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1984 में दो सीटों में से एक सीट यहां जीती थी बीजेपी, हार्दिक के बावजूद बचाया गढ़

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Updated: December 18, 2017, 11:40 PM IST
1984 में दो सीटों में से एक सीट यहां जीती थी बीजेपी, हार्दिक के बावजूद बचाया गढ़
गुजरात के हाईप्रोफाइल चुनाव में सबकी की नजरें मेहसाणा जिले पर भी टिकी हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह जिले मेहसाणा में भाजपा कार्यकर्ता इस बात को लेकर आशंकित थे कि पाटीदारों की नाराजगी पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकती है. ले

गुजरात के हाईप्रोफाइल चुनाव में सबकी की नजरें मेहसाणा जिले पर भी टिकी हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह जिले मेहसाणा में भाजपा कार्यकर्ता इस बात को लेकर आशंकित थे कि पाटीदारों की नाराजगी पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकती है. ले

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गुजरात के हाईप्रोफाइल चुनाव में सबकी की नजरें मेहसाणा जिले पर भी टिकी हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह जिले मेहसाणा में बीजेपी कार्यकर्ता इस बात को लेकर आशंकित थे कि पाटीदारों की नाराज़गी पार्टी की संभावनाओं को नुक़सान पहुंचा सकती है. लेकिन हार्दिक पटेल के बावजूद बीजेपी अपने गढ़ को बचाने में कामयाब रही है.

दरअसल, मेहसाणा को बीजेपी का गढ़ माना जाता है. 1984 के आम चुनावों में बीजेपी ने पूरे देश में सिर्फ दो सीटें जीती थीं, उसमें एक सीट मेहसाणा की थी. यहां इस बार डिप्टी सीएम और बीजेपी के कद्दावर नेता नितिन पटेल अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं. शुरुआती दौर में पिछड़ने के बाद पटेल ने कांग्रेस के जीवाभाई पटेल को सात हज़ार से ज्यादा वोटों से हरा दिया.

-मेहसाणा में साल 1990 से बीजेपी ने कोई चुनाव नहीं हारा है.
-2012 में नितिन पटेल ने कांग्रेसी उम्मीदवार पटेल नटवरलाल पीतांबरदास को 24205 वोटों के अंतर से हराया था.

-आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद नितिन पटेल का मुख्यमंत्री चुना जाना तय माना जा रहा था, लेकिन ऐन मौके पर मोदी-शाह की जोड़ी ने चौंकाते हुए विजय रुपाणी की ताजपोशी करा दी थी.
-पिछले साल ही नितिन पटेल को गुजरात का उपमुख्यमंत्री बनाया गया है.

मेहसाणा में 28 फीसदी पाटीदार हैं. ऐसे में बीजेपी के पास केवल मेहसाणा नहीं बल्कि जिले की सभी सात सीटों पर अपना गढ़ बचाने की चुनौती थी. पिछले चुनाव में मेहसाणा में बीजेपी ने पांच और कांग्रेस ने दो सीटें जीती थी.
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मेहसाणा में इस बार भी बीजेपी ने पांच सीटें जीतीं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृहनगर के तहत आने वाली ऊंझा सीट पर भगवा परचम नहीं लहराया. यहां से कांग्रेस की आशा पटेल ने बीजेपी के दिग्गज नेता नारायण भाई को करारी शिकस्त दी. इसके अलावा बेचारजी सीट पर भी कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी रहा.

बीजेपी ने मेहसाणा के अलावा खेरालू, विसनगर, कडी और वीजापुर में जीत हासिल करते हुए पार्टी के गढ़ को बचा लिया.

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First published: December 18, 2017, 11:20 PM IST
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