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गुजरात बजट: 'गायों' पर आधारित खेती करने वाले किसानों को सरकार देगी हर महीने 900 रूपये

गुजरात बजट: 'गायों' पर आधारित खेती करने वाले किसानों को सरकार देगी हर महीने 900 रूपये

वित्त मंत्री ने बताया सरकार इस योजना के तहत करीब 50,000 किसानों को कवर करेगी. (सांकेतिक तस्वीर)

वित्त मंत्री ने बताया सरकार इस योजना के तहत करीब 50,000 किसानों को कवर करेगी. (सांकेतिक तस्वीर)

गुजरात (Gujarat) की भाजपा (BJP) नीत सरकार के 2020-21 के बजट (Budget 2020-21) में किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है. बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है.

    गांधीनगर. गुजरात सरकार (Gujarat Government) "गाय पर आधारित आर्गेनिक खेती" को अपनाने वाले किसानों को हर महीने नौ सौ रूपये की सहायता मुहैया कराएगी. वित्त मंत्री नितिन पटेल (Finance Minister Nitin Patel) ने साल 2020-21 के लिए 2,17,287 करोड़ रूपये का बजट पेश करते हुए यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि सरकार इस योजना के तहत करीब 50,000 किसानों को कवर करेगी.

    पटेल ने कहा, "कीटनाशकों और उर्वरकों के जरूरत से अधिक इस्तेमाल के कारण हुए नुकसान के चलते हालिया समय में प्राकृतिक कृषि उत्पादों की मांग में वृद्धि हुई है. गाय आधारित आर्गेनिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए हम 50 करोड़ रूपये के बजट परिव्यय से इस योजना को शुरू करने जा रहे हैं." वित्त मंत्री ने कहा, "जो भी किसान आर्गेनिक खेती के इस तरीके को अपनाता है उसे प्रति माह 900 रूपये की सहायता दी जाएगी."

    बजट में नए कर का प्रस्ताव नहीं
    गुजरात की भाजपा नीत सरकार के 2020-21 के बजट में किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं किया है. बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया है. बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए 31,955 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य के लिए 11,243 करोड़ रुपये और कृषि क्षेत्र के लिए 7,423 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. राज्य के उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने राज्य विधानसभा में 2020- 21 का बजट पेश किया. अगले वित्त वर्ष के 2,17,287 करोड़ रुपये के इस बजट में 275 करोड़ रुपये अधिशेष रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है.

    पटेल के पास राज्य के वित्त मंत्रालय की भी जिम्मेदारी है. यह उनका आठवां बजट है और इसमें किसी तरह के नए कर का प्रस्ताव नहीं किया गया है. बजट में विकास पर 1,33,283 करोड़ रुपये और विकास से अलग अन्य मदों पर 80,400 करोड़ रुपये व्यय होने का अनुमान है. अगले वित्त वर्ष का बजट पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 12,472 करोड़ रुपये अधिक है.

    शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर जोर
    पटेल ने अपने बजट भाषण शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि पर विशेष जोर देने की बात कही. उन्होंने राज्य में गोमूत्र और गोबर की खाद आधारित खेती को बढ़ावा देने की भी बात कही. इस तरह की खेती पर स्थानांतरित होने वाले प्रत्येक किसान को सरकार की ओर से गायों के पालन-पोषण के लिए 10,800 रुपये की वार्षिक सहायता दी जाएगी. इस योजना के तहत 50,000 किसानों को लाने का लक्ष्य रखते हुए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है.

    प्राथमिक शिक्षा को सुधारने के लिए राज्य के सरकारी स्कूलों में 7,000 नयी कक्षाएं बनाई जायेंगी. इन पर 650 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है. इसके अलावा गुजरात विश्वविद्यालय में भारतीय रक्षा अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) के साथ मिलकर रक्षा अध्ययन संस्थान के लिए सरकार ने सात करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. इसी तरह डीआरडीओ के साथ मिलकर आधुनिक रक्षा प्रौद्योगिकी विभाग शुरू करने के लिए अवसंरचना प्रौद्योगिकी अनुसंधान एवं प्रबंधन संस्थान के लिये 12 करोड़ रुपये रखे गये हैं.

    प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए नई योजना
    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए बजट में 11,243 करोड़ रुपये रखे गये हैं. आयुष्मान भारत योजना के लिए 450 करोड़ रुपये और 150 नयी एंबुलेंस खरीदने के लिए 27 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. इसके अलावा राज्य को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए सरकार ने एक नयी योजना की घोषणा की जिसमें कचरा-प्लास्टिक बीनने वालों को सरकार की ओर से वित्तीय मदद मुहैया करायी जाएगी.

    बजट में दुकानों, कार्यालयों, शीत भंडारगृहों, धार्मिक स्थलों और धर्मशालाओं के लिए बिजली शुल्क कम किया गया है. सरकार ने दुकानों और कार्यालयों के लिए लिए बिजली शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है. इसका लाभ 30 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा और इससे राज्य के खजाने पर 320 करोड़ रुपये का बोझ आएगा.

    वहीं धार्मिक स्थानों के लिए शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर ग्रामीण इलाकों में साढ़े सात प्रतिशत और शहरों में 15 प्रतिशत किया गया है. जबकि धर्मशालाओं के लिए शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर उच्च क्षमता कनेक्शन के लिए 15 प्रतिशत और कम क्षमता कनेक्शन के लिए 10 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है.

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    Tags: BJP, Budget 2020, Gujarat

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