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गुजरात के डॉ. दंपति गर्भपात ना कराने की देते हैं सीख, विवाह से पहले जन्मे 7 बच्चों को लिया गोद

Representative image. (News18)

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Gujarat News: ठक्कर दंपति अब तक ऐसी सात लड़कियों के बच्चों को गोद लेकर उनकी परवरिश कर रहे हैं, जो कुंवारी मां बनी थीं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 1, 2021, 12:14 PM IST
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नई दिल्ली. गुजरात में एक डॉक्टर दंपति गर्भपात के खिलाफ मुहिम छेड़ते हुए इसकी एक नई परिभाषा तय कर रहे हैं. दरअसल डॉक्टर यामिनी और हितेष कुंवारी माताओं को इसके लिए प्रेरित करते हैं कि वे गर्भपात ना करवाएं, बल्कि अपने बच्चे को जन्म दें. इतना ही नहीं. ये डॉक्टर दंपति उन कुंवारी माताओं के बच्चे को गोद लेकर उनकी देखरेख भी करते हैं.

भास्कर में छपी खबर के मुताबिक, गुजरात में कच्छ के अंजार में ये ठक्कर दंपति अपना अस्पताल चलाते हैं, लेकिन यहां इलाज के साथ-साथ सामाजिक व पारिवारिक परेशानियों को दूर करने पर भी काम होता है. ठक्कर दंपती अब तक ऐसी सात लड़कियों के बच्चों को गोद लेकर उनकी परवरिश कर रहे हैं, जो कुंवारी मां बनी थीं.

अपने इस अनोखी पहल पर दंपति ने कहा, 'संबंधों में लक्ष्मण रेखाएं पार करने से लड़की के साथ ही उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है. और फिर चरित्र पर दाग लगने के डर व परिवार के दबाव में वे गर्भपात कराने के लिए तैयार हो जाती हैं.' ठक्कर दंपति ने बताया कि वे लोग इन्हीं लड़कियों को यह समझाने की कोशिश करते हैं कि वे गर्भपात ना कराएं और बच्चे को जन्म दें. डॉक्टर दंपति ने कहा, 'यदि बच्चे के जन्म के बाद लड़की उसे स्वीकार नहीं करती हैं, तो हम उसे कानून तौर पर गोद ले लेते हैं.'



ऐसी ही एक घटना का जिक्र करते हुए दंपति ने कहा कि शादी के बाद लड़की के ससुराल पहुंची. फिर उसके ससुर को कहीं से मालूम हुआ कि पुत्रवधू की एक संतान है जिसकी देखरेख डॉक्टर दंपति कर रहे हैं. इसके बाद वे डॉक्टर दंपति के पास पहुंचे और कहा कि वे बच्चे को अपने पास रखना चाहते हैं और फिर दंपति ने बच्चे को उनके परिवार को सौंप दिया.
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