गुजरात के कोरोना वॉरियर्स का बेटा ईरानी बंदरगाह पर फंसा, मदद को आगे आई सरकार

ध्येय के माता-पिता दीप्ति बेन और कमलभाई.

ध्येय के माता-पिता दीप्ति बेन और कमलभाई.

भावनगर (Bhavnagar) सरकारी अस्पताल में अपना जीवन जोखिम में डालकर कोरोना वॉरियर्स (Corona warriors) के रूप में सेवा करने वाले एक डॉक्टर दंपति कई लोगों का सहारा बन गए हैं. लेकिन उनके युवा बेटे ध्येय कमलभाई हलवदीया पिछले छह महीने से भूमध्य सागर में अपने साथियों के साथ ईरान में फंसे हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 5:23 PM IST
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भावनगर. कोरोना (Covid-19) का राक्षसी पंजा वर्तमान में दुनिया भर में लाखों लोगों का जीवन खत्म कर रहा है. गुजरात के भावनगर की स्थिति भी विकट है. ऐसे समय में भावनगर सरकारी अस्पताल में अपना जीवन जोखिम में डालकर कोरोना वॉरियर्स के रूप में सेवा करने वाले एक डॉक्टर दंपति कई लोगों का सहारा बन गए हैं. लेकिन उनके युवा बेटे ध्येय कमलभाई हलवदीया पिछले छह महीने से भूमध्य सागर में अपने साथियों के साथ ईरान में फंसे हुए हैं. जहाज मूल कार्गो मालिक और एजेंट के बीच मतभेद के कारण ईरानी बंदरगाह पर फंसा हुआ है.

वर्तमान में एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत वायरल है. इसमें ध्येय कमलभाई हलवदिया बीच समुद्र से जीवन बचाने के लिए मदद मांगते देखे जा रहे हैं. वह भावनगर, गुजरात के निवासी हैं. उनकी मां दीप्ति बेन और पिता कमलभाई भावनगर सरकारी अस्पताल में कोरोना वॉरियर्स के रूप में चिकित्सा सेवा कर रहे हैं. हालांकि, कई जगहों पर उनकी अपील के बाद यह मामला भारत सरकार के पास पहुंच गया है. सरकार मदद के लिए आगे आई है.

सोशल मीडिया पर मांगी मदद

मदद के लिए ध्येय ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कहा, 'हम 19 अक्टूबर, 2020 को ईरान के बंदरगाह पर कार्गो लोडिंग के लिए पहुंचे थे.' शिपिंग एजेंट, जहाज के मालिक और कार्गो मालिक के बीच मतभेद पैदा होने के बाद जहाज के एजेंट ने चालक दल के सभी सदस्यों के सीडीसी, पासपोर्ट और जहाज के दस्तावेज छीन लिए. अब हम लोग पिछले छह महीने से ईरान के बंदरगाह अब्बास पोर्ट पर फंसे हुए हैं. हम चाहते हैं कि घर जाएं लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही.'
केंद्रीय मंत्री ने दिया हरसंभव मदद का आश्वासन

केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने इस मामले पर कहा है कि मंत्रालय को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. भारतीय दूतावास और उनके परिवार के बीच भी बातचीत शुरू हो गई है. सरकार हर संभव प्रयास कर रही है. यही नहीं, केंद्रीय मंत्री मांडविया ने ध्येय के परिवार से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि आप चिंतित न हो, भारत सरकार मदद करेगी और ध्येय सहित सभी भारतीय सुरक्षित घर लौट आएंगे.
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