नरसिम्हा राव की उपेक्षा करती रही कांग्रेस को अब क्यों आई उनकी विरासत की याद

नरसिम्हा राव की उपेक्षा करती रही कांग्रेस को अब क्यों आई उनकी विरासत की याद
कांग्रेस को लंबे समय बाद नरसिम्हा राव की विरासत याद आई है. (फाइल फोटो)

अन्य पूर्व कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और राजीव गांधी (Rajeev Gandhi) की तरह कांग्रेस कभी भी नरसिम्हा राव (P.V Narshimha Rao) की जयंती नहीं मनाती. यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी कोई बड़ा कांग्रेसी नेता कभी उन्हें याद करता नहीं दिखा.

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नई दिल्ली. इन दिनों कांग्रेस (Congress) में एक बिल्कुल नया परिवर्तन (New Change) देखने को मिल रहा है. एकाएक कांग्रेसी (Congress Leaders) नेता पूर्व प्रधानमंत्री पी.वी नरसिम्हा राव (P.V Narshimha Rao) को श्रद्धांजलि दे रहे हैं. 2004 में नरसिम्हा राव की मृत्यु के बाद शायद ही कभी ऐसा देखा गया है. दरअसल तेलंगाना कांग्रेस इस वर्ष पीवी नरसिंम्हा राव का जन्मशती वर्ष मना रही है. इसी क्रम में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी पीवी नरसिम्हा राव को याद किया है.

सोनिया गांधी ने किया याद
सोनिया गांधी ने कहा है, ‘पी वी नरसिंह राव का जन्म शताब्दी वर्ष हम सभी के लिए मौका है कि हम एक बहुत विद्वान व्यक्तित्व को याद करें और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करें. राज्य और राष्ट्रीय स्तर की राजनीति में लंबा जीवन बिताने के बाद वह ऐसे समय देश के प्रधानमंत्री बने जब गंभीर आर्थिक संकट था। उनके साहसिक नेतृत्व के चलते देश कई सारी चुनौतियों से पार पाने में सफल रहा.’

क्या बोले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा है ,‘हम एक ऐसे व्यक्ति की विरासत का जश्न मना रहे हैं जिनके योगदान के कारण आधुनिक भारत निरंतर आकार ले रहा है. किशोरावस्था में कांग्रेस में शामिल होने से लेकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का प्रधानमंत्री बनने तक के उनके लंबे राजनीतिक सफर के दौरान 24 जुलाई, 1991 को पेश बजट में उनकी छाप एवं प्रतिबद्धता दिखती है.'



'आर्थिक सुधारों के प्रणेता'
वहीं पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत में आर्थिक सुधारों के प्रणेता के तौर पर नरसिम्हा राव को याद किया है. हालांकि अन्य पूर्व कांग्रेसी प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की तरह कांग्रेस कभी भी नरसिम्हा राव की जयंती नहीं मनाती. यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी कोई बड़ा कांग्रेसी नेता कभी उन्हें याद करता नहीं दिखा. कांग्रेस में मनमोहन सिंह इकलौते नेता रहे हैं जो पीवी नरसिम्हा राव को श्रद्धांजलि देने आंध्र भवन जाते रहे हैं. राव को मनमोहन सिंह अपना मेंटर मानते हैं.

खराब होते गए संबंध
1991 में जब नरसिम्हा राव देश के प्रधानमंत्री बने थे तब तक उनके संबंध सोनिया गांधी के साथ बहुत अच्छे थे. लेकिन फिर बाद में संबंधों में खटास आ गई. 10 जनपथ स्थित सोनिया गांधी के घर वो बहुत कम जाया करते थे. वक्त के साथ संबंध और भी बुरे होते चले गए और इसकी सबसे बुरी परिणति तब दिखी जब नरसिम्हा राव का देहांत हुआ.

एकाएक क्यों हुआ हृदय परिवर्तन
लेकिन फिर ये एकाएक परिवर्तन क्यों हुआ है? दरअसल इसकी शुरुआत तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव द्वारा पीएम मोदी को लिखे एक खत के बाद हुई. उन्होंने नरसिम्हा राव के जन्मशती वर्ष में उन्हें भारत रत्न दिए जाने की मांग कर दी. इसके बाद तेलंगाना कांग्रेस में उहापोह की स्थिति मच गई. कांग्रेस की राज्य यूनिट ने भी नरसिम्हा राव के जन्मशती वर्ष में कार्यक्रम आयोजित करने का प्लान किया है. माना जा रहा है कि ये पीवी नरसिम्हा राव की विरासत की लड़ाई है जिसमें चंद्रशेखर राव आगे दिख रहे हैं. ऐसे में अब कांग्रेस नेतृत्व को भी पीवी नरसिम्हा राव को याद करने पर मजबूर होना पड़ा है.

(पल्लवी घोष की रिपोर्ट से इनपुट्स के साथ. पूरी रिपोर्ट यहां क्लिक कर पढ़ी जा सकती है) 
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