दूर हुई मुश्किल
एसडीएम रंगपो हिम्मत राय का कहना है कि हमारे पास खराब रास्ते की अक्सर शिकायत आया करती थी और हम इसे दूर करने की कोशिश भी करते थे लेकिन अब सेना की मदद से हमारा यह मुश्किल दूर करने का कार्य और ज्यादा आसान हो जाएगा. जैसा हमें सहयोग करना होगा या फिर लेना होगा उसके लिए एक पुख्ता योजना तैयार होगी.

सिक्किम के सीमावर्ती इलाके रंगपो से यह रास्ता शुरू होता है. जिसके बाद रीनक, रंगेली, लिंगटाम, जलुक, कुपुक इलाके होते हुए ये रास्ता नाथुला पहुंचता है. लेकिन अक्सर भूस्खलन व अन्य प्राकृतिक आपदा की वजह से इस रास्ते में कोई न कोई बाधा उत्पन्न होती रहती है लिहाजा मुख्य रास्ते NH10 पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. पिछले 4 महीने से अब इस वैकल्पिक रास्ते पर भी ध्यान दिया जा रहा है और इसी तरीके से जगह जगह जहां पर रास्ते खराब हैं उनको दुरुस्त किया जा रहा है.

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वैकल्पिक रास्ते से आम लोगों को होगी सहूलियत
स्थानीय निवासी संजय अग्रवाल के मुताबिक पर जाम की समस्या हर वक्त मुख्य रास्ते पर रहती है और जब इस तरीके से वैकल्पिक रास्ते पर ध्यान दिया जा रहा है तो जाम के साथ-साथ हम जैसे लोग जो यहां पर रह रहे हैं उन्हें बहुत ज्यादा सहूलियत होगी.

फिलहाल यहां से अभी हल्के वाहन ही जाएंगे लेकिन आने वाले दिनों में सेना के भारी वाहन भी इस रास्ते का इस्तेमाल करेंगे जिन्हे सुरक्षा के सारे मापदंडों को पूरा करने के बाद ही जाने दिया जाएगा.
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