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राहुल का 'टेंपल रन' रहा नाकाम, गुजरात को मोदी पर ही भरोसा

News18Hindi
Updated: December 18, 2017, 4:56 PM IST
राहुल का 'टेंपल रन' रहा नाकाम, गुजरात को मोदी पर ही भरोसा
राहुल गांधी

गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान राहुल ने कम से कम 25 मंदिरों में शंख फूंका. जानकार इसे राहुल गांधी का 'सॉफ्ट हिन्दुत्व' बता रहे थे, लेकिन गुजरात चुनाव में राहुल को इसका मनमाफिक नतीजा मिलता नहीं दिखा.

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गुजरात में 22 वर्षों का वनवास ख़त्म करने के लिए कांग्रेस ने मंदिरों में खूब पूजा अर्चना की. गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार अभियान के दौरान राहुल ने कम से कम 25 मंदिरों में शंख फूंका. जानकार इसे राहुल गांधी का 'सॉफ्ट हिन्दुत्व' बता रहे थे, लेकिन गुजरात चुनाव में राहुल को इसका मनमाफिक नतीजा मिलता नहीं दिखा.

गुजरात विधानसभा की 182 सीटों पर हुए चुनाव में इस बार कांग्रेस ने प्रचार अभियान में पूरी ताकत झोंक दी थी. राहुल गांधी ने इस दौरान कुल 177 विधानसभा सीटों को कवर किया. यहां उन्होंने रैली, रोड शो और जनसंपर्क अभियानों के अलावा मंदिरों में माथा टेका.

राहुल के मंदिर दर्शन का एक मकसद ये दिखाना भी था कि बीजेपी से ज्यादा उनकी पार्टी कांग्रेस हिन्दुओं की हितैषी है. राहुल के ये टेंपल रन वोटरों को इशारा था कि वो भी दूसरों की ही तरह हिंदू हैं. वो इस दौरान ये भी जताते चल रहे थे कि उनकी पार्टी हिंदू विश्‍वासों के प्रति उदार रवैया रखती है.

राहुल के इस नए हिन्दुत्व कार्ड को बीजेपी ने सियासी पैंतरा बताते हुए उनके हिन्दू होने पर ही सवाल खड़ा कर दिया. वहीं कांग्रेस ने इसके जवाब में कहा कि राहुल गांधी हिन्दू ही नहीं, बल्कि जनेऊधारी हिन्दू हैं.

हालांकि गुजरात में कांग्रेस का हिन्दुत्व कार्ड काम नहीं आया और विधानसभा चुनाव के अब तक आए नतीजों और रुझानों के हिसाब से बीजेपी अब राज्य में सत्ता का सिक्सर लगाती दिख रही है.

दरअसल गुजरात में बीजेपी की ये जीत पीएम मोदी के व्यक्तित्व की जीत की तरह देखी जा रही है. पीएम मोदी के उग्र प्रचार के आगे यहां राहुल का सॉफ्ट रुख टिक नहीं सका. बीजेपी की इस जीत में मणिशंकर अय्यर और कपिल सिब्बल जैसे कांग्रेसी नेताओं के बयान ने भी अहम भूमिका निभाई.

अयोध्या विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकार हाशिम अंसारी की तरफ से बतौर वकील पेश हुए कपिल सिब्बल ने जब इस मामले की सुनवाई 2019 के लोकसभा चुनाव तक टालने की बात कही, तो मानो गुजरात में मुश्किल में घिरी बीजेपी को संजिवनी मिल गई. उन्होंने राम मंदिर को लेकर कांग्रेस पर दोहरा रुख रखने की बात जोर-शोर से उछाली.वहीं पीएम मोदी को लेकर मणिशंकर अय्यर की 'नीच' टिप्पणी ने भी कांग्रेस की जड़े खोदने में अहम भूमिका निभाई. कांग्रेस ने भले ही इस बयान के बाद अय्यर को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया, लेकिन पीएम मोदी ने इस बयान को व्यक्तिगत हमले की तरह उछाला और गुजराती वोटरों से भावनात्मक अपील बनाने में कामयाब रहे और गुजरात के रण में कांग्रेस को एक बार फिर धूल चटा दी.

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First published: December 18, 2017, 1:48 PM IST
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