गुजरात पुलिस को नहीं मिली पूर्व IPS संजीव भट्ट की रिमांड, जेल भेजा गया

News18Hindi
Updated: September 7, 2018, 3:22 PM IST
गुजरात पुलिस को नहीं मिली पूर्व IPS संजीव भट्ट की रिमांड, जेल भेजा गया
पूर्व IPS संजीव भट्ट ( फाइल फोटो)
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Updated: September 7, 2018, 3:22 PM IST
विजयसिंह परमार

गुजरात के पालनपुर की एक अदालत ने आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट को पुलिस रिमांड पर देने से इनकार कर दिया. भट्ट को उनके अधीन तैनात एक पालनपुर थाने के पुलिस इंस्पेक्टर के साथ  22 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी सीआईडी की आपराध शाखा ने इसी बुधवार को  की थी.

सीआईडी ने दोनों आरोपियों को अपराध शाखा ने अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट वी आर चारण की अदालत में पेश करके दोनों को 14 दिनों के रिमांड की मांग की थी. न्यायालय में बचाव पक्ष ने दलील दी कि मामला दो दशक से ज्याद पुराना है और इससे जुड़ी एक याचिका उच्चतम न्यायालय में है. चार घंटे तक दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट ने सीआईडी की मांग खारिज करते हुए दोनों आरोपियों को  न्यायिक हिरासत में पालनपुर जेल भेज दिया.

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सीआईडी के मुताबिक भट्ट के नेतृत्व में बनासकांठा पुलिस ने वकील सुमेर सिंह राजपुरोहित को करीब एक किलोग्राम मादक पदार्थ रखने के आरोप में 1996 में गिरफ्तार किया था.और उन पर ड्रग्स रखने के आरोप लगाए थे. भट्ट उस वक्त जिले के पुलिस अधीक्षक थे और व्यास उनके मातहत थाने के इंस्पेक्टर थे.

पुलिस और सीआईडी ने मामले की जांच के बाद पाया कि राजपुरोहित को इस मामले में बनासकांठा पुलिस ने कथित तौर पर फंसाया था, ताकि उसे राजस्थान के पाली स्थित अपनी विवादित संपत्ति हस्तांतरित करने के लिए बाध्य किया जा सके.

बाद में ‘अनाधिकृत तौर पर ड्यूटी से गैरहाजिर रहने’ के आधार पर 2015 में केंद्रीय गृहमंत्रालय ने संजीव भट्ट को बर्खास्त कर दिया था. वे सोशल मीडिया में सत्ताधारी बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कटु आलोचक भी रहे. उनकी पत्नी श्वेता भट्ट अहमदाबाद की मणिनगर विधान सभा सीट से 2012 में कांग्रेस के टिकट पर नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव भी लड़ चुकी हैं, हालांकि वे हार गई थीं.
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