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गुजरात के CM विजय रूपाणी ने कहा- 'प्रवासी कामगारों की गरिमा का रखा ख्याल, सुरक्षित पहुंचाया घर'

News18Hindi
Updated: May 20, 2020, 10:22 AM IST
गुजरात के CM विजय रूपाणी ने कहा- 'प्रवासी कामगारों की गरिमा का रखा ख्याल, सुरक्षित पहुंचाया घर'
सीएम रूपाणी ने कहा, कामगारों की गरिमा का रखा ख्याल

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने कहा, 'मेरी सरकार ने प्रवासी कामगार सहित अन्य लोगों को काम से निकाल नहीं बल्कि 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की मजदूरी प्रदान करने में सफल रहे.'

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अहमदबाद. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupani) ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ने प्रवासी कामगारों (Migrant Workers) की मदद के लिए एक रणनीति बनाई थी. जिसके तहत उन्होंने प्रवासी कामगार सहित अन्य लोगों को काम से निकाल नहीं बल्कि 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की मजदूरी प्रदान करने में सफल रहे. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में सीएम ने बताया कि उन्होंने मजदूरों की परेशानी को कम करने के लिए क्या कदम उठाए. जब उनसे सवाल किया गया कि बिना जांच के प्रवासियों को अपने गृह राज्य में भेजना ठीक होगा क्या?

प्रवासी कामगारों का रखा पूरा ख्याल
इस बात पर रूपाणी ने कहा, 1979 में मोरबी में माछू बांध में हुए हादसे ने मुझे समझा कि गरीब और वंचित वर्गों के लिए संकट का क्या मतलब होता है. आज हम COVID-19 के संकट से जूझ रहे हैं, 1979 का अनुभव ने मुझे सिखाया है कि संकट के समय क्या कदम उठाया जाना चाहिए. मेरी सरकार गुजरात से लाखों प्रवासी कामगारों की वापसी यात्रा में कोई दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रख रही है. संकट के बीच अपने निकट और प्रिय लोगों के साथ होना चाहिए, यही कारण है कि हमने केंद्र सरकार के साथ मिलकर श्रमिक ट्रेनें चलाने का फैसला किया.

सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ पहुंचाया गृह राज्य



गुजरात छोड़ने से पहले और जब वे अपने गृह राज्यों में प्रवेश करते हैं, तब उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है. मेरी सरकार ने इन कामागारों को हर संभव सुविधा के साथ अपने घरों तक पहुंचाने का काम किया है. हमने उन्हें रेलवे स्टेशन तक छोड़ने के लिए बसें प्रदान की हैं. ये बसें और ट्रेनें सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करती हैं. साथ हे यात्रा के दौरान हम उन्हें भोजन और पीने योग्य पानी भी उपलब्ध कराते हैं. गुजरात ने अभी तक 476 विशेष ट्रेनों का संचालन किया है



गैर-राशन कार्ड धारकों को भी दिया मुफ्त में राशन
उन्होंने कहा प्रवासी कामगार राज्य के उद्योग की रीढ़ हैं, इसलिए उनका पूरा ध्यान रखना हमारा कर्तव्य है. आज इस संकट की घड़ी में रोजगार से ज्यादा उनकी सुरक्षा को की सुनिश्चित करना जरूरी है. हालांकि हमने 40 करोड़ रुपये की लागत से श्रम शिविर लगाकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की है. हमने सभी प्रवासी कामगारों और गैर-राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में राशन और भोजन पैकेट प्रदान करने के लिए अन्ना ब्रह्म योजना की शुरुआत की.

गुजरात में कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए चिकित्सा कर्मचारी हैं. हाल ही में हमने अहमदाबाद के सभी निजी अस्पतालों को फिर से खोलने का फैसला किया है.

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First published: May 20, 2020, 10:22 AM IST
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