गुजरात: चक्रवात निसर्ग के पहुंचने से पहले तटीय इलाकों से निकाला गया हजारों लोगों को

गुजरात: चक्रवात निसर्ग के पहुंचने से पहले तटीय इलाकों से निकाला गया हजारों लोगों को
Nisarga Cyclone: गुजरात (Gujarat) के वलसाड और नवसारी जिलों के तटीय इलाकों में रहने वाले करीब 43,000 लोगों को वहां से हटा कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

Nisarga Cyclone: गुजरात (Gujarat) के वलसाड और नवसारी जिलों के तटीय इलाकों में रहने वाले करीब 43,000 लोगों को वहां से हटा कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

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अहमदाबाद. चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ (Nisarga Cyclone) के राज्य में पहुंचने से पहले ही गुजरात के वलसाड और नवसारी जिलों के तटीय इलाकों में रहने वाले करीब 43,000 लोगों को वहां से हटा कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. राज्य सरकार ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 13 दल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) के छह दलों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया गया है. सरकार ने कहा कि एनडीआरएफ के पांच और बलों को बुलाया गया है.

छाए घने बादल, चल रही हैं हवाएं
वलसाड के कलेक्टर आर. आर. रवाल ने कहा, हमने अभी तक तटीय इलाकों पर रहने वाले करीब 32,000 लोगों को अस्थायी आश्रय गृहों में भेजा है. अभी बादल छाए हैं लेकिन हवा चलनी अभी शुरू नहीं हुई है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि नवसारी जिले के विभिन्न गांवों से करीब 11,000 लोगों को निकाला गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने चक्रवात के गुजरात के तट पर ना पहुंचने का भी संकेत दिया है और कहा है कि राज्य के तटीय इलाकों में तेज हवाएं चलने और भारी बारिश के साथ इसका असर जरूर दिखेगा.

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गोवा में भी हो रही लगातार बारिश


अरब सागर में कम दबाव का क्षेत्र बनने से गोवा में बुधवार सुबह से भारी बारिश के साथ ही तेज हवाएं भी चल रही हैं. भारी बारिश के चलते इस तटीय राज्य के कुछ निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है. गोवा सरकार द्वारा नियुक्त एक जीवन रक्षा एजेंसी ‘दृष्टि’ ने लोगों से समुद्र में नहीं जाने की अपील की है और 105 किलोमीटर लंबी राज्य तटीय रेखा के पास अधिकांश स्थानों पर लाल झंडे लगाए हैं.

गोवा तटों पर 50-60 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने मंगलवार शाम को कहा था कि अगले 24 घंटे में कर्नाटक-गोवा तटों पर और पूर्वी मध्य अरब सागर के पास 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की आशंका है. इसके चलते राज्य के कई निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई. पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, कई सड़कें डूब गई. सड़कों पर जाम कम है क्योंकि लोग घरों में ही रह रहे हैं.

 

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First published: June 3, 2020, 1:45 PM IST
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