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Gujarat Election 2022: 50 साल बाद कांग्रेस ने जीती थी आणंद विधानसभा सीट, क्या इस बार दोहरा पाएगी इतिहास?

कांग्रेस ने आणंद विधानसभा सीट पर फिर से जीत का दावा किया है.

कांग्रेस ने आणंद विधानसभा सीट पर फिर से जीत का दावा किया है.

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हाइलाइट्स

गुजरात में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत तेज
कांग्रेस ने किया आणंद विधानसभा सीट पर जीत का दावा
बीजेपी को निकाय चुनाव का अच्छा प्रदर्शन जारी रखने की उम्मीद

आणंद (गुजरात). कांग्रेस ने 50 साल बाद 2017 में आणंद विधानसभा सीट पर जीत हासिल की थी. अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी कांग्रेस चुनाव में अपनी जीत बरकरार रख पाएगी? इस सीट पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला माना जा रहा है. इधर, भाजपा को निकाय चुनाव का अपना अच्छा प्रदर्शन जारी रहने की उम्मीद है.

कांग्रेस के कांति सोडापरमार का कहना है कि उन्हें बड़े अंतर से अपनी जीत दोहराने का पूरा विश्वास है. मालूम हो कि उन्होंने 2017 के गुजरात विधानसभा चुनाव में 5000 वोटों के अंतर से इस सीट पर जीत हासिल की थी. आणंद निर्वाचन क्षेत्र में गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 5 दिसंबर को मतदान होगा.

बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला

राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि इस बार सोडापरमार और भाजपा के योगेश पेटल के बीच सीधा मुकाबला होगा, क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) के गिरीश शांडिल्य का इस क्षेत्र में कोई खास जन समर्थन नहीं है. देश की दुग्ध राजधानी की पहचान बना चुके आणंद निर्वाचन क्षेत्र में 15 प्रत्याशी हैं. आणंद प्रसिद्ध अमूल ब्रांड डेयरी उत्पादों का मूल स्थान है तथा गुजरात दुग्ध विपणन सहकारी संघ के बैनर तले ये उत्पाद यहां बनते हैं.

आणंद शहर आणंद जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में एक है जिनमें से 5 पर 2017 में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी. आणंद निर्वाचन क्षेत्र में 3,13,857 मतदाता हैं जिनमें 1,59,122 पुरूष, 1,54,730 महिलाएं तथा पांच ट्रांसजेंडर हैं. क्षत्रिय इस क्षेत्र में वर्चस्वशील जाति है.

सोडापरमार ने लगाया आरोप

कांग्रेस के कांति सोडापरमार का कहना है कि 2017 से पहले, मैं तीन बार बहुत कम अंतर से हार जाता था, लेकिन विधायक बनने के बाद मैंने लोगों के लिए काम किया. इस बार मैं 25000 वोटों के अंतर से जीतूंगा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी एवं भ्रष्टाचार के सिवा लोगों को कुछ नहीं दिया. वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता भरत सिंह सोलंकी ने कहा कि उनकी पार्टी आप द्वारा संभवत पहुंचाए जाने वाले नुकसान को कम से कम करने की चेष्टा कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को आणंद जिले की सभी सात सीटों पर जीत की आस है. उन्होंने कहा, ‘हम 2017 में उमरेथ और खंबात हार गए थे. इस बार हमने उमरेथ और खंबात सीटें राकांपा को दी हैं.’

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स्थानीय भाजपा नेताओं ने दावा किया कि पार्टी पाटीदार आरक्षण आंदोलन के चलते पिछली बार आणंद जिले की सीटें हार गयी, लेकिन इस बार यह कोई मुद्दा ही नहीं है. भाजपा के एक स्थानीय नेता ने कहा, ‘ हमने अपनी हार के कारणों की पहचान की और सुधार के कदम उठाये. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही विद्यानगर में एक बड़ी रैली को संबोधित किया तथा योगेश पटेल जब नामांकन पत्र भरने गए तब उनके साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी गये. यह दर्शाता है कि भाजपा आणंद को कितनी गंभीरता से लेती है.’

Tags: BJP Congress, Gujarat Election, Gujarat news

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