पूर्व IT अधिकारी और BJP नेता का दावा- नोटबंदी के वक्त अकेले सूरत में हुआ था 2 हजार करोड़ का घोटाला

बीजेपी (BJP) के नेता और पूर्व IT अधिकारी पीवीएस शर्मा.
बीजेपी (BJP) के नेता और पूर्व IT अधिकारी पीवीएस शर्मा.

पीवीएस शर्मा ने ट्वीट करके नोटबंदी के समय बैंक में जमा हुए करोड़ों रुपये और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए पैसे बनाने के आरोप कुछ स्थानीय जूलर्स पर लगाए हैं. इसके साथ ही शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी से पूरे प्रकरण की सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की है.

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  • Last Updated: October 22, 2020, 11:16 AM IST
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नई दिल्ली. कालेधन को रोकने के लिए मोदी सरकार (Modi Government) द्वारा 2016 में की गई नोटबंदी (Demonetisation) पर बीजेपी (BJP) के नेता और पूर्व IT अधिकारी पीवीएस शर्मा (PVS Sharma) ने बड़ा दावा किया है. शर्मा का कहना है कि पीएम मोदी देश में कालेधन (Black Money) को रोकने के लिए 2016 में नोटबंदी लेकर आए थे, लेकिन गुजरात के सूरत में कालेधन वालों ने अपने काले धन को सफेद कर लिया. शर्मा ने दावा किया कि सिर्फ सूरत में ही नोटबंदी के दौरान 2 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ था. इस मामले में उन्होंने आयकर अधिकारी, बिल्डर्स, सीए और ज्वैलर्स पर आरोप लगाए हैं.

पीवीएस शर्मा ने ट्वीट करके नोटबंदी के समय बैंक में जमा हुए करोड़ों रुपये और मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए पैसे बनाने के आरोप कुछ स्थानीय जूलर्स पर लगाए हैं. इसके साथ ही शर्मा ने प्रधानमंत्री मोदी से पूरे प्रकरण की सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से जांच कराने की मांग की है. पीवीएस शर्मा ने कहा, नोटबंदी में हुए भ्रष्टाचार पर कुछ स्वार्थी तत्वों ने पर्दा डाल रखा है और ऐसे तत्वों को बेनकाब करना प्रधानमंत्री मोदी का दायित्व है.

कलामंदिर जूलर्स के मालिक ने दी सफाई
बीजेपी नेता के इस दावे के बाद सूरत के जूलर्स और बिल्डर्स में खलबली सी मच गई है. बीजेपी नेता के दावे के बाद कलामंदिर जूलर्स के मालिक मिलन भाई शाह मीडिया के सामने आए और सफाई दी. मिलन भाई ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और वो हर तरह की जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं. मिलन शाह ने कहा कि पीवीएस एक विवादास्पद पूर्व आईटी अधिकारी हैं, जो ट्विटर पर चोरी के दस्तावेज पोस्ट करते हैं, जो एक आपराधिक कृत्य है. हमने वर्ष 2016-17 में हमारी कंपनी की तुलना में 12 गुना अधिक कर का भुगतान किया है, जिसकी जानकारी आरओसी की वेबसाइट पर उपलब्ध है.
उन्होंने शर्मा पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि पूर्व अधिकारी 15 साल में क्यों सेवानिवृत्त हुए और उनके फ्लैट की कीमत 10 करोड़ रुपये से अधिक है. बिना किसी आय के यह कैसे संभव है? कलामंदिर जूलरी रिटेल में सबसे ज्यादा टैक्स देने वाली कंपनी है. हमारा 1300 करोड़ रुपये का कारोबार है. हमारी कंपनी में 400 लोगों का स्टाफ है. हमने कुछ भी गलत नहीं किया.



कांग्रेस ने कही ये बात
पीवीएस शर्मा के इस ट्वीट पर कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया का बयान सामने आया है. मोढवाडिया ने भी एक ट्वीट किया और सूरत के जूलर्स कलामंदिर के जरिए नोटबंदी की रात को 110 करोड़ रुपये का सोना बेचने की बात कही गई.
मोढवाडिया ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया कि नोटबंदी बीजेपी के दोस्तों के लिए वरदान साबित हुई. उन्होंने कहा, 'कला मंदिर जूलर्स ने नोटबंदी के दौरान 110 करोड़ रुपये जमा कराए और आयकर विभाग ने उन पर महज 84 लाख का टैक्स लगाया और इस तरह काला धन सफेद हो गया.'


मोढवाडिया के इस ट्वीट पर शर्मा ने जवाब देते हुए कहा कि यह शख्स (कला मंदिर जूलरी का मालिक) एनसीपी नेता का बेटा है. उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, 'यह काले धन का कल्चर देश को कांग्रेस की देन है. अपने वैचारिक सहयोगी का मजाक मत उड़ाइए.'

कौन है पीवीएस शर्मा?
पीवीएस शर्मा लंबे समय से बीजेपी के नेता है. बीजेपी के टिकट पर शर्मा पार्षद का चुनाव लड़कर जीत हासिल कर चुके हैं. राजनीति में एंट्री करने से पहले शर्मा ने करीब 18 साल आयकल विभाग में सेवा दी है.
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