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गुजरातः विधानसभा चुनाव से पहले हार्दिक ने झटका कांग्रेस का हाथ, ये थीं नाराजगी की बड़ी वजहें

हार्दिक पटेल को कांग्रेस में राहुल गांधी लेकर आए थे. फाइल फोटो

हार्दिक पटेल को कांग्रेस में राहुल गांधी लेकर आए थे. फाइल फोटो

Hardik Patel News: कांग्रेस में हार्दिक पटेल को राहुल गांधी लेकर आए थे. 2019 में शामिल होने के एक साल के अंदर ही उन्हें गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया था. पिछले काफी समय से उनकी नाराजगी साफ दिख रही थी. वो कई बार अपनी अनदेखी की शिकायत कर चुके थे.

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नई दिल्ली. गुजरात कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. गुजरात में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के लिए ये बड़ा झटका माना जा रहा है. हार्दिक का इस्तीफा भले ही अब आया हो, लेकिन पिछले काफी समय से उनकी नाराजगी साफ दिखाई दे रही थी. वो कई बार सार्वजनिक तौर पर पार्टी में अपनी अनदेखी किए जाने की शिकायत कर चुके थे. कांग्रेस के हालिया उदयपुर चिंतन शिविर में भी हार्दिक नहीं पहुंचे. कहा तो यहां तक गया कि उन्हें बुलाया ही नहीं गया था. सवाल उठता है कि हार्दिक की नाराजगी की क्या वजह रही, जिसकी वजह से उन्हें पार्टी छोड़ने जैसा फैसला लेना पड़ा.

कांग्रेस में हार्दिक की अनदेखी!
कांग्रेस में हार्दिक पटेल को राहुल गांधी लेकर आए थे. 2019 में शामिल होने के एक साल के अंदर ही उन्हें गुजरात कांग्रेस का कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया था. उन्हें ये पद तो पार्टी ने दे दिया, लेकिन राज्य के पुराने कांग्रेसी दिग्गजों ने हार्दिक को कभी दिल से स्वीकार नहीं किया. लंबा समय बीतने के बाद भी हार्दिक को फुलटाइम प्रदेश अध्यक्ष नहीं बनाया गया. हार्दिक लंबे समय से कांग्रेस के स्थानीय नेताओं पर अनदेखी का आरोप लगा रहे थे. हार्दिक का आरोप था कि कांग्रेस में शामिल हुए 3 साल बीतने के बाद भी गुजरात कांग्रेस उन्हें फैसले लेने के प्रक्रिया में शामिल नहीं करती. मार्च में प्रदेश कांग्रेस ने 75 महासचिव और 25 उपाध्यक्ष नियुक्त किए थे. हार्दिक का आरोप है कि इस पर उनसे चर्चा तक नहीं की गई. हार्दिक ने पिछले साल निकाय चुनावों के टिकट वितरण में भी अनदेखी का आरोप लगाया था.

नरेश पटेल पर ‘मेहरबानी’ रास न आई
हार्दिक पटेल कांग्रेस पार्टी में पटेलों के बड़े चेहरे नरेश पटेल को शामिल कराए जाने की खबरों से भी परेशान थे. दरअसल गुजरात में पाटीदार या पटेल समुदाय चुनाव में निर्णायक भूमिका अदा करता है. कांग्रेस में अब तक हार्दिक पटेल ही सबसे बड़े पटेल चेहरे थे. उन्होंने नरेश पटेल को पार्टी में लाए जाने की कोशिशों का पुरजोर विरोध किया, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व नरेश से लगातार बात करता रहा. खबरें हैं कि उनको पार्टी में लेने पर सहमति बन गई है.

नरेश पटेल की कांग्रेस में एंट्री जल्द!
नरेश लेऊवा पटेल हैं, जबकि हार्दिक कड़वा पटेल. नरेश बड़े उद्योगपति भी हैं. लेऊवा पटेल वोटरों की संख्या भी ज्यादा है और नरेश की अपनी बिरादरी में इज्जत और पैठ भी बहुत ज्यादा है, क्योंकि वो खोडल धाम ट्रस्ट के अध्यक्ष भी हैं. नरेश का सामाजिक कार्यों को वजह से बहुत रसूख है. हार्दिक को लगता था कि नरेश की एंट्री से उनकी पार्टी में पूछ और घट जायेगी. नरेश के पक्ष में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी पैरवी कर चुके थे. उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के सामने अपने प्रेजेंटेशन में नरेश को पार्टी में शामिल करने की वकालत की थी. अनौपचारिक बातचीत में स्वीकार कर चुके हैं कि राहुल गांधी नरेश पटेल को पार्टी में लाने के लिए हरी झंडी दे चुके हैं. सूत्रों का दावा है कि जल्द ही नरेश पटेल कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं.

उदयपुर शिविर का न्योता तक नहीं
कांग्रेस ने हाल ही में उदयपुर में चिंतन शिविर का आयोजन किया. उसमें करीब 400 छोटे-बड़े नेता शामिल हुए. लेकिन हार्दिक नहीं आए. कांग्रेस पार्टी का दावा है कि उनको बुलाया ही नहीं गया था, क्योंकि वो आमंत्रण की किसी भी कैटेगरी में नहीं आते. हालांकि हार्दिक जैसे ही युवा नेता कन्हैया कुमार कमेटी के सदस्य के रूप में चिंतन शिविर में शामिल रहे. हार्दिक के करीबियों ने दावा किया था कि उनको अलग से निमंत्रण मिला था, लेकिन उन्होंने खुद ही जाने से इंकार कर दिया.

‘केसों में बीजेपी ने साथ दिया, कांग्रेस ने नहीं’
हार्दिक अपने खिलाफ दर्ज केसों में पार्टी का साथ न मिलने का भी आरोप लगाते रहे हैं. उनके खिलाफ 28 केस दर्ज हैं. इनमें से 2 देशद्रोह के हैं. फरवरी में हार्दिक ने ऐलान किया था कि अगर 2015 के आरक्षण आंदोलन के दौरान पाटीदारों पर दर्ज मामले वापस नहीं लिए गए तो वह 23 मार्च से आंदोलन करेंगे. इसके बाद गुजरात सरकार ने हार्दिक के खिलाफ मामले वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी, लेकिन कांग्रेस ने कोई तवज्जो नहीं दी. अब गुजरात सरकार की पैरवी पर अहमदाबाद सेशन कोर्ट ने हार्दिक के खिलाफ दर्ज दंगे का केस वापस लेने पर मुहर लगा दी है.

अब आगे क्या करेंगे हार्दिक पटेल?
अब बड़ा सवाल ये है कि हार्दिक पटेल का अगला कदम क्या होगा. अटकलें हैं कि वो बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. पिछले कुछ दिनों से वह बीजेपी की नीतियों की तारीफ कर रहे हैं. बुधवार को कांग्रेस पार्टी से इस्तीफे में भी उन्होंने बीजेपी और मोदी सरकार के फैसलों की वाहवाही की. उन्होंने लिखा कि अयोध्या में राम मंदिर हो, सीएए-एनआरसी का मुद्दा हो, कश्मीर में अनुच्छेद 370 हो या जीएसटी लागू करने का निर्णय… देश लंबे समय से इन समस्याओं का समाधान चाहता था लेकिन कांग्रेस पार्टी सिर्फ इसमें एक बाधा बनने का काम करती रही.

Tags: Gujarat, Gujarat Congress, Hardik Patel

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